बिहार के दरभंगा शहर से एक दिल दहला देने वाली और दुखद घटना सामने आई है, जहां ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी (LNMU) की एक 23 वर्षीय होनहार छात्रा की अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल के एक बंद कमरे में इस छात्रा का शव फंदे से लटकता हुआ पाया गया। मृतका की पहचान निधि कुमारी के रूप में की गई है, जो मूल रूप से पड़ोसी जिले मधुबनी के बिस्फी थाना क्षेत्र की निवासी थीं। जानकारी के मुताबिक, निधि दरभंगा शहर में रहकर अपने सपनों को पूरा करने के लिए स्नातकोत्तर (पीजी) की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही थीं। इस घटना ने पूरे हॉस्टल और विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस ने तोड़ा हॉस्टल के कमरे का दरवाजा
सोमवार के दिन जब निधि कुमारी के कमरे का दरवाजा काफी देर तक अंदर से नहीं खुला, तो आसपास के लोगों की चिंता बढ़ने लगी। इसी बीच, बताया जा रहा है कि पटना में मौजूद उनके किसी जानकार या परिचित व्यक्ति ने किसी अनहोनी की आशंका के चलते तुरंत डायल-112 पर फोन करके पुलिस को इस बात की सूचना दी। इस इमरजेंसी कॉल के मिलते ही विश्वविद्यालय थाने की पुलिस टीम बिना कोई देरी किए सीधे अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल पहुंच गई। काफी आवाज देने के बाद भी जब कमरा नहीं खुला, तो मजबूरन पुलिसकर्मियों को बल प्रयोग करते हुए कमरे का दरवाजा तोड़ना पड़ा। अंदर दाखिल होते ही पुलिस को छात्रा का शव फंदे पर झूलता हुआ दिखाई दिया, जिसने सबको सन्न कर दिया।
वीडियो कॉल, हेडफोन और अनसुलझे सवाल
घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने पर कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जो कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। पुलिस के अनुसार, जिस वक्त शव को फंदे से उतारा गया, उस समय मृतका के दोनों कानों में हेडफोन लगा हुआ था और उनका मोबाइल फोन बिल्कुल उनके चेहरे के सामने सेट करके रखा गया था। इस खौफनाक मंजर को देखकर यह आशंका प्रबल हो गई है कि अपनी जान देने से ठीक पहले या शायद उस खौफनाक पल के दौरान वह किसी व्यक्ति के साथ वीडियो कॉल पर जुड़ी हुई थीं। इस संदर्भ में अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल के मालिक के पिता, संजय मिश्रा ने भी पुलिस को बताया है कि घटना से कुछ समय पहले छात्रा अपने फोन पर किसी से बातचीत कर रही थी।
फॉरेंसिक टीम की सघन जांच और साक्ष्य संकलन
इस पूरे मामले की संवेदनशीलता और रहस्य को देखते हुए पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर तलब किया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने कमरे के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली और वहां मौजूद तमाम डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ अन्य भौतिक साक्ष्य भी बड़ी सावधानी से इकट्ठा किए हैं। पुलिस ने जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए मृतका के मोबाइल फोन को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि डिलीट किए गए डेटा और अंतिम बातचीत का तकनीकी सुराग निकाला जा सके। इसके साथ ही, कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को सुरक्षित कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) भेज दिया गया है।
कॉल डिटेल्स और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
विश्वविद्यालय थाने के वर्तमान थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने मीडिया को इस पूरी घटना के बारे में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि पहली नजर में देखने पर यह पूरा मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है। इसके बावजूद, पुलिस किसी भी जल्दबाजी में नतीजे पर पहुंचने के बजाय हर एंगल से डिजिटल सबूतों की गहनता से जांच कर रही है। थानाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि छात्रा की मौत की असली और सटीक वजह तभी पूरी तरह से साफ हो पाएगी, जब डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सामने आएगी। फिलहाल, पुलिस उस कॉलर की तलाश में है जिससे छात्रा अंतिम बार फोन पर जुड़ी हुई थी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




















