नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के पूर्व महानिदेशक वाईसी मोदी ने एक साक्षात्कार के दौरान कुख्यात आतंकवादी हाफिद सईद की गतिविधियों और उसकी सुरक्षा को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। वाईसी मोदी ने स्पष्ट किया है कि यह वांछित आतंकी पूरी तरह से पाकिस्तानी सरकार और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में रह रहा है।
कब्जे में सुरक्षा और दिखावे की हिरासत
वाईसी मोदी ने बातचीत में बताया कि कागजों पर भले ही हाफिद सईद को एहतियातन हिरासत यानी प्रिवेंटिव कस्टडी में बताया जाता हो, लेकिन सच्चाई इससे कोसों दूर है। वह बेरोक-टोक हर जगह आता-जाता रहता है। उसे मिलने वाला सुरक्षा कवच इतना पुख्ता है कि वह सामान्य जेड प्लस सुरक्षा घेरे से भी कहीं अधिक मजबूत है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि उसे खुद इस बात का अहसास है कि उसके दुश्मनों की फेरिहस्त बहुत लंबी है।
अमेरिकी भूमिका के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने भू-राजनीतिक और रणनीतिक हितों के तहत सब कुछ जानते हुए भी इस पर सीधी कार्रवाई से बचता है। जबकि हर कोई जानता है कि हाफिद सईद न केवल साल 2008 के मुंबई हमलों यानी 26/11 का मुख्य साजिशकर्ता है, बल्कि वह पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड साजिद जट्ट को भी निर्देश देने वाला शख्स रहा है।
रेंजर्स और आतंकियों का साझा सुरक्षा घेरा
वाईसी मोदी ने आगे बताया कि हाफिद सईद को पाक सरकार की तरफ से खुली सरपरस्ती हासिल है। सरकारी नुमाइंदे न केवल लगातार उससे मुलाकात करते हैं, बल्कि उसके सभी कामकाज में मदद भी करते हैं। स्थिति यह है कि उसके सुरक्षा घेरे में आतंकवादियों के साथ-साथ पाकिस्तानी रेंजर्स के जवान भी कंधे से कंधा मिलाकर सुरक्षा कवर मुहैया कराते हैं। हाल ही में सामने आई तस्वीरें बहावलपुर और मुरीदके की हैं। यह बात बिल्कुल साफ हो चुकी है कि मुरीदके और बहावलपुर में एक बार फिर से आतंकी कैंपों को स्थापित कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन संध्या के दौरान जिन ठिकानों पर गोले गिरे थे, उन्हीं जगहों को पाकिस्तानी सरकार और उनके फ्रंट संगठनों ने मिलकर वित्तीय सहायता दी और पूरी तैयारी करवाई। वहां नए सिरे से बुनियादी ढांचा खड़ा किया गया है और अब वह जगह दोबारा एक मजबूत मर्कज के रूप में तैयार हो चुकी है। यह सब इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि पाकिस्तान आतंक का पोषक देश है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर लगातार बेनकाब किया जा रहा है।
भारत की कानूनी और कूटनीतिक कार्रवाई
मुंबई हमलों के बाद से ही पाकिस्तान को हाफिद सईद के खिलाफ डोजियर सौंपा जा चुका है। इस दस्तावेज में हाफिद सईद, उसके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ मौलाना मसूद अजहर और उसके परिवार की भी पूरी कुंडली शामिल थी, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। यही वजह है कि एनआईए और मुंबई पुलिस ने अपनी विस्तृत जांच पूरी करने के बाद अब हाफिद सईद के खिलाफ अलग से व्यक्तिगत चार्जशीट दाखिल कर दी है।
निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत इस पूरी जानकारी को औपचारिक रूप से केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपा जा रहा है, जिसके बाद इसे विदेश मंत्रालय के सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद भारत का विदेश मंत्रालय पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के माध्यम से औपचारिक समन जारी करवाएगा। यह पूरी कानूनी प्रक्रिया का एक हिस्सा है जिसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को पूरी तरह बेनकाब करने के वास्ते पूरा करना बेहद जरूरी है।
इससे पहले भी हाफिद सईद उस समय सुर्खियों में आया था जब पहलगाम टेरर अटैक मामले में उसे आरोपी बनाया गया था और एनआईए ने आधिकारिक रूप से उसका नाम अपनी चार्जशीट में शामिल किया था। इस मामले में कानूनी शिकंजा कसते हुए अदालत ने भी आतंकी हाफिद सईद के खिलाफ कड़े आदेश जारी किए थे।



















