त्योहारी सीजन के ठीक पहले उत्तर प्रदेश के आवास और वाणिज्यिक संपत्ति बाजार में बड़ा उछाल देखने को मिला है। अपने लिए नया आशियाना या व्यावसायिक प्रतिष्ठान तलाश रहे लोगों के लिए प्रदेश भर में नए विकल्प तैयार होने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने प्रदेश के 8 अलग अलग जिलों में कुल 17 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इन सभी स्वीकृत योजनाओं पर मिलाकर लगभग 4,844 करोड़ रुपये की पूंजी खर्च की जाएगी, जिससे बाजार में 5,726 से अधिक आवासीय फ्लैट और व्यावसायिक इकाइयां बनकर तैयार होंगी। इस बड़े कदम से प्रदेश के विभिन्न शहरों में निर्माण गतिविधियों और आर्थिक चक्र को सीधा संबल मिलने वाला है।
राजधानी लखनऊ में सबसे बड़ा निवेश और सबसे ज्यादा इकाइयां
प्राधिकरण से मिले आधिकारिक ब्योरे के अनुसार, नई स्वीकृतियों में सबसे बड़ा हिस्सा राजधानी लखनऊ के खाते में गया है। लखनऊ में अकेले 9 परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है, जिन पर लगभग 2,203.27 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इन परियोजनाओं में 6 विशुद्ध आवासीय परिसर, एक मिश्रित उपयोग वाला प्रोजेक्ट और 2 पूरी तरह व्यावसायिक परिसर शामिल हैं। राजधानी में इन योजनाओं के जरिए कुल 3,031 नए फ्लैट और दुकानें बाजार में उतारी जाएंगी। इससे शहर के अलग अलग इलाकों में संपत्ति खरीदने वालों को बेहतर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस विकल्प हासिल हो सकेंगे।
एनसीआर के गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में भी बड़े प्रोजेक्ट्स
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे जिलों में भी निर्माण कार्यों को रफ्तार देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। गाजियाबाद जिले में दो आवासीय प्रोजेक्ट्स को मंजूरी प्रदान की गई है, जिन पर कुल 943.28 करोड़ रुपये का निवेश किया जाना है। गाजियाबाद की इन दोनों योजनाओं के पूरा होने पर कुल 1,016 आवासीय इकाइयां बनकर तैयार होंगी। वहीं गौतम बुद्ध नगर में 940.43 करोड़ रुपये की लागत वाली एक बड़े मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट को विनियामक सहमति मिल गई है। इस सिंगल मिश्रित प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुल 456 यूनिट्स विकसित की जाएंगी, जिसमें रहने और कारोबार करने दोनों की सुविधाएं मौजूद रहेंगी।
कानपुर, मेरठ और धार्मिक व औद्योगिक केंद्रों में नई योजनाओं का विस्तार
प्रदेश के अन्य प्रमुख औद्योगिक और ऐतिहासिक शहरों में भी नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई है। कानपुर नगर में 524.66 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा आवासीय प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा, जिसमें 597 फ्लैट्स बनाए जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अहम केंद्र मेरठ में 194.28 करोड़ रुपये की लागत वाली आवासीय परियोजना को स्वीकृति दी गई है, जिसके जरिए 313 नई इकाइयां तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही अयोध्या, फिरोजाबाद और मुरादाबाद में भी आवासीय योजनाओं का विस्तार किया गया है। अयोध्या में 26.61 करोड़ रुपये के निवेश से 159 यूनिट्स, कांच नगरी फिरोजाबाद में 10.87 करोड़ रुपये की लागत से 48 यूनिट्स तथा पीतल नगरी मुरादाबाद में 1.03 करोड़ रुपये के निवेश से 12 यूनिट्स का निर्माण किया जाएगा।
तय समय पर निर्माण और खरीदारों के अधिकारों की सख्त निगरानी
परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विनियामक संस्था ने सख्त रुख अपनाने का संदेश दिया है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावों का समयबद्ध निस्तारण और निर्माण कार्यों का लगातार जायजा लेना बेहद अहम है, ताकि स्वीकृत योजनाएं बिना किसी रुकावट तय समयसीमा के भीतर पूरी हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राधिकरण का मुख्य मकसद घर खरीदारों को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी माहौल उपलब्ध कराना है। विनियामक संस्था ने दोहराया कि सभी 17 मंजूर परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिल्डर संबंधित कानून के सभी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।


















