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मूंग खरीद की मांग को लेकर भोपाल में उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री निवास के पास डटे 2000 से अधिक किसानमध्य प्रदेश
28 जुल॰ 2026, 10:05 pm (12 दिन पहले)· 0

मूंग खरीद की मांग को लेकर भोपाल में उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री निवास के पास डटे 2000 से अधिक किसान

मध्य प्रदेश में मूंग फसल की शत-प्रतिशत एमएसपी पर खरीद को लेकर 19 किसान संगठनों के 2000 से अधिक किसान भोपाल की सड़कों पर उतर आए हैं। बैरिकेड तोड़कर सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

19 किसान संगठनों के बैनर तले 2000 से ज्यादा किसानों ने भोपाल की ओर कूच कर दिया है, जिससे राज्य की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। मूंग फसल की शत-प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद की मांग को लेकर किसान सीधे मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे हैं। रास्ते में पुलिस द्वारा लगाए गए कई अवरोधकों को तोड़ते हुए किसान शहर की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं, जिसके बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच गंभीर तनाव पैदा हो गया है।

सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

किसान आगे-आगे पैदल चल रहे हैं और उनके पीछे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों तथा अन्य वाहनों का लंबा काफिला चल रहा है। बरकतउल्ला ब्रिज के पास जब सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। यह स्थान मुख्यमंत्री आवास से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित है। स्थिति को अनियंत्रित होने से बचाने के लिए मौके पर 20 से अधिक थानों की पुलिस टीम के साथ एसएएफ (SAF) और आरएएफ (RAF) के जवानों को तैनात किया गया है।

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सात दिन का राशन साथ लाए किसान, मांगें पूरी होने तक डटे रहने का ऐलान

आंदोलन को लंबा खींचने की तैयारी के साथ भोपाल पहुंचे किसानों का कहना है कि वे अपने साथ 7 दिनों का पूरा राशन और पानी लेकर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट रुख है कि जब तक उनकी सभी मांगें मान नहीं ली जातीं, वे यहां से वापस नहीं लौटेंगे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं और अधिकारियों का प्रयास है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या टकराव को रोका जा सके।

बसों की घेराबंदी, वाटर कैनन और वज्र वाहन तैनात

किसानों के तेजी से आगे बढ़ने के कारण पुलिस ने रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया है। मार्ग को बंद करने के लिए बड़ी-बड़ी बसें आड़ी खड़ी की गई हैं और बैरिकेडिंग को और मजबूत बनाया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर वाटर कैनन (पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां) और वज्र वाहनों की भी तैनाती कर दी गई है। पूरा पुलिस बल अलर्ट मोड पर रखा गया है।

हाईवे पर लगा लंबा जाम, यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें

किसानों के इस उग्र प्रदर्शन का सीधा असर भोपाल को जोड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर पड़ा है। ओबैदुल्लागंज से भोपाल की तरफ आने वाला हाईवे पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जबकि जबलपुर मार्ग पर सुल्तानपुर के रास्ते होने वाली आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके कारण दूर-दराज की यात्रा करने वाले आम लोगों और यात्रियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य में मूंग खरीद को लेकर किसान काफी समय से आक्रोशित हैं और इससे पहले भी वे विधानसभा घेराव तथा राजमार्ग जाम करने की चेतावनियां दे चुके थे।

सवाल-जवाब

भोपाल में किसान किस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?
किसान मूंग फसल की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किए जाने की मांग कर रहे हैं।
इस प्रदर्शन में कितने किसान और संगठन शामिल हैं?
इस आंदोलन में 19 अलग-अलग किसान संगठनों के 2000 से अधिक किसान शामिल हैं।
सुरक्षा के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने 20 से ज्यादा थानों के बल के साथ SAF, RAF, वाटर कैनन और वज्र वाहनों को तैनात किया है तथा बसों को खड़ा करके बैरिकेडिंग मजबूत की है।
किसान आंदोलन से कौन से रास्ते प्रभावित हुए हैं?
ओबैदुल्लागंज से भोपाल जाने वाला हाईवे और जबलपुर की तरफ से आने वाला सुल्तानपुर मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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