महाराष्ट्र के मीरा भयंदर क्षेत्र में काशिमीरा के पास रविवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहाँ निर्माणाधीन मेट्रो लाइन 9 के एलिवेटेड कॉरिडोर से सीमेंट का एक भारी स्लैब अचानक सड़क पर आ गिरा। इस दौरान नीचे से पैदल गुजर रहे 23 वर्षीय युवक शादाब सीधे इसकी चपेट में आ गए। सिर पर भारी स्लैब लगने के कारण शादाब गंभीर रूप से जख्मी होकर लहूलुहान अवस्था में वहीं सड़क पर गिर पड़े। कुछ ही दिनों के अंतराल में इस रूट पर यह तीसरा हादसा दर्ज हुआ है, जिसके बाद निर्माण कार्यों में बरती जा रही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सड़क किनारे काफी देर तक तड़पता रहा घायल युवक
हादसे के तुरंत बाद मौके पर स्थिति बेहद हृदयविदारक थी। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद शादाब सड़क के किनारे गिर गए थे। आसपास खड़ी गाड़ियों की आड़ होने के कारण आने-जाने वाले वाहन चालकों का ध्यान उनकी तरफ तुरंत नहीं गया। शादाब लगभग एक घंटे तक खून से लथपथ हालत में वहीं तड़पते रहे। जब कुछ राहगीरों की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाई और एक ऑटो रिक्शा की व्यवस्था करके उन्हें नजदीकी वोकहार्ट अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका गहन इलाज चल रहा है।
स्थानीय नागरिकों में लापरवाही को लेकर भारी रोष
इस हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों और वहां से नियमित रूप से गुजरने वाले राहगीरों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि निर्माण स्थल पर बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सुरक्षात्मक जालियां या उचित बैरिकेडिंग न होने के कारण पहले भी मलबा नीचे गिरता रहा है। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और मेट्रो प्रशासन की जवाबदेही तय करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित युवक के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
पुलिस जांच और परिजनों का इंतजार
काशीमीरा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, अस्पताल में भर्ती शादाब की हालत अभी बयान दर्ज कराने जैसी नहीं है, इसलिए उनके स्वास्थ्य में सुधार आने के बाद सोमवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की उम्मीद है। शादाब काशीमीरा में गद्दे की एक दुकान संचालित करते हैं। हादसे के वक्त उनके पिता मुंबई से बाहर गए हुए थे, जो घटना की जानकारी मिलते ही वापस लौट रहे हैं।
सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का आरोप
मीरा-भायंदर में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता संदीप राणे ने बताया कि जब शादाब मेट्रो कॉरिडोर और डबल-डेकर फ्लाईओवर के नीचे से पैदल निकल रहे थे, तभी ऊपर से सीमेंट का यह ब्लॉक गिरा। राणे के अनुसार, शादाब के सिर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल के नीचे लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई थी, जो कॉन्ट्रैक्टर जे कुमार की घोर लापरवाही को दर्शाता है। राणे ने यह भी ध्यान दिलाया कि कुछ ही हफ्ते पहले इसी मेट्रो लाइन के पास भारी पत्थर सड़क पर गिरे थे, जिससे एक स्कूल वैन बाल-बाल बची थी।























