आईआईटी बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच के सिलसिले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपनी छानबीन तेज कर दी है. इस मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस अब तक लगभग 60 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है. जांच टीम ने मामले में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से भी विस्तृत पूछताछ की है, जिसमें प्रोफेसर ने छात्र को प्रताड़ित करने या किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है.
परीक्षा कक्ष में हुई घटना पर प्रोफेसर का पक्ष
क्राइम ब्रांच के सामने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने परीक्षा के समय हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. प्रोफेसर ने बताया कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उन्होंने छात्र साहिल को कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन के जरिए नकल करते हुए देखा था. उनके अनुसार, जब उन्होंने साहिल को फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा, तब छात्र ने उस उपकरण को छिपाने की कोशिश की थी.
पूछताछ में प्रोफेसर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने छात्र के साथ कोई कठोर बातचीत या बहस नहीं की थी. उन्होंने केवल छात्र का प्रश्न-पत्र और उत्तर-पुस्तिका अपने पास जमा करवाई और साहिल को परीक्षा हॉल से बाहर चले जाने का निर्देश दिया. प्रोफेसर ने जोर देकर कहा कि उनकी तरफ से कोई मानसिक दबाव या प्रताड़ना नहीं दी गई थी.
जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार
साहिल के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि प्रोफेसर डूला ने उनके बेटे को प्रताड़ित किया था. इसके जवाब में प्रोफेसर ने अपने बयान में कहा कि आईआईटी बॉम्बे में अपने पूरे सेवाकाल के दौरान उन्होंने कभी भी किसी विद्यार्थी या अन्य व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया है. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के रूप में उनका प्राथमिक दायित्व सभी विद्यार्थियों को समान दृष्टि से देखना और पढ़ाना है, और उनके लिए संस्थान का प्रत्येक छात्र एक समान है.
हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था छात्र
एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर की शाम को पवई स्थित कैंपस में अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके मिले थे. यह दुखद घटना उसी दिन मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित रूप से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के आरोप में पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद सामने आई थी.
घटना के शुरुआती ब्योरों में यह बात सामने आई थी कि छात्र ने परीक्षा का प्रश्न-पत्र हल करने के उद्देश्य से उसे एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए अपने फोन का उपयोग किया था. हालांकि, बाद में इस प्रकरण की बारीक जानकारियों पर संस्थान की ओर से अधिक विवरण साझा करने से मना कर दिया गया था. क्राइम ब्रांच अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.





















