मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सुदामा नगर इलाके में 27 जून को हुई एक बुजुर्ग दंपति की नृशंस हत्या के मामले में जांच अब एक निर्णायक मोड़ पर आ गई है। पुलिस को एक शराब की दुकान के CCTV फुटेज और एक ऑनलाइन पेमेंट की डिजिटल ट्रांजेक्शन से संदिग्ध की पहचान की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है।
12 सदस्यीय SIT का गठन, रश्मि अग्रवाल की अगुवाई
पुलिस ने इस मामले की जांच में तेजी लाने के लिए एक विशेष जांच दल यानी SIT बनाई है। इस दल में कुल 12 सदस्य हैं और इसका नेतृत्व अतिरिक्त डीसीपी रश्मि अग्रवाल कर रही हैं। टीम में 2 ACP समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
क्या था यह मामला
27 जून की वह रात भोपाल के सुदामा नगर की आंबेडकर कॉलोनी के लिए दहशत से भरी रही। बुजुर्ग दंपति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन को उनके अपने घर के भीतर ही गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस दोहरी हत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बन गया था।
जांच के शुरुआती कदम और पूछताछ
पुलिस ने इस केस में शुरुआत से संपत्ति विवाद और अवैध संबंधों के एंगल से भी जांच की। हालांकि अब तक 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है, लेकिन कोई भी ठोस आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है।
CCTV में दिखे रेनकोट और दस्ताने पहने संदिग्ध
जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला गया। इसमें दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में दस्ताने लगाए हुए नजर आए। इस तैयारी ने साफ कर दिया कि आरोपी पहले से पूरी सोची-समझी रणनीति के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे।
शराब दुकान का CCTV बना जांच की धुरी
जांच में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब घटनास्थल के निकट स्थित एक शराब की दुकान के CCTV फुटेज में एक संदिग्ध युवक शराब खरीदते हुए दिखाई दिया। सबसे अहम बात यह रही कि उसने पेमेंट ऑनलाइन की थी। इस एक डिजिटल ट्रांजेक्शन ने पुलिस को उस युवक की पहचान से जुड़े जरूरी सबूत हासिल करा दिए।
प्रोफेशनल शूटर के इस्तेमाल का अंदेशा
हत्या के तरीके की सटीकता और पूरी वारदात की सुनियोजित रूपरेखा को देखकर पुलिस को आशंका है कि इसमें किसी प्रोफेशनल शूटर का इस्तेमाल किया गया होगा। यह किसी आम अपराधी की करतूत नहीं लगती, बल्कि पूरी घटना काफी पहले से प्लान की गई प्रतीत होती है।
SIT के सामने अब क्या है चुनौती
फिलहाल SIT डिजिटल ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड, तमाम CCTV फुटेज और अन्य सभी सबूतों को एकत्र कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में एक बड़ी गिरफ्तारी हो सकती है।













