इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहीं छात्राओं की थाली में जो परोसा जा रहा था, वह भोजन कम और बीमारी का न्योता ज्यादा था। मधुर गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली 15 से 20 छात्राएं दूषित खाना खाकर बीमार पड़ गईं, और जब उनकी सब्र की सीमा टूटी तो उन्होंने सीधे सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया। खास बात यह रही कि शिकायत दर्ज होने के सिर्फ 15 मिनट के अंदर जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और हॉस्टल की मेस को सील कर दिया।
थाली में कीड़े, बाल और गंदगी
छात्राओं का कहना है कि उन्हें परोसे जाने वाले खाने में कीड़े-मकोड़े, बाल और गंदगी तक मिल रही थी। सिर्फ खाना ही नहीं, हॉस्टल में पीने के लिए दूषित पानी की आपूर्ति की भी शिकायत रही। लगातार खराब भोजन और गंदे पानी से तंग आकर ही उन्होंने आखिरकार आधिकारिक शिकायत का रास्ता चुना। छात्राओं ने यह भी बताया कि वे लंबे समय से इस गंदगी और खराब भोजन की शिकायत कर रही थीं, लेकिन उनकी परेशानियों को अनसुना किया जा रहा था।
ड्रेनेज लाइन के पास पकता था खाना
छात्राओं का सबसे गंभीर आरोप यह रहा कि उनका भोजन ड्रेनेज लाइन के पास तैयार किया जाता था। यही वजह है कि हॉस्टल की रसोई की साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों पर बड़े सवाल खड़े हो गए। जब प्रशासन की टीम ने मौके की पड़ताल की तो ये आशंकाएं सही साबित होती दिखीं।
कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई
शिकायत मिलते ही कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम बिना देर किए हॉस्टल पहुंची और जांच में जुट गई। निरीक्षण के दौरान किचन और भोजन बनाने वाले हिस्से में भारी गंदगी सामने आई। अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा के तय मानकों की खुलेआम अनदेखी भी मिली, जिसके बाद सख्ती दिखाते हुए मेस को पूरी तरह सील कर दिया गया।
आटा और घी के नमूने भोपाल लैब भेजे
जांच टीम ने मौके से आटा और घी के नमूने इकट्ठा किए, जिन्हें परीक्षण के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, रिपोर्ट आने के बाद हॉस्टल संचालक के खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तेज कार्रवाई बनी चर्चा
इस पूरे मामले में प्रशासन की फुर्ती चर्चा का विषय बनी हुई है। शिकायत दर्ज होने के कुछ ही मिनटों में टीम का मौके पर पहुंचना और हालात का जायजा लेना, छात्राओं की सेहत को लेकर प्रशासन की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है।













