मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई महिला ज्योति चौरसिया की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस जघन्य हत्याकांड की साजिश मृतका के पति लखन जोशी ने अपने एक करीबी दोस्त सोनू कुशवाहा के साथ मिलकर तैयार की थी। वारदात को अंजाम देकर दोनों आरोपी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल होने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी करते हुए उन्हें महोबा के समीप दबोच लिया।
महोबा सीमा से हुई दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद लखन जोशी और उसका सहयोगी सोनू कुशवाहा मोटरसाइकिल पर सवार होकर भाग निकले थे। दोनों उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की तरफ जा रहे थे, तभी पुलिस की सक्रिय टीम ने उन्हें रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दल ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त घातक हथियार और भागने के लिए इस्तेमाल की गई बाइक को भी विधिवत जब्त कर लिया है।
प्रेम विवाह और पारिवारिक कलह की पृष्ठभूमि
जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि लखन जोशी और ज्योति चौरसिया मूल रूप से महाराजपुर इलाके के निवासी थे। दोनों ने लगभग 7 से 8 साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ वर्षों तक सब सामान्य रहने के बाद पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। पति और पत्नी के बीच लगातार पारिवारिक झगड़े बढ़ रहे थे, जिसने धीरे-धीरे गंभीर रंजिश का रूप धारण कर लिया।
बच्चों की कस्टडी को लेकर गहराया था विवाद
जांच के अनुसार, पति-पत्नी के बीच मुख्य विवाद बच्चों को अपने पास रखने को लेकर था। आरोपी पति लखन चाहता था कि बच्चे उसके साथ रहें, जबकि पत्नी ज्योति इस बात के लिए कतई सहमत नहीं थी। इस बात को लेकर आए दिन दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होती रहती थी। इसी खींचतान और नाराजगी के चलते पति ने अपने साथी के साथ मिलकर पत्नी पर जानलेवा हमले की पूरी योजना तैयार कर ली।
नाक काटने का था इरादा, चाकू के वार से गई जान
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बयान दिया कि उसका इरादा केवल पत्नी की नाक काटने का था, ताकि उसे सबक सिखाया जा सके। हालांकि, चाकू से किए गए घातक वार के कारण ज्योति की मौके पर ही जान चली गई। वहीं दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम में जमीन विवाद से जुड़ा पहलू भी चर्चा में आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सभी संभावित कोणों से मामले की गहन तफ्तीश कर रहे हैं, और जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उन्हें आधिकारिक केस डायरी में दर्ज किया जाएगा।



















