राजस्थान के अजमेर जिले में तीर्थ नगरी पुष्कर घूमने आए हरियाणा के एक युवक की खोजबीन का दर्दनाक अंत हुआ है। करीब एक महीने पहले रहस्यमय तरीके से गायब हुए 30 वर्षीय संदीप जाट का शव पुष्कर की सावित्री माता पहाड़ी के जंगली इलाके से सड़ी-गली हालत में बरामद किया गया है। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले युवक के अचानक गायब होने के बाद से पुलिस और परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। सोमवार को शव मिलने की पुष्टि होते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
तीर्थ यात्रा पर आया था परिवार, होटल से अचानक निकला था युवक
हरियाणा के जींद जिले का रहने वाला संदीप जाट 5 सितंबर को अपने परिजनों के साथ राजस्थान के पुष्कर में दर्शन करने और घूमने आया हुआ था। पूरा परिवार यहां जाट विश्राम स्थली में ठहरा था। यात्रा के अगले ही दिन, यानी 6 सितंबर को संदीप बिना किसी को कुछ बताए विश्राम स्थल से बाहर चला गया। जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा, तो परिवार के लोगों ने आसपास खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला।
थाने में दर्ज कराई थी गुमशुदगी, महीने भर चला तलाश अभियान
संदीप के वापस न लौटने और कोई संपर्क न हो पाने पर परिजनों ने 8 सितंबर को पुष्कर पुलिस थाने पहुंचकर औपचारिक गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद से ही स्थानीय पुलिस और संदीप के परिजन लगातार पुष्कर और आसपास के संभावित इलाकों में उसकी तलाश कर रहे थे। हफ्तों तक चले इस सघन खोज अभियान में लंबे समय तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका था।
मोबाइल फोन मिलने के बाद तेज हुआ पहाड़ी पर सर्च ऑपरेशन
मामले में अहम मोड़ 3 अक्टूबर को आया, जब पुलिस को सावित्री माता पहाड़ी के आसपास तलाशी के दौरान संदीप का मोबाइल फोन बरामद हुआ। फोन मिलने से यह संकेत मिला कि युवक इसी पहाड़ी क्षेत्र की तरफ गया था। इसके बाद पुलिस दल ने स्थानीय लोगों की मदद से पहाड़ी और बीहड़ इलाकों में खोजबीन का दायरा बढ़ा दिया। इसी व्यापक तलाशी के दौरान सोमवार को सावित्री माता पहाड़ी के बीहड़ हिस्से में संदीप का शव दिखाई दिया।
मेडिकल बोर्ड से कराया गया पोस्टमार्टम, मौत की वजह पर सस्पेंस
मामले के जांच अधिकारी कमलेश मीणा के अनुसार, पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और स्थानीय लोगों के सहयोग से शव को पहाड़ी से नीचे उतारकर कब्जे में लिया। शव काफी पुराना और क्षत-विक्षत हो चुका था, जिसके कारण मौके पर मौत के स्पष्ट कारणों और समय का तुरंत पता नहीं चल सका। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां मंगलवार को मेडिकल बोर्ड की टीम से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब विभिन्न पहलुओं और साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदीप किन परिस्थितियों में पहाड़ी पर पहुंचा और उसकी जान कैसे गई।



















