मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर उस वक्त गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब सुठालिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेमलापार गांव में प्रदेश सरकार के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार के पैतृक आवास को निशाना बनाया गया। अज्ञात बदमाश ने सूने मकान का ताला चटकाकर भीतर प्रवेश किया और कमरे में रखी पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखे 80000 रुपये नकद उड़ा ले गया। वीआईपी परिवार से जुड़े इस मकान में हुई चोरी की खबर से प्रशासनिक अमले और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सूने मकान का फायदा उठाकर नकदी पर हाथ साफ किया
सुठालिया थाना प्रभारी अनिल राहोरिया के अनुसार सेमलापार गांव स्थित इस आवास पर राज्य मंत्री की पत्नी राजेश्वरी पंवार निवास करती हैं। गुरुवार शाम को वह किसी निजी काम के सिलसिले में ब्यावरा चली गई थीं, जिसके बाद पैतृक मकान में ताला लगा हुआ था। मकान को पूरी तरह खाली देखकर अज्ञात बदमाश ने मौके का फायदा उठाया और मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हो गया। कमरे में रखी पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखे 80000 रुपये समेटे और फरार हो गया।
मंत्री के बेटे की शिकायत पर एफआईआर दर्ज, मजदूरों से पूछताछ की तैयारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद राज्य मंत्री के बेटे राजेंद्र पंवार की शिकायत पर सुठालिया थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया है कि गांव स्थित इस पैतृक आवास पर इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य की वजह से वहां कुछ मजदूर भी रुक रहे थे। जांच अधिकारी अब घटना के समय मौजूद रहे मजदूरों से पूछताछ करने और उनके संबंध में सुराग जुटाने की तैयारी कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय पर उठे सवाल
इस पूरी वारदात के बाद स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं पुलिस विभाग के भीतर वरिष्ठ और थाना स्तर के अधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर भी स्थिति असहज नजर आई। ब्यावरा एसडीओपी प्रकाश शर्मा से जब इस चोरी के संबंध में बात की गई, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है और न ही उनके पास अभी तक एफआईआर पहुंची है। इसके विपरीत सुठालिया थाना प्रभारी का कहना रहा कि घटना की सूचना मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी और वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले से अवगत करा दिया गया था। जिले के एक राज्य मंत्री के घर पर हुई इस वारदात ने ग्रामीण इलाकों में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





















