कच्चे तेल में भारी उथल-पुथल: मिडिल ईस्ट सप्लाई और ग्लोबल तनाव के बीच ऊर्जा बाजार में दबावबिस्किट का क्रंच बरकरार रखने के स्मार्ट किचन नुस्खे, नमी से बचाने के आसान नियमअमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में किया 0.25% का इजाफा, 2023 के बाद पहली बार सख्त हुआ रुखहैदराबाद के होटल में विशाखापत्तनम की युवती की संदिग्ध मौत, साथी युवक अस्पताल में छोड़कर फरारअमेरिकी ब्याज दरों पर फेड अधिकारी बार्किन ने दिया बयान, वैश्विक मुद्राओं और सोने में हलचलचीन और अमेरिका की महाबैठक से पहले क्यों बैकफुट पर दिख रहे डोनल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग से बड़ी डील की उम्मीद बेमानीअमेरिकी संसद से हरी झंडी मिलने के बाद भी बैकफुट पर क्यों हैं डोनाल्ड ट्रंप?डीसीयू की क्लेफेस में मुख्य खलनायक का असली डरावना रूप केवल सिनेमाघरों में ही दिखेगासंयुक्त राष्ट्र में एस जयशंकर और इटली के उप प्रधानमंत्री के बीच बातचीत, खाड़ी संकट और यूक्रेन युद्ध पर हुई चर्चावित्तीय संकट में घिरी एयर इंडिया, सालाना घाटा बढ़कर ₹22,238 करोड़ के पार पहुंचा
अवमानना मामले में पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ हाई कोर्ट का कड़ा रुख, गैर जमानती वारंट जारीमध्य प्रदेश
22 सित॰ 2026, 11:25 pm (52 मिनट पहले)· 0

अवमानना मामले में पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ हाई कोर्ट का कड़ा रुख, गैर जमानती वारंट जारी

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आदेश की अनदेखी पर पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए एसपी को 30 सितंबर को उन्हें पेश करने का निर्देश दिया है।

मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों की अदालती आदेशों के प्रति लापरवाही पर न्यायपालिका ने बेहद कड़ा रुख दिखाया है। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पन्ना जिले की कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अदालत की यह सख्त कार्रवाई एक अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आई, जिसमें प्रशासनिक स्तर पर बार-बार दी गई चेतावनियों और कानूनी निर्देशों की अनदेखी का मामला उजागर हुआ है।

अवमानना याचिका पर अदालत की सख्त टिप्पणी

हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकल पीठ इस पूरे मामले की सुनवाई कर रही थी। अदालत ने पाया कि इससे पहले जारी किए गए कानूनी नोटिस और निर्देशों के बावजूद कलेक्टर उषा परमार न तो खुद अदालत के समक्ष उपस्थित हुईं और न ही उनकी तरफ से किसी अधिवक्ता ने पक्ष रखा। अदालत ने इस रवैये को बेहद गंभीरता से लिया और प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन मानते हुए सीधे गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने का कदम उठाया। एकल पीठ ने इस वारंट की तामील कराने का जिम्मा सीधे पन्ना पुलिस अधीक्षक को सौंपा है, ताकि अगली तारीख पर कलेक्टर की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।

ये भी पढ़ें

कर्मचारी के नियमितीकरण से जुड़ा है विवाद

इस पूरे न्यायिक विवाद की जड़ में पन्ना कलेक्टर कार्यालय की एक पूर्व कर्मचारी जाविन आरा रिजवी का सेवा संबंधी मामला है। सेवानिवृत्त हो चुकीं जाविन आरा रिजवी पहले पन्ना कलेक्टर कार्यालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने अपनी सेवा के नियमितीकरण की मांग को लेकर जबलपुर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पूर्व में 13 अगस्त 2025 को याचिका का निपटारा करते हुए हाई कोर्ट ने पन्ना कलेक्टर को निर्देश दिया था कि वह याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर 90 दिनों के भीतर वैधानिक निर्णय लें। हालांकि, तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी उस आदेश पर कोई ठोस अमल नहीं किया गया, जिसके चलते पीड़ित पक्ष को अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी।

30 सितंबर की तारीख और प्रशासनिक हलचल

अदालत के ताजा निर्देश के अनुसार पन्ना एसपी को निर्देशित किया गया है कि वे जारी गैर जमानती वारंट की औपचारिक तामील कराएं और कलेक्टर उषा परमार को 30 सितंबर को हर हाल में अदालत के समक्ष पेश करें। यह मामला सामान्य प्रशासनिक शिकायत से अलग सीधे तौर पर हाई कोर्ट के न्यायिक आदेशों की अवहेलना से जुड़ा हुआ है। एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबर से जिले सहित पूरे राज्य के प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है, और अब सबकी नजरें 30 सितंबर को होने वाली अगली पेशी पर टिकी हैं।

सवाल-जवाब

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने किसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है?
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पन्ना जिले की कलेक्टर आईएएस उषा परमार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
हाई कोर्ट की किस पीठ ने यह आदेश दिया है?
यह आदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकल पीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।
कलेक्टर उषा परमार पर किस मामले में अवमानना का आरोप है?
सेवानिवृत्त कर्मचारी जाविन आरा रिजवी के नियमितीकरण संबंधी अभ्यावेदन पर 90 दिनों में निर्णय लेने के अदालती आदेश का पालन न करने पर यह कार्रवाई हुई है।
वारंट की तामील कराने की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है?
हाई कोर्ट ने पन्ना के पुलिस अधीक्षक को वारंट की तामील कराकर कलेक्टर को पेश कराने का निर्देश दिया है।
अदालत में अगली सुनवाई कब निर्धारित की गई है?
हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को तय की है, जिस दिन कलेक्टर को पेश किया जाना है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·अभी

कलेक्टर साहिबा ने कोर्ट के आदेश को सचमुच बहुत हल्के में ले लिया था। अब 30 सितंबर को एसपी साहब खुद उन्हें लेकर हाजिर होंगे तब समझ आएगा कि अदालत की अवहेलना क्या होती है।

Ravikash Gupta@ravikash·अभी

अर्जुन जी, बात तो सही है पर मुझे नहीं लगता कि एसपी सच में कलेक्टर मैडम को हथकड़ी लगाकर लाएंगे। शायद कोर्ट में पेश होने से पहले ही कोई दूसरा रास्ता निकल आए।

Rohan Verma@rohan-verma·21 मिनट पहले

अदालत के आदेशों को हल्के में लेने का नतीजा ऐसा ही होना चाहिए। यूपी हो या एमपी, अफसरशाही की मनमानी पर लगाम लगनी ही चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 मिनट पहले

रोहन भाई, अफसरशाही की मनमानी पर लगाम तो लगनी चाहिए, पर क्या सीधे गैर जमानती वारंट जारी करना थोड़ा ज्यादा सख्त कदम नहीं हो गया?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp