मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक वारदात में 32 वर्षीय युवक प्रेम सिंह गोंड ने डंडे से हमला करके अपनी मां, नाना, नानी और ममेरी बहन की हत्या कर दी। घटना सरई पुलिस चौकी क्षेत्र से करीब 60 किलोमीटर दूर तथा उमरिया जिले के घनघुटी गांव से लगभग 16 किलोमीटर पहले स्थित छोटी तुम्मी ग्राम पंचायत के आमोदा गांव में सामने आई। युवक के इस अचानक और बेकाबू हमले में परिवार के चार अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पुजारी पर रात में हमला करने के बाद बांधा गया था युवक
आमोदा गांव में प्रेम सिंह गोंड पिछले कुछ दिनों से अपनी मां अनूपिया बाई के साथ अपने नाना-नानी के मकान में ठहरा हुआ था। शुक्रवार की देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच उसने अचानक गांव के मंदिर के 62 वर्षीय पुजारी गंगा सिंह पर डंडे से वार कर दिया। इस हमले में मंदिर के पुजारी बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की मदद से तत्काल उपचार के लिए अस्पताल रवाना किया गया।
पुजारी के साथ हुई मारपीट की इस घटना के बाद ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने अनहोनी से बचने के लिए प्रेम सिंह गोंड के हाथ और पैर रस्सी से बांध दिए और उसे घर के निकट बैठा दिया। आधी रात के हंगामे के बाद युवक कुछ घंटों तक बिल्कुल शांत बैठा रहा। शनिवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच उसकी 50 वर्षीय मां अनूपिया बाई को यह आभास हुआ कि बेटे का गुस्सा शांत हो चुका है और वह अब किसी पर हमला नहीं करेगा। इसी विश्वास में मां ने बेटे के हाथ-पांव में बंधी रस्सी खोल दी।
रस्सी खुलते ही डंडे से किया ताबड़तोड़ वार
बंधन से मुक्त होते ही प्रेम सिंह गोंड ने पास में पड़ा डंडा उठा लिया और अपनी 70 वर्षीय नानी भन्नी बाई गोंड पर प्रहार करना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने दौड़े 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड पर भी उसने लगातार वार किए, जिससे बुजुर्ग दंपती लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। अपने पिता और मां को पिटते देख अनूपिया बाई भी बीच-बचाव के लिए आगे आईं, लेकिन सिरफिरे बेटे ने अपनी ही मां पर डंडे बरसा दिए।
घर के भीतर मची अफरातफरी के दौरान युवक ने अपने मामा और उनकी बेटियों पर भी प्रहार करना शुरू कर दिया। घटनास्थल पर ही संपत सिंह गोंड, भन्नी बाई और अनूपिया बाई ने दम तोड़ दिया। हमले की शिकार हुई ममेरी बहन मोनिका को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी सांसें थम गईं। इस तरह परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई।
मामा और तीन बच्चियां भी लहूलुहान, शहडोल में भर्ती
इस खूनी संघर्ष में प्रेम सिंह के मामा चैन सिंह और उनकी बेटियां भी बुरी तरह जख्मी हुईं। हमले के वक्त चैन सिंह की बड़ी बेटी किसी तरह जान बचाकर जंगल की ओर भागी और उसने बाहर मौजूद पिता को घर के अंदर चल रहे जानलेवा हमले की जानकारी दी। चैन सिंह जब घर पहुंचे तो आरोपी ने उन पर भी हमला बोल दिया, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया और सिर पर गहरी चोट आई।
चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर जमा हुए और उन्होंने किसी तरह आरोपी प्रेम सिंह गोंड को दबोचकर दोबारा रस्सियों से बांधा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने घटनास्थल का मुआयना किया और मौके पर फॉरेंसिक टीम को तलब किया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए। घायलों को इलाज के लिए शहडोल के मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चैन सिंह की एक अन्य बच्ची भारती की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में रखा गया है।
पारिवारिक तनाव और बीमारी की पृष्ठभूमि
घायल चैन सिंह ने घटना की पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बहन अनूपिया का ससुराल उमरिया जिले के नौरोजाबाद के निकट स्थित मरदरी गांव में है। लगभग पांच साल पहले उनके पति का देहांत हो गया था। अनूपिया के दो बेटे हैं, जिनमें प्रेम सिंह बड़ा है। प्रेम सिंह की शादी हो चुकी थी, लेकिन वह अपनी पत्नी के साथ अक्सर मारपीट किया करता था, जिसके चलते करीब तीन वर्ष पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर अलग रहने चली गई थी।
चैन सिंह के अनुसार, प्रेम सिंह की मानसिक स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं चल रही थी। अनूपिया बाई खुद भी अस्वस्थ चल रही थीं और अपना इलाज कराने के सिलसिले में करीब एक सप्ताह पूर्व अपने मायके आमोदा आई थीं। वहीं प्रेम सिंह वारदात से केवल तीन दिन पहले ही आमोदा पहुंचा था, जहां शुक्रवार रात पुजारी पर हमले और शनिवार तड़के रस्सी खोले जाने के बाद यह भयानक हत्याकांड घटित हो गया।





















