मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में स्थित मझगाय बांध परियोजना के विस्थापितों को मिलने वाले मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका है। रुंझ और मझगाय बांध से प्रभावित ग्रामीणों के समर्थन में शुक्रवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हनुमतपुर पुलिस चौकी का घेराव किया। इस घेराव का नेतृत्व मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष अभिषेक परमार कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गई जब अभिषेक परमार और अजयगढ़ थाना प्रभारी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के साथ धक्का-मुक्की की नौबत आ गई।
विस्थापितों के समर्थन में तीन घंटे तक चला घेराव
हनुमतपुर पुलिस चौकी के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने करीब तीन घंटे तक जोरदार धरना दिया। प्रदर्शनकारी ग्रामीण विस्थापितों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का कड़ा विरोध कर रहे थे और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए थे। कार्यकर्ताओं ने चौकी परिसर के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इस दौरान दोनों पक्षों में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही और पुलिस बल पूरे समय मुस्तैद रहा ताकि कानून व्यवस्था को काबू में रखा जा सके।
तीन दिन पहले हुई झड़प और 13 लोगों पर केस
इस पूरे राजनीतिक हंगामे की पृष्ठभूमि तीन दिन पहले तैयार हुई थी, जब पुलिस मजगाये क्षेत्र में अमित भटनागर और दिव्या अहिरवार को गिरफ्तार करने पहुंची थी। उस समय पुलिस की कार्रवाई का ग्रामीणों ने भारी विरोध किया था। दिव्या अहिरवार को हिरासत में लेने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक टकराव शुरू हो गया था, जिसमें ग्रामीणों ने पुलिस दल पर पथराव और हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके चलते कई आंदोलनकारियों को चोटें आईं। इस घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए अमित भटनागर और दिव्या अहिरवार समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने और अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने दिव्या अहिरवार को हिरासत में लिया, जबकि अमित भटनागर ने अपने 8 समर्थकों के साथ थाने पहुंचकर सामूहिक गिरफ्तारी दी थी।
जीतू पटवारी की चेतावनी और एफआईआर की मांग
शुक्रवार को चल रहे धरने के दौरान युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने पुलिस अधिकारियों से जीतू पटवारी की फोन पर सीधी बातचीत कराई। बातचीत में जीतू पटवारी ने पुलिस प्रशासन से ग्रामीणों पर लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने को कहा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो वे खुद पन्ना पहुंचकर चौकी के बाहर धरने पर बैठेंगे। फोन पर चल रही इस तनातनी के बीच प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अभिषेक परमार का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने अजयगढ़ थाना प्रभारी के साथ तीखी बहस करते हुए उन्हें धक्का दे दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।





















