मानसून में क्यों बढ़ जाती है सांपों की आवाजाही?
बरसात का मौसम आते ही सांपों की सक्रियता एकदम बढ़ जाती है। भोजन की तलाश और बारिश से बचने के लिए ये जीव अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और खेत, बगीचे, घर के आसपास तथा घनी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। खरगोन और मध्य प्रदेश के अन्य ग्रामीण हिस्सों में इस दौरान सांप से सामना होना बहुत सामान्य हो जाता है।
सबसे बड़ी गलतफहमी: हर सांप जानलेवा नहीं होता
समस्या यह है कि ज्यादातर लोग हर सांप को खतरनाक मान लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। खरगोन के जाने-माने Snake Catcher Mahadev Patel ने TrendKia को बताया कि मध्य प्रदेश में सांपों की लगभग 35 से 36 प्रजातियां ऐसी हैं जिनमें जहर होता ही नहीं। इनमें Bronzeback (जिसे उड़न बैल भी कहते हैं), घोड़ा पछाड़, पनियल, डेंडू और Green Keelback जैसी प्रजातियां प्रमुख हैं। ये सांप काट भी लें तो घाव होता है, लेकिन शरीर में जहर बिल्कुल नहीं फैलता।
खरगोन में कौन से गैर-जहरीले सांप सबसे ज्यादा मिलते हैं?
खरगोन और उसके आसपास के इलाकों में चार प्रजातियां सबसे अधिक देखी जाती हैं: पानी का डेंडू, घोड़ा पछाड़, Wolf Snake और Bronzeback Tree Snake। ये सांप नमी वाली जगहों, पानी के स्रोतों के पास, मिट्टी में और घरों के बगीचों में पाए जाते हैं। जहर न होने के बावजूद, अगर इन्हें खतरा महसूस हो तो ये आत्मरक्षा में काट सकते हैं।
इन पांच गैर-जहरीले सांपों को कैसे पहचानें?
- घोड़ा पछाड़: इसका शरीर लंबा और पतला होता है। रंग पीला, भूरा या काला हो सकता है। यह सांप इंसानों को देखते ही तेजी से भागने की कोशिश करता है।
- पानी का डेंडू: तालाबों, नदियों और जलाशयों के आसपास मिलता है। इसके शरीर पर चौकोर या चेकदार डिजाइन होता है, जिससे इसे पहचानना आसान है।
- Bronzeback Tree Snake: यह पेड़ों और झाड़ियों पर रहने वाला सांप है। इसकी पीठ पर कांस्य (bronze) रंग की चमकदार धारी इसकी खास पहचान है।
- Wolf Snake: गहरे भूरे या काले रंग का यह सांप शरीर पर सफेद या हल्की धारियां लिए होता है। दिखने में यह काफी हद तक करैत जैसा लगता है, इसलिए लोग अक्सर इसे खतरनाक समझ कर घबरा जाते हैं, जबकि यह पूरी तरह गैर-जहरीला है।
- Green Keelback: यह हरे रंग का पतला सांप है जो पेड़ों और झाड़ियों में ज्यादा देखा जाता है।
काटने के निशान देखकर भी लगाएं अंदाजा
Mahadev Patel बताते हैं कि कई बार घबराहट में लोग ठीक से देख नहीं पाते कि किस सांप ने काटा। लेकिन त्वचा पर बने दांतों के निशान एक जरूरी सुराग देते हैं। अगर किसी गैर-जहरीले सांप ने काटा है, तो त्वचा पर दो से ज्यादा दांतों के निशान दिखाई देते हैं क्योंकि इनके पास अलग से विष-दंत नहीं होते। दूसरी तरफ, जहरीले सांप के काटने पर आमतौर पर सिर्फ दो बड़े फैंग के निशान बनते हैं।
सांप काट ले तो ये चार काम जरूर करें
Mahadev Patel की सबसे अहम सलाह यह है कि सांप काटने पर घबराहट और भागदौड़ से बचें। डर की वजह से शरीर में रक्त संचार तेज हो जाता है, जो जहरीले सांप के मामले में जहर को और जल्दी फैला सकता है।
- सबसे पहले खुद शांत रहें और पीड़ित व्यक्ति को भी शांत रखें।
- काटे गए अंग को जितना हो सके कम हिलाएं।
- घाव को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं, फिर हल्की पट्टी बांधें।
- इसके बाद बिना देर किए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें और डॉक्टर की सलाह लें।













