मध्य प्रदेश के दतिया जिले में एक मशहूर माता मंदिर के प्रांगण में देर रात अश्लील गानों पर डांस होने की घटना ने भारी विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची पुलिस के वापस लौटते ही आयोजकों ने वही कार्यक्रम दोबारा शुरू करवा दिया.
दिन में शांति, रात को बदला माहौल
दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र में स्थित रामगढ़ वाली सिद्ध दरबार माता मंदिर में हाल ही में एक सार्वजनिक आयोजन रखा गया था. दिन के समय कार्यक्रम सामान्य ढंग से चलता रहा, मगर रात ढलते ही मंदिर के मंच से तेज आवाज में फिल्मी अश्लील गाने गूंजने लगे और नर्तकियां मंच पर थिरकने लगीं. मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु और आसपास के गांवों से आए लोग इस नजारे को देखकर सन्न रह गए, क्योंकि यह जगह उनके लिए आस्था और पूजा-पाठ का केंद्र मानी जाती है. दिन में जो माहौल भक्ति भरा था, रात होते ही वह पूरी तरह बदल गया और मंदिर परिसर एक शोर-शराबे वाले नाच-गाने के अड्डे में तब्दील हो गया.
ग्रामीणों ने डायल-112 पर दी सूचना
खबर फैलते ही आसपास के गांवों में लोग भड़क उठे. धार्मिक स्थल पर हो रही इस फूहड़ता को कोई भी बर्दाश्त करने को तैयार नहीं था, इसलिए ग्रामीणों ने देर किए बिना पुलिस की आपातकालीन हेल्पलाइन डायल-112 पर फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही पुलिस की पीसीआर वैन कुछ ही देर में मंदिर पहुंच गई. मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मामले की गंभीरता भांपते हुए तुरंत मंच पर चल रहे डांस को रुकवाया और आयोजकों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि मंदिर परिसर की गरिमा के साथ किसी तरह का समझौता न किया जाए. जरूरी हिदायत देने के बाद पुलिस टीम वहां से रवाना हो गई.
पुलिस की पीठ फिरते ही दोबारा शुरू हुआ नाच-गाना
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की गाड़ी नजरों से ओझल होते ही आयोजकों का डर छूमंतर हो गया. उन्होंने पुलिस की हिदायत को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए बंद कराया गया अश्लील नाच-गाना फिर से चालू करवा दिया, मानो पुलिस की मौजूदगी सिर्फ खानापूर्ति भर रही हो. यह फूहड़ कार्यक्रम कुछ मिनटों के लिए नहीं रुका, बल्कि आधी रात बीतने के बाद भी करीब 1:30 बजे तक लगातार मंदिर प्रांगण में चलता रहा. इतनी देर तक बेरोकटोक चले इस आयोजन ने साफ कर दिया कि आयोजकों को पुलिस की चेतावनी से कोई खास फर्क नहीं पड़ा था.
वीडियो वायरल, इलाके में गुस्सा
इस पूरे तमाशे को कुछ मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह क्लिप तेजी से फैलने लगी और अब तक वायरल हो चुकी है. वीडियो सामने आने के बाद दतिया और भांडेर क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस के नरम रवैये और आयोजकों की मनमानी के चलते सिद्ध दरबार मंदिर की पवित्रता, साख और धार्मिक मर्यादा तीनों को गहरा नुकसान पहुंचा है. कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब एक बार पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम रुकवा चुकी थी, तो दोबारा निगरानी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई.
पुलिस बोली, रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी
मामले पर सफाई देते हुए भांडेर थाना प्रभारी कोमल सिंह परिहार ने बताया कि अब तक किसी ग्रामीण की ओर से इस मामले में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने इसे संज्ञान में लेते हुए तुरंत कार्रवाई की थी. उन्होंने यह भी बताया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके भांडेर तहसीलदार को भेज दी गई है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले में आगे उचित कार्रवाई हो सके. पुलिस के इस बयान के बाद भी ग्रामीणों में यह सवाल बना हुआ है कि लिखित शिकायत के अभाव में आयोजकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई कब और कैसे होगी.


















