मुंबई की सड़कों पर मामूली विवाद के बाद खाकी वर्दी को रौंदने की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जुहू के पॉश इलाके में एक महिला बीएमडब्ल्यू चालक ने सड़क पर हुए छोटे से हादसे के बाद न सिर्फ भारी हंगामा किया, बल्कि मौके पर हस्तक्षेप करने पहुंचे ट्रैफिक पुलिसकर्मी के ऊपर कार चढ़ाने की कोशिश भी कर डाली। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया और आरोपित महिला चालक को हिरासत में लेने के बाद विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।
सड़क पर मामूली टक्कर के बाद बढ़ा विवाद
यह पूरा वाकया जुहू क्षेत्र में एनएस रोड नंबर 10 पर स्थित संगीत महाभारती जंक्शन के पास हुआ। प्रतीक्षा बंगले के ठीक सामने सड़क पर चल रही एक बीएमडब्ल्यू कार और एक वैगनआर कार के बीच मामूली टक्कर हो गई थी। इस टक्कर के तुरंत बाद दोनों गाड़ियों के चालकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते सड़क पर बहस बढ़ने लगी और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे, जिससे वहां आवाजाही भी प्रभावित होने लगी थी।
ड्यूटी पर तैनात सिपाही के साथ बदसलूकी
सड़क पर विवाद बढ़ता देख वहां कानून-व्यवस्था और यातायात सुचारू रखने के लिए तैनात ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल प्रशांत गोकुल हाके तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराने और मामले में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए वाहन चालकों को निर्देश दिए। कांस्टेबल ने बीएमडब्ल्यू चला रही महिला को गाड़ी वहीं रोकने और जांच में सहयोग करने को कहा। हालांकि, महिला चालक ने पुलिसकर्मी की बात सुनने के बजाय उग्र रुख अपना लिया और पुलिस निर्देशों की पूरी तरह अनदेखी कर दी।
कार आगे बढ़ाकर जान जोखिम में डाली
जब महिला चालक अपनी गाड़ी रोकने को तैयार नहीं हुई, तो कांस्टेबल प्रशांत गोकुल हाके उसे आगे जाने से रोकने के लिए कार के ठीक सामने खड़े हो गए। आरोप है कि महिला ने इसके बावजूद ब्रेक नहीं लगाए और अपनी बीएमडब्ल्यू कार सीधे सिपाही की तरफ बढ़ा दी, जिससे वह सिपाही को कुचलने की कगार पर पहुंच गई थी। सिपाही ने किसी तरह अपनी जान बचाई। सड़क किनारे मौजूद एक अन्य महिला ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया।
कानूनी धाराओं के तहत गिरफ्तारी
इस खतरनाक बर्ताव के तुरंत बाद पीड़ित ट्रैफिक कांस्टेबल ने जुहू पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल), धारा 125 (दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। इसके साथ ही खतरनाक ड्राइविंग के लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 भी जोड़ी गई। पुलिस ने पहले आरोपित महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर औपचारिक रूप से उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी।



















