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शादी का प्रलोभन देकर महिला से रेप के आरोप में घिरे राजेश मिश्रा, चार दिन से पुलिस कर रही एफआईआर दर्ज करने में आनाकानीमध्य प्रदेश
22 जुल॰ 2026, 11:57 am (99 दिन पहले)· 0

शादी का प्रलोभन देकर महिला से रेप के आरोप में घिरे राजेश मिश्रा, चार दिन से पुलिस कर रही एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी

राजस्थान की रहने वाली एक युवती ने मध्य प्रदेश पुलिस के एआईजी राजेश मिश्रा पर शादी का झूठा वादा कर शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत देने के चार दिन बाद और पुलिस मुख्यालय के चक्कर काटने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

राजस्थान की रहने वाली एक युवती ने मध्य प्रदेश पुलिस के एक बड़े अधिकारी, असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल (एआईजी) राजेश मिश्रा पर शादी का झूठा प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने और शारीरिक रूप से शोषण करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस महकमे की इस भारी लापरवाही और टालमटोल ने कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा प्रणाली पर कई गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता का सीधा आरोप है कि आरोपी खुद पुलिस का एक बड़ा अधिकारी है, इसलिए पुलिस उसे बचाने की कोशिश कर रही है और न्याय देने में जानबूझकर देरी कर रही है।

शादी समारोह की मुलाकात से लेकर शोषण के लंबे सिलसिले तक

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत के बारे में बताते हुए पीड़िता ने कहा कि उसकी और एआईजी राजेश मिश्रा की पहली मुलाकात इसी साल फरवरी 2025 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। इस कार्यक्रम में जान-पहचान होने के बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू हो गई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता चला गया। युवती का आरोप है कि राजेश मिश्रा ने उसे अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए और मीठी-मीठी बातें करके उसका पूरा विश्वास जीत लिया और फिर उसे शादी करने का पक्का वादा दिया। अधिकारी ने इसी झूठे वादे की आड़ में उसे अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने अपनी शिकायत में विशेष रूप से भोपाल, इंदौर और मुंबई सहित कम से कम चार अलग-अलग शहरों का जिक्र किया है, जहां उसके साथ यह शोषण हुआ। युवती का कहना है कि जब उसने अधिकारी पर शादी करने का लगातार दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपी ने अचानक उससे दूरियां बना लीं और अपने किए गए वादे से पूरी तरह मुकर गया।

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श्यामला हिल्स थाने और पुलिस मुख्यालय में न्याय के लिए भटकाव

अपने साथ हुए इस धोखे के बाद जब युवती ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया, तो उसे वहां भी भारी निराशा हाथ लगी। शुक्रवार को वह अपनी पूरी शिकायत लेकर भोपाल के श्यामला हिल्स थाने पहुंची थी, जहां उसे न्याय मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वहां उसे कई घंटों तक बिना किसी कारण के इंतजार करवाया गया। पीड़िता का आरोप है कि शुरुआत में तो संबंधित थाने के कर्मचारियों ने उसका आवेदन लेने से ही साफ तौर पर इनकार कर दिया। काफी लंबी जद्दोजहद और अंततः कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सीधे दखल के बाद ही थाने की पुलिस ने उसकी लिखित शिकायत को स्वीकार किया। लेकिन शिकायत लेने के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस रवैये से हताश होकर युवती को न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) जाना पड़ा, ताकि वह आला अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सके और तत्काल कार्रवाई की मांग कर सके।

वकील की सख्त चेतावनी: न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी

इस पूरे मामले में युवती का केस लड़ रहे उनके वकील ने भी मध्य प्रदेश पुलिस की नीयत और उसकी कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। वकील का बिल्कुल स्पष्ट कहना है कि यदि पुलिस ने बिना किसी और देरी के मामले की एफआईआर दर्ज नहीं की, तो वे मजबूर होकर न्यायालय की शरण लेंगे। उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता और नए कानूनों के तहत महिलाओं के खिलाफ हुए ऐसे गंभीर और संज्ञेय अपराधों की शिकायत मिलते ही पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करनी चाहिए, इसमें किसी भी तरह की देरी गैर कानूनी है। वकील ने सीधा आरोप लगाया कि चूंकि यह पूरा मामला एक रसूखदार और बड़े पुलिस अधिकारी से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस विभाग जानबूझकर कागजी कार्रवाई में देरी कर रहा है।

पुलिस विभाग की सफाई: दस्तावेजों और शुरुआती तथ्यों की जांच जारी

एफआईआर दर्ज न करने और मामले में लगातार हो रही देरी को लेकर जब स्थानीय पुलिस अधिकारियों से सवाल किए गए, तो उन्होंने अपना बचाव करते हुए एक अलग ही तर्क दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें शिकायत विधिवत रूप से मिल चुकी है और फिलहाल इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उनका तर्क है कि चूंकि यह मामला एक राजपत्रित पुलिस अधिकारी से जुड़ा है, इसलिए सीधे एफआईआर दर्ज करने से पहले प्रारंभिक तथ्यों और आरोपों की सत्यता की जांच करना जरूरी है। जांच टीम फिलहाल युवती द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों, कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य सबूतों का गहराई से परीक्षण कर रही है। अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया है कि जांच की यह शुरुआती प्रक्रिया पूरी होने के बाद, नियम और कानून के अनुसार जो भी उचित और सख्त कार्रवाई बनेगी, वह निश्चित रूप से की जाएगी।

सवाल-जवाब

एआईजी राजेश मिश्रा पर क्या आरोप लगे हैं?
राजस्थान की एक युवती ने एआईजी राजेश मिश्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने शादी का झूठा वादा करके भोपाल, इंदौर और मुंबई सहित चार अलग-अलग शहरों में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता और एआईजी राजेश मिश्रा की पहली मुलाकात कब हुई थी?
पीड़िता के मुताबिक, उसकी और राजेश मिश्रा की पहली मुलाकात फरवरी 2025 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने शिकायत मिलने के चार दिन बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एक वरिष्ठ अधिकारी है, इसलिए फिलहाल शुरुआती तथ्यों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पीड़िता ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहां-कहां गुहार लगाई?
पीड़िता ने भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में शिकायत दी और पुलिस के रवैये से परेशान होकर कार्रवाई की मांग करने के लिए पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) भी गई।
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