दीपावली की खुशियों और त्योहारी सीजन की शुरुआत के बीच मध्य प्रदेश के रीवा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के एक खतरनाक नेटवर्क को बेनकाब किया है। नए बस स्टैंड पर खाद्य विभाग की टीम ने अचानक दबिश देकर उत्तर प्रदेश के बनारस से बसों के माध्यम से भेजी गई करीब एक क्विंटल दूषित व मिलावटी मिठाई और मावे की खेप को जब्त कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के मिठाई कारोबारियों में अफरा-तफरी मच गई है, वहीं त्योहार पर शुद्ध पकवान और मिठाइयों की खरीदारी करने निकले आम नागरिकों के बीच भी चिंता का माहौल पैदा हो गया है।
नए बस स्टैंड पर लावारिस मिली खेप, ट्रैवल एजेंसियों के जरिए सप्लाई
खाद्य सुरक्षा विभाग को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि दीपावली की भारी मांग को भुनाने के लिए बाहर के राज्यों से बड़े पैमाने पर नकली खोया और घटिया मिठाइयां शहर में उतारी जा रही हैं। कलेक्टर के कड़े निर्देश मिलते ही अधिकारियों की संयुक्त टीम ने रीवा के नए बस स्टैंड पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां स्थित 'गौतम ट्रैवल्स' के काउंटर पर लावारिस हालत में रखे संदिग्ध पार्सलों की पड़ताल की गई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि यह पूरा कंसाइनमेंट बनारस से 'आभा ट्रैवल्स' की बस के जरिए बुक कराकर भेजा गया था, जिसे यहां गौतम ट्रैवल्स के काउंटर से रिसीव किया जाना तय हुआ था।
दूध और शुद्ध खोए की जगह सिंथेटिक स्टार्च और हानिकारक रसायनों की मिलावट
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जब मौके पर बरामद मिल्क केक, मावा और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का प्राथमिक परीक्षण किया, तो बेहद चौंकाने वाले परिणाम मिले। मिठाइयों का वजन बढ़ाने और उन्हें असली जैसा चमकदार रूप देने के लिए असली दूध या शुद्ध खोए का इस्तेमाल न के बराबर था। इसके उलट, उसमें सिंथेटिक स्टार्च, हानिकारक फ्लेवर और खतरनाक रसायनों का बेधड़क प्रयोग किया गया था। कार्रवाई के दौरान मौके पर संबंधित व्यापारी या पार्सल छुड़ाने वाला कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया, जिसके बाद टीम ने पूरी सामग्री को तुरंत कब्जे में लेकर सील कर दिया।
त्योहारी मुनाफे की आड़ में जनता की सेहत से खिलवाड़
दीपावली और आने वाले वैवाहिक आयोजनों के चलते बाजार में मिठाइयों की मांग में अचानक भारी उछाल आता है। स्थानीय स्तर पर दूध और खोए की सीमित आपूर्ति के कारण मिलावटखोर इस कमी का फायदा उठाते हैं और दूसरे शहरों से जहरीली सामग्री मंगाकर खपाने की जुगत में रहते हैं। रीवा में पकड़ी गई इस खेप से अब यह गंभीर सवाल भी खड़ा हो गया है कि शहर की वे कौन सी दुकानें हैं जहां यह दूषित माल पहुंचाया जाना था।
नमूने प्रयोगशाला भेजे गए, बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की पड़ताल
प्रशासन ने जब्त किए गए सभी संदिग्ध नमूनों को सील करके विधि सम्मत जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया है। विभाग अब इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है कि बनारस से यह माल किसने भेजा था और रीवा में इसे किस सिंडिकेट के हाथों में सौंपा जाना था। इस छापेमारी से अवैध कारोबारियों में खलबली तो मची है, लेकिन त्योहारी सीजन में हर नागरिक तक शुद्ध खाद्य सामग्री सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है।



















