वीकेंड वेकेशन में पूरे शहर की भागदौड़ छोड़ें, वन नेबरहुड ट्रैवल से लें स्थानीय जिंदगी का असली आनंदअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से चांदी 61.40 डॉलर के करीब पहुंची, रोजगार आंकड़ों पर टिकी नजरबिहार में फैक्ट्रियां लगाने वाले उद्यमियों से पच्चीस फीसदी सामान खरीदेगी सरकार, औद्योगिक खरीद नीति में बदलाव की तैयारीईरानी रक्षा सौदों को लेकर अमेरिकी पाबंदियों के बीच पाकिस्तान का तेहरान संग व्यापार जारी रखने का फैसलाउत्तराखंड की लोककला को मिला आधुनिक रूप, बागेश्वर की रिचा जोशी ऐपण नेम प्लेट से बना रहीं स्वरोजगार की नई राहखानपान की आदतों में सुधार के लिए मुरादाबाद की शिक्षिका ने तैयार किया मिलेट्स ट्रेन मॉडलत्योहारी सीजन में पीली धातु की हलचल, जानें प्रमुख ब्रांड्स के शोरूम पर 22 और 24 कैरेट के नए दामकच्चे तेल में नरमी और बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच कैनेडियन डॉलर पर भारी पड़ा यूरोजालंधर की लवली यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में पांच गिरफ्तार, मिग फाइटर जेट पर चढ़ने वाला नाबालिग मंडी से पकड़ा गयाझारखंड के बेतला नेशनल पार्क में प्लास्टिक पर लगा कड़ा प्रतिबंध, जंगल सफारी में नियम तोड़ा तो कटेगा ऑन-स्पॉट चालान
उज्जैन में शाही मस्जिद के पास जुमे की नमाज पर कड़ा पहरा, सड़कों पर 2500 जवान और आसमान से ड्रोन की निगरानीमध्य प्रदेश
2 अक्तू॰ 2026, 12:04 pm (50 मिनट पहले)· 0

उज्जैन में शाही मस्जिद के पास जुमे की नमाज पर कड़ा पहरा, सड़कों पर 2500 जवान और आसमान से ड्रोन की निगरानी

सड़क चौड़ीकरण विवाद के बाद उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है, जहां संवेदनशील इलाके में भारी पुलिस बल और तकनीकी निगरानी के बीच शांतिपूर्वक नमाज अदा कराने की तैयारी है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर हाल ही में हुए तनाव के बाद जामा मस्जिद और शाही मस्जिद क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जुमे की नमाज के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को अत्यंत सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर में अमन-चैन और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बरकरार रहे। पूरे इलाके में शांति बनाए रखने के लिए 2,500 सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए हैं, जिनकी कमान मैदानी स्तर पर 5 एएसपी और 21 डीएसपी स्तर के अधिकारियों के हाथों में सौंपी गई है। संवेदनशील गलियों और चौराहों पर 100 सीसीटीवी कैमरों और उड़ते ड्रोन के जरिए हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है।

डिजिटल अफवाहों पर साइबर सेल का प्रहार

जमीनी मुस्तैदी के साथ-साथ इंटरनेट जगत में भी कड़ी चौकसी बरती जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नफरत फैलाने वाले संदेश, भड़काऊ रील और मनगढ़ंत अफवाहें पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर पुलिस की तकनीकी शाखा लगातार ट्रैकिंग कर रही है। साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई के चलते अब तक इंटरनेट से 100 से ज्यादा भ्रामक पोस्ट हटवाए जा चुके हैं। इस बीच मुस्लिम समाज की ओर से स्पष्ट किया गया कि पूर्व में सोशल मीडिया के जरिए गलतफहमी फैली थी। नमाजियों ने भरोसा जताया कि उज्जैन की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहजीब को अक्षुण्ण रखने और सौहार्द का संदेश देने के लिए ही नमाज पढ़ी जाएगी।

ये भी पढ़ें

28 सितंबर के टकराव की पृष्ठभूमि और सुरक्षा उपाय

उज्जैन में सुरक्षा की यह अभूतपूर्व घेराबंदी 28 सितंबर को हुए हिंसक घटनाक्रम के मद्देनजर की गई है। सिंहस्थ कुंभ की व्यापक तैयारियों के तहत सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट के लिए जब मस्जिद का एक हिस्सा हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब बड़ी संख्या में एकत्रित भीड़ और पुलिस के बीच तीखा टकराव पैदा हो गया था। पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद अनियंत्रित स्थिति को संभालने के लिए पुलिसकर्मियों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा था। इसके बाद रैपिड एक्शन फोर्स के दस्तों को मौके पर उतारकर मोर्चा संभालना पड़ा।

हाई कोर्ट में समझौता और मस्जिद की नई रूपरेखा

ताजा सुरक्षा व्यवस्था के तहत मस्जिद के चारों तरफ एक मजबूत लोहे का ढांचा खड़ा किया गया है, जबकि सड़कों पर पुलिस ने घुड़सवार गश्त करके अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। एहतियात के तौर पर मस्जिद से सटी स्थानीय दुकानों को पुलिस निगरानी में पहले ही खाली करवा लिया गया था। इस दौरान कानूनी मोर्चे पर भी बड़ा समाधान सामने आया, जहां मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शाही मस्जिद कमेटी और राज्य प्रशासन के बीच आपसी सहमति बनने के बाद विवाद से संबंधित याचिका का निपटारा कर दिया।

कमेटी की पैरवी कर रहे वकील कुलदीप पाठक के विवरण के अनुसार, नगर प्रशासन ने शुरुआत में 9.5 फीट जगह की मांग रखी थी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के तहत केवल तीन फीट का हिस्सा हटाने पर अंतिम मुहर लगी है। प्रशासन ने परियोजना से प्रभावित होने वाले दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने, मानक नियमों के अनुरूप उचित मुआवजा वितरित करने और मस्जिद की मीनार को परिसर के भीतर ही पुनर्स्थापित करने की शर्तों को स्वीकार कर लिया है।

सवाल-जवाब

उज्जैन में शाही मस्जिद के पास कितने सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं?
शाही मस्जिद और जामा मस्जिद क्षेत्र में 2,500 सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है, जिनकी निगरानी 5 एएसपी और 21 डीएसपी कर रहे हैं।
इलाके में निगरानी के लिए क्या तकनीकी उपाय किए गए हैं?
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 100 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर क्या कार्रवाई की है?
अफवाहों और भड़काऊ सामग्री को रोकने के लिए पुलिस की साइबर सेल ने अब तक 100 से ज्यादा भ्रामक पोस्ट हटवाए हैं।
28 सितंबर को उज्जैन में क्या घटना घटी थी?
सड़क चौड़ीकरण के दौरान मस्जिद का एक हिस्सा हटाने पर भीड़ और पुलिस में झड़प हुई थी, जिसके बाद पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे।
हाई कोर्ट में प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच क्या समझौता हुआ?
शुरुआती 9.5 फीट की जगह मस्जिद का केवल 3 फीट हिस्सा हटाने, मीनार को परिसर के भीतर शिफ्ट करने और प्रभावित दुकानों को मुआवजा देने पर सहमति बनी।
सड़क चौड़ीकरण का कार्य किस आयोजन की तैयारी के तहत किया जा रहा है?
यह सड़क चौड़ीकरण कार्य उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ की व्यापक तैयारियों के तहत किया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·14 मिनट पहले

मुझे वो 28 सितंबर वाला दिन अच्छे से याद है जब यहाँ अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई थी और हम जान बचाने भागे थे। आज इतना भारी पहरा देखकर सुकून मिल रहा है कि कम से कम शांति से नमाज तो निपट जाएगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·13 मिनट पहले

रोहन भाई, वो दिन सचमुच डरावना था। शुक्र है कि इस बार प्रशासन ने पहले से ही तगड़ा इंतज़ाम कर लिया है, वरना डर तो बना ही रहता।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp