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पन्ना में झांसी के दंपति की चमकी किस्मत, खदान से दो दिन में मिले चार हीरेमध्य प्रदेश
2 अक्तू॰ 2026, 8:28 pm (26 मिनट पहले)· 0

पन्ना में झांसी के दंपति की चमकी किस्मत, खदान से दो दिन में मिले चार हीरे

झांसी से पन्ना आकर खदान में पसीना बहा रहे राजकुमार श्रीवास और गुड्डी देवी को दो दिनों के भीतर चार हीरे मिले हैं, जिनका कुल वजन 5 कैरेट 16 सेंट है।

मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर मेहनत करने वालों की उम्मीदों को पंख लगाने की वजह से चर्चा में है। उत्तर प्रदेश के झांसी से पन्ना पहुंचे एक साधारण परिवार की लगन आखिरकार रंग लाई है। लगातार पांच महीनों की कड़ी मशक्कत के बाद इस दंपति को केवल अड़तालीस घंटों के भीतर एक के बाद एक चार चमकदार हीरे हाथ लगे हैं। अपनी ससुराल में रहकर खदान की खुदाई कर रहे परिवार के लिए यह सफलता किसी वरदान से कम नहीं है, जिसने उनके भविष्य के सपनों को नई रोशनी दी है।

ससुराल पहुंचकर शुरू की थी खदान में खुदाई

झांसी के रहने वाले राजकुमार श्रीवास और उनकी पत्नी गुड्डी देवी ने करीब पांच माह पहले पन्ना आने का फैसला किया था। गुड्डी देवी का मायका पन्ना में ही है। उन्होंने ही अपने पति को सलाह दी थी कि पन्ना चलकर खदान में मेहनत करते हैं, जहां किस्मत आजमाने पर हीरे मिल सकते हैं। पत्नी की बात पर भरोसा जताते हुए राजकुमार झांसी से पन्ना आ गए और अपने ससुराल में रहकर आजीविका की नई राह तलाशने लगे। इसके बाद उन्होंने विधिवत प्रक्रिया अपनाते हुए सरकोहा क्षेत्र की निजी जमीन पर हीरा कार्यालय से खनन का पट्टा प्राप्त किया। पट्टा मिलने के बाद पति-पत्नी ने बिना रुके लगातार मिट्टी और पत्थरों के बीच खुदाई का काम जारी रखा।

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दो दिनों के भीतर बाहर निकले चार चमकदार हीरे

पांच महीने तक बिना थके पसीना बहाने के बाद अचानक उनकी मेहनत सफल हो गई। महज दो दिनों के अंतराल में खदान से चार हीरे बरामद हुए। इन चारों हीरों का अलग-अलग वजन 1.44 कैरेट, 1.62 कैरेट, 1.29 कैरेट और 0.81 कैरेट दर्ज किया गया है। जब इन चारों का कुल भार मापा गया, तो वह 5 कैरेट 16 सेंट निकला। इन सभी रत्नों को नियमानुसार पन्ना स्थित हीरा कार्यालय में विधिवत जमा करवा दिया गया है। बाजार के जानकारों और अधिकारियों के मुताबिक इन हीरों का अनुमानित मूल्य करीब दो से तीन लाख रुपये के आसपास आंका गया है।

नीलामी से मिलने वाले पैसों से संवरेगा बच्चों का भविष्य

राजकुमार श्रीवास बताते हैं कि उन्होंने पन्ना की धरती से हीरे निकलने की कहानियां पहले जरूर सुनी थीं, लेकिन उन्हें इस बात का कतई अंदाजा नहीं था कि उनकी अपनी जिंदगी भी इस तरह करवट ले लेगी। पत्नी के सुझाव पर उठाए गए इस कदम ने पूरे परिवार की दशा बदलने की उम्मीद जगाई है। नियमों के तहत आगामी शासकीय हीरा नीलामी में इन चारों हीरों को बोली के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रॉयल्टी और टैक्स काटकर जो भी राशि बचेगी, वह सीधे खदान धारक परिवार को सौंप दी जाएगी। राजकुमार और गुड्डी देवी का कहना है कि इस मिलने वाली धनराशि का उपयोग वे अपने परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए करेंगे।

इलाके में पहले भी मिले हैं कीमती रत्न

पन्ना की खदानों में स्थानीय लोगों और मजदूरों द्वारा पत्थर तलाशने का काम लंबे समय से चलता रहा है। कुछ समय पहले भी इसी क्षेत्र में एक किसान को जेम्स क्वालिटी का 4.70 कैरेट का हीरा मिला था, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 15 लाख रुपये बताया गया था। इसके अलावा 27.29 कैरेट का बेहद कीमती हीरा और सात मजदूरों को 16.96 कैरेट का बड़ा हीरा मिलने की घटनाएं भी दर्ज हो चुकी हैं। राजकुमार और गुड्डी देवी अब भी अपनी खदान में काम जारी रखने का इरादा रखते हैं, ताकि आने वाले दिनों में उनकी मेहनत से परिवार की खुशहाली और बढ़ सके।

सवाल-जवाब

पन्ना में किन लोगों को हीरे मिले हैं?
उत्तर प्रदेश के झांसी से पन्ना आए राजकुमार श्रीवास और उनकी पत्नी गुड्डी देवी को ये हीरे मिले हैं।
दंपति को कितने हीरे मिले और उनका कुल वजन कितना है?
दंपति को कुल चार हीरे मिले हैं, जिनका सम्मिलित वजन 5 कैरेट 16 सेंट है।
चारों हीरों का अलग-अलग वजन क्या है?
चारों हीरों का वजन क्रमशः 1.44 कैरेट, 1.62 कैरेट, 1.29 कैरेट और 0.81 कैरेट है।
खदान किस जगह पर स्थित है और कितने समय से काम चल रहा था?
यह खदान पन्ना के सरकोहा में निजी जमीन पर स्थित है, जहां दंपति पिछले पांच महीने से खुदाई कर रहे थे।
इन हीरों की अनुमानित कीमत कितनी आंकी गई है?
इन चार हीरों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग दो से तीन लाख रुपये आंकी गई है।
हीरे मिलने के बाद क्या प्रक्रिया अपनाई गई?
नियमों के तहत चारों हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है, जहां से इन्हें आगामी नीलामी में रखा जाएगा।
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