मध्य प्रदेश में गणेश प्रतिमा विसर्जन के अनुष्ठान के दौरान हुए विभिन्न हादसों में चार लोगों की जान चली गई है, जबकि पांच अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह त्रासद घटनाएं राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुईं, जहां विसर्जन के दौरान बरती गई असावधानी और गहरे पानी के कारण कई परिवार गहरे शोक में डूब गए। प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन लगातार आ रही बाधाओं के कारण मुश्किलें बढ़ गई हैं।
धार और भिंड में गहरे पानी में डूबे युवक
धार जिले में जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर बड़नगर के डोलची रोड स्थित एक तालाब में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन युवक गहरे पानी में चले गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल वेलापुरकर ने बताया कि पवन उर्फ कन्हैया राठौर, राहुल प्रजापत और निहाल भांभी के शव पानी से बाहर निकाल लिए गए हैं। ये तीनों तय किए गए विसर्जन स्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर आगे निकल गए थे, जिसके बाद उनमें से एक गहरे पानी में डूबने लगा और उसे बचाने की कोशिश में बाकी दोनों साथी भी काल का ग्रास बन गए। इसके अलावा भिंड जिले में कनावर गांव के पास सिंध नदी में प्रतिमा विसर्जन के लिए उतरे तीन किशोर पानी के तेज बहाव में लापता हो गए। पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि गायब हुए लड़कों की पहचान कृष्णा भदौरिया, अभिजीत भदौरिया और मदन भदौरिया के रूप में हुई है, जिनकी तलाश खराब मौसम और बारिश के बीच की जा रही है।
खंडवा और सीहोर के दर्दनाक हादसे
खंडवा जिले के नहालदा गांव के निकट पानी से भरी एक खदान में भी गणेश विसर्जन के दौरान पांच किशोर हादसे का शिकार हो गए। स्थानीय युवाओं की मदद से तीन लड़कों को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन सगे भाई विश्वास और लक्ष का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं सीहोर जिले के सिलखेड़ा-मुंगाओली मार्ग से डेढ़ किलोमीटर दूर एक अन्य खदान में विसर्जन के दौरान अतुल अहिरवार नामक सोलह वर्षीय किशोर डूब गया। ग्रामीणों ने उसे आधे घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला और अहमदपुर तथा दोराहा के स्वास्थ्य केंद्रों पर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने इस मामले में आकस्मिक मौत का प्रकरण दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।





















