महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों पर हुए चुनावों के लिए मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच देखने को मिल रहा है। जिन पांच सीटों के लिए यह मुकाबला हो रहा है, उनमें पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी सीटों के लिए 23 अक्तूबर को मतदान संपन्न हुआ था। राज्य की कुल 78 सीटों वाली विधान परिषद में इन पांच सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को पूरा होने जा रहा है।
मैदान में हैं कुल 182 उम्मीदवार और इतने मतदाताओं ने डाले वोट
इन पांच सीटों के चुनावी मैदान में कुल 182 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला करने के लिए कुल 10,68,072 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इन सभी पांचों सीटों पर कुल मिलाकर औसतन 72.96 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। इनमें से अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक मतदान रिकॉर्ड किया गया था।
नागपुर और अन्य सीटों पर राजनीतिक समीकरण
नागपुर स्नातक सीट पर भारतीय जनता पार्टी के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच आमने-सामने की टक्कर है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक अनिल सोले ने अपना नाम वापस लेते हुए सुधाकर कोहले को समर्थन देने का ऐलान किया था। फिलहाल नागपुर स्नातक सीट की मतगणना तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल सीट के नतीजों पर टिकी हुई हैं।
विभिन्न दलों की सीटों पर दावेदारी
भारतीय जनता पार्टी ने नागपुर स्नातक, पुणे शिक्षक और पुणे स्नातक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसके अलावा, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने चुनाव लड़ा, जबकि अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना ने अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा था। दिलचस्प बात यह है कि शिवसेना ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ एक निर्दलीय प्रत्याशी को भी समर्थन दिया था, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत
चुनाव के दौरान अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा 92.25 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। इसके अलावा पुणे शिक्षक सीट पर 85.56 प्रतिशत, नागपुर स्नातक सीट पर 64.82 प्रतिशत, पुणे स्नातक सीट पर 62.75 प्रतिशत और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर 59.12 प्रतिशत मतदान हुआ था। इन सभी पांचों सीटों के नतीजे आने के बाद राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है।
























