मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला मुख्यालय पर आयोजित एक सार्वजनिक बैठक के दौरान खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र के सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव गजेंद्र पटेल ने हिंदू परिवारों की आबादी और आत्मरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। कालिका माता मंदिर परिसर में नवरात्रि पर्व के समापन के बाद आयोजित होने वाले भंडारे की तैयारियों को लेकर शुक्रवार रात एक सभा बुलाई गई थी। इस बैठक में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सांसद ने समुदाय से अपनी जनसंख्या बढ़ाने और पारंपरिक शक्ति संवर्धन पर ध्यान देने का आह्वान किया।
जनसांख्यिकी पर चिंता और पांच बच्चों का आह्वान
सभा को संबोधित करते हुए गजेंद्र सिंह पटेल ने जनसंख्या संतुलन बिगड़ने पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि देश के भीतर जनसंख्या नियंत्रण में संतुलन नहीं बना रहा, तो आने वाले समय में हिंदू समाज अल्पसंख्यक बन सकता है। अपने इस दावे के समर्थन में उन्होंने प्रजनन दर के आंकड़े रखते हुए कहा कि हिंदुओं की जन्म दर 1.9 है, जबकि अन्य समाज की जन्म दर 2.9 है। उनके अनुसार, जन्म लेने वाले प्रत्येक चार बच्चों में से एक हिंदू और तीन अन्य समाज के होते हैं।
इसी संदर्भ में सांसद ने एक नया नारा देते हुए कहा कि हिंदू समाज को 'हम दो, हमारे पांच' के संकल्प पर चलना चाहिए। उन्होंने विशेष तौर पर युवा पीढ़ी से अपील की कि वे सही उम्र में विवाह करें और कम से कम पांच संतानें पैदा करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्र और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जनसंख्या वृद्धि पर गंभीरता से विचार करना बेहद आवश्यक हो चुका है।
शास्त्र के साथ शस्त्र और सनातन संस्कृति की दुहाई
धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भ देते हुए सांसद गजेंद्र पटेल ने कहा कि हिंदू समाज को सिर्फ धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों के अध्ययन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर शस्त्र उठाना भी सीखना होगा। उन्होंने तर्क दिया कि सनातन परंपरा में पूजे जाने वाले देवी-देवताओं के एक हाथ में जहां आशीर्वाद की मुद्रा होती है, वहीं दूसरे हाथ में दुष्टों के संहार के लिए अस्त्र-शस्त्र भी सुशोभित रहते हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से एकजुट रहने और किसी भी संकट की घड़ी में आपसी सहयोग को सर्वोपरि रखने को कहा।
जिम की जगह अखाड़ा और घरेलू योग अपनाने की सीख
शारीरिक शक्ति और आत्मरक्षा की तैयारी पर बात करते हुए सांसद ने आधुनिक जीवनशैली की आलोचना की। उन्होंने युवाओं को आधुनिक कमर्शियल जिम जाने से बचने और उसकी जगह घर पर योग करने अथवा पारंपरिक अखाड़ों में कसरत करने का सुझाव दिया। उनका मानना था कि समाज में आधुनिक जिम तेजी से खुल रहे हैं जबकि पारंपरिक अखाड़े बंद होते जा रहे हैं, जिन्हें पुनर्जीवित करना जरूरी है।
पटेल ने तर्क दिया कि जिम में व्यायाम करने से केवल बाहरी शरीर बन सकता है, लेकिन वास्तविक मुकाबला करने या लड़ने की क्षमता नहीं बढ़ती। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि माता की आराधना के साथ-साथ परिवार और मोहल्ले की सामूहिक शक्ति को एकजुट किया जाए, क्योंकि अपने परिवार तथा मोहल्ले के पहले रक्षक लोग स्वयं ही होते हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में कोई राजनीतिक दल नहीं बल्कि सनातनी समाज ही एक-दूसरे के काम आएगा। इस बैठक में कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई और पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल सहित कई अन्य नेता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।



















