मध्यप्रदेश के इंदौर में एक प्राइवेट स्कूल के 110 से अधिक बच्चे शनिवार, 20 जून को स्कूल का लंच खाने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। बाईपास रोड स्थित शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल के झलारिया परिसर में उस दिन पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को नियमित दोपहर का भोजन परोसा गया था। शाम ढलते-ढलते कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की तकलीफ होने लगी और रविवार तक प्रभावित बच्चों की तादाद और बढ़ गई।
अभिभावकों की शिकायत के बाद जांच टीम मैदान में
जब बड़ी संख्या में अभिभावकों ने जिला प्रशासन को बच्चों के बीमार पड़ने की शिकायत दी, तो सोमवार को एक जांच दल गठित किया गया। इस टीम ने शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल के झलारिया परिसर की रसोई में रखे खाद्य पदार्थों और तैयार भोजन की बारीकी से पड़ताल की। जांच के दौरान वहां उपयोग में लाई जा रही सामग्रियों और पके हुए खाने के कुल 23 नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें लेबोरेटरी परीक्षण के लिए रवाना किया गया।
मसालों के 10 और नमकीन के 2 एक्सपायर्ड पैकेट बरामद
रसोई की जांच में अधिकारियों को कई गंभीर खामियां मिलीं। मसालों के 10 पैकेट और नमकीन के 2 पैकेट ऐसे पाए गए जिनकी एक्सपायरी डेट बीत चुकी थी। इसके अलावा भी कई अनियमितताएं उजागर हुईं। इन तमाम खामियों को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए स्कूल की रसोई को अगले आदेश तक सील कर दिया।
110 बच्चे प्रभावित, अभी कोई अस्पताल में भर्ती नहीं
एसडीएम दीपक चौहान ने इस पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार शाम से ही बच्चों में पेट दर्द और उल्टी की शिकायतें सामने आने लगी थीं। रविवार को और बच्चे बीमार पड़े, जिससे प्रभावितों की कुल संख्या करीब 110 तक पहुंच गई। अभिभावकों से बातचीत में पता चला कि कई बच्चों को सेहत खराब होने के बाद डॉक्टर के पास ले जाया गया। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत नहीं आई है। एसडीएम चौहान ने स्पष्ट किया कि किचन से लिए गए नमूनों की लेबोरेटरी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई तय की जाएगी।













