मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए चल रही वोटिंग के बीच राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। मतदान के दिन कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपनी सफलता को लेकर भारी आत्मविश्वास व्यक्त करते हुए क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने का दावा किया है। वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि दतिया के मतदाता इस बार पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए कांग्रेस के पक्ष में अभूतपूर्व जनादेश देंगे। इसके साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और मतदान के दिन प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप भी लगाया।
मतदान केंद्र पर वोटिंग और रिकॉर्ड जीत का दावा
चुनावी गतिविधियों के तहत कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह दतिया स्थित दाल मिल मार्केटिंग सोसायटी में बनाए गए मतदान केंद्र क्रमांक-185 पर अपना मताधिकार प्रयोग करने पहुंचे। वोट डालने की प्रक्रिया पूरी करने के तुरंत बाद उन्होंने संवाददाताओं को संबोधित किया। घनश्याम सिंह ने बेहद आत्मविश्वास भरे लहजे में बयान दिया कि दतिया की जनता का झुकाव पूरी तरह से बदलाव की तरफ है।
उन्होंने अपनी जीत की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा, "मुझे 100 प्रतिशत भरोसा है कि इस बार दतिया विधानसभा में रिकॉर्ड टूटेंगे और कांग्रेस ऐतिहासिक जीत हासिल करेगी।" घनश्याम सिंह के अनुसार, क्षेत्र के आम नागरिकों ने बीजेपी शासन के रवैये से तंग आकर इस बार कांग्रेस के पक्ष में लामबंद होने का मन बना लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
प्रलोभन, गड़बड़ी और पोलिंग एजेंट विवाद पर बयान
बीजेपी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान अनुचित साधनों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदान की पूर्व संध्या पर यानी एक रात पहले कई इलाकों से मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से नकदी और शराब बांटे जाने की शिकायतें सामने आईं। इन घटनाओं की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और चुनाव प्रशासन को दी गई थी।
घनश्याम सिंह ने बताया कि चुनावी शुचिता बनाए रखने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी रात मैदान में सतर्क रहे और पहरा देते रहे। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने अनैतिक गतिविधियों में लिप्त बाहरी लोगों को मौके से खदेड़ दिया। उन्होंने कहा कि जब जनता एक बार किसी दल को जिताने का फैसला कर लेती है, तो सत्ता पक्ष की ओर से की जाने वाली कोई भी गड़बड़ी चुनावी परिणाम को बदल नहीं सकती। यदि कहीं छोटी-मोटी धांधली की कोशिश होती भी है, तो उसका असर बेहद सीमित रहेगा।
बसई क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक-169 पर कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बैठने से रोके जाने के मामले पर घनश्याम सिंह ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि यह कोई प्रशासनिक पाबंदी नहीं बल्कि केवल एक तकनीकी प्रक्रियात्मक विलंब का मामला है। उनका पोलिंग एजेंट सुबह 7 बजे के निर्धारित समय के बाद मतदान केंद्र पर पहुंचा था, जिसके कारण पीठासीन अधिकारी ने उसे तुरंत एजेंट के रूप में बैठने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि वह संबंधित चुनाव अधिकारियों से बातचीत करके इस मुद्दे का शीघ्र समाधान करवा लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मतदाताओं से भारी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डालने और बीजेपी सरकार के अहंकार को मात देने की अपील की।
जीतू पटवारी के आरोपों का समर्थन और बाहरी नेताओं का मुद्दा
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा बीजेपी सरकार पर लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए घनश्याम सिंह ने सत्तारूढ़ दल की रणनीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए बीजेपी सरकार का पूरा मंत्रिमंडल दतिया जिले में आकर जम गया था और राज्य के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में बाहरी लोगों को यहां बुलाया गया था।
घनश्याम सिंह ने नियम-कायदों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद 28 जुलाई की शाम को ही कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता नियम का पालन करते हुए दतिया जिले की सीमा से बाहर चले गए थे। हालांकि इसके विपरीत, बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता अब भी दतिया जिले की सीमाओं पर डटे हुए हैं और चुनावी माहौल को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि यदि सीमाओं पर मौजूद बाहरी बीजेपी नेताओं को तत्काल वहां से नहीं हटाया गया, तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी दतिया वापस लौटने के लिए बाध्य होंगे।
संवेदनशील मतदान केंद्रों की चिंता और 'बाहरी' का जवाब
दतिया विधानसभा क्षेत्र के 18 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा चिंताओं का जिक्र करते हुए घनश्याम सिंह ने आशंका जताई कि बीजेपी चुनाव के दिन असामाजिक तत्वों और गुंडों को बाहर से बुलाकर शांति व्यवस्था भंग कर सकती है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि स्थानीय ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता इस तरह की हर नापाक कोशिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी तत्व मतदान में बाधा डालने का प्रयास करेगा, तो पूरा गांव एकजुट होकर उसके खिलाफ खड़ा हो जाएगा।
विरोधी राजनीतिक दलों द्वारा अपने ऊपर लगाए जा रहे 'बाहरी प्रत्याशी' के ठप्पे का घनश्याम सिंह ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने अपने स्थानीय आधार का हवाला देते हुए पलटवार किया और कहा कि दतिया और सेवढ़ा दोनों ही स्थानों पर उनका अपना किला मौजूद है, इसलिए उन्हें बाहरी कहना पूरी तरह से बेबुनियाद है।
बीजेपी प्रत्याशी अशुतोष तिवारी का पलटवार और राजनीतिक घमासान
दूसरी तरफ, बीजेपी प्रत्याशी अशुतोष तिवारी ने कांग्रेस के सभी दावों और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अशुतोष तिवारी ने दावा किया कि दतिया की जनता क्षेत्र में हुए विकास कार्यों, सुशासन और निरंतर प्रगति को ध्यान में रखते हुए बीजेपी के समर्थन में वोट कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से संतुष्ट हैं और उपचुनाव में विकास के मुद्दे पर ही मतदान कर रहे हैं।
अशुतोष तिवारी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक करार दिया। बीजेपी उम्मीदवार ने तंज कसा कि जो नेता खुद पिछला विधानसभा चुनाव 35 हजार वोटों के बड़े अंतर से हार चुका हो, वह आज कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व कर रहा है। ऐसे नेता के बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। कुल मिलाकर दतिया उपचुनाव के दौरान दोनों प्रमुख सियासी दलों के बीच जुबानी जंग चरम पर है, जहां कांग्रेस धांधली और प्रशासनिक दुरुपयोग का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी विकास और सुशासन के नाम पर प्रचंड बहुमत मिलने का दावा ठोक रही है।



















