मध्य प्रदेश के भिंड जिले अंतर्गत लहार इलाके में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है। दबोह कस्बे से लहार की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने खेत में जा पलटी। यह हादसा जैतपुरा मोड़ के समीप घटित हुआ, जिसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। इस दुर्घटना में बस में सवार तकरीबन 15 मुसाफिर घायल हो गए हैं। चोटिल होने वालों में रोजमर्रा की तरह लहार स्थित शिक्षण संस्थानों में जाने वाले स्कूली छात्र-छात्राएं, कोचिंग के विद्यार्थी और बुजुर्ग मुसाफिर शामिल हैं। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि तीन घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें शुरुआती चिकित्सा के बाद बेहतर उपचार हेतु ग्वालियर रवाना किया गया है।
दबोह से लहार के दैनिक सफर के दौरान बिगड़ा संतुलन
यह यात्री बस रोजाना की तरह दबोह से स्थानीय यात्रियों को लेकर लहार कस्बे की ओर रवाना हुई थी। सुबह के समय चलने वाली इस बस में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के कई नागरिक सवार थे। इनमें खास तौर पर ऐसे छात्र-छात्राएं मौजूद थे जो पढ़ाई और कोचिंग कक्षाओं के सिलसिले में नियमित रूप से लहार आते-जाते हैं। जब वाहन जैतपुरा मोड़ के करीब पहुंचा, तभी एकाएक चालक का बस पर से नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो गया। मौके पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, बस अत्यंत तेज गति में दौड़ रही थी। तेज रफ्तार के कारण मोड़ पर संतुलन बिगड़ते ही बस सड़क के किनारे से नीचे उतर गई और कुछ ही दूरी पर जाकर सीधे खेत में पलट गई। वाहन पलटने से बस की बॉडी को भारी नुकसान पहुंचा और उसकी खिड़कियों के कांच टूट गए।
चालक पर नशे में गाड़ी चलाने और कूदने का आरोप
सड़क हादसे के तुरंत बाद बस में फंसे यात्रियों और वहां जमा हुए ग्रामीणों ने बस चालक की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। मुसाफिरों का आरोप है कि बस चालक शराब के नशे में धुत होकर बेहद तेज गति से वाहन चला रहा था। यात्रियों के मुताबिक, मोड़ आने पर चालक तेज रफ्तार गाड़ी को नियंत्रित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों ने यह भी दावा किया कि जब बस का संतुलन बिगड़ने लगा, तो अपनी जान बचाने की नीयत से चालक चलती बस से नीचे कूद गया। उसके कूदते ही अनियंत्रित वाहन पूरी तरह बेकाबू होकर पलट गया। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चालक के शराब के नशे में होने संबंधी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मेडिकल रिपोर्ट और कानूनी जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
स्थानीय लोगों और राहत दल की मदद से निकाला गया
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के खेतों और सड़क से गुजर रहे स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े लोगों ने बस की खिड़कियों और दरवाजों के रास्ते भीतर फंसे घायल यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसी दौरान सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और एंबुलेंस की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। सभी घायल यात्रियों को तत्काल वाहनों के जरिए लहार के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए सभी घायलों की जांच की और आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। हादसे की खबर फैलते ही घायल छात्र-छात्राओं और अन्य मुसाफिरों के परिजन भी लहार अस्पताल पहुंच गए, जिससे वहां कुछ देर के लिए काफी भीड़ की स्थिति बन गई।
तीन गंभीर घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया, जांच शुरू
लहार सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी पंद्रह घायलों की चिकित्सकीय स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। इनमें से तीन यात्रियों को गंभीर आंतरिक व बाहरी चोटें आने के कारण उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए तुरंत ग्वालियर रेफर करने का निर्णय लिया। शेष घायलों का उपचार लहार के सिविल अस्पताल में ही जारी है। इधर, पुलिस अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही पूरे प्रकरण की कानूनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि हादसे के समय बस की वास्तविक रफ्तार क्या थी, सड़क की स्थिति कैसी थी और क्या चालक वाकई नशे की हालत में वाहन संचालित कर रहा था। पुलिस का कहना है कि यात्रियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।























