मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो झूठे तंत्र-मंत्र और वशीकरण के दावों की आड़ में घरों में चोरी करता था। बैहर थाना पुलिस ने ग्राम खोलवा में हुई करीब 5 लाख रुपये की चोरी के मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.90 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए हैं, जबकि बाकी बचे जेवरातों को बरामद करने के लिए पूछताछ अब भी जारी है।
वारदात कैसे हुई
यह घटना 10 जुलाई की है। खोलवा गांव में रहने वाले कमलेश राहंगडाले के घर पर चोरों ने पिछले दरवाजे का ताला तोड़कर धावा बोला। घर की अलमारी से नकदी, दो मोबाइल फोन और जेवरात समेत करीब 5 लाख रुपये का सामान उठा ले गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस कमरे में चोरी हुई, वहीं परिवार के 6 सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे, फिर भी किसी की आंख तक नहीं खुली।
पुलिस जांच में खुला भेद
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और साइबर सेल की मदद ली। इसी दौरान शक के घेरे में आई महिला शांति तेकाम को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद पूरे हाई-टेक और अंधविश्वास पर टिके गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। जांच में सामने आया कि फरियादी के घर काम कर चुके पूर्व चालक सुखदेव मेरावी ने ही गिरोह को घर में मोटी नकदी होने की जानकारी दी थी।
गिरोह में कौन-कौन शामिल था
इस गिरोह में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पंकज रावडे और खुद को तांत्रिक बताने वाला जितेंद्र बिजेवार भी शामिल निकला। जितेंद्र ने बाकी सदस्यों को यकीन दिलाया था कि वह नींबू-नारियल और तंत्र-मंत्र के जरिए सोए हुए लोगों को इस तरह वश में कर देगा कि वारदात के दौरान कोई जाग ही नहीं पाएगा। इसी झांसे में आकर पूरा गिरोह चोरी करने खोलवा पहुंच गया।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने चालक, तांत्रिक, महिला और इन्फ्लुएंसर समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें से 5 आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि चोरी गए बाकी जेवरातों की बरामदगी की जा सके।
पुलिस की अपील
पुलिस ने साफ कहा है कि तंत्र-मंत्र या वशीकरण जैसी कोई चीज असल में होती ही नहीं। लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे अंधविश्वास और ढोंगी बाबाओं के बहकावे में न आएं और अपराध के रास्ते से दूर रहें।


















