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दिमागी नक्सल वाले बयान पर नसीरुद्दीन शाह के खिलाफ तीखा हमला, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने दी देश छोड़ने की सलाहमहाराष्ट्र
29 अक्तू॰ 2026, 11:55 pm (54 मिनट पहले)· 1

दिमागी नक्सल वाले बयान पर नसीरुद्दीन शाह के खिलाफ तीखा हमला, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने दी देश छोड़ने की सलाह

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह द्वारा खुद को दिमागी नक्सल बताए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई हस्तियों ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की है।

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने हालिया बयानों के चलते एक नए राजनीतिक और सामाजिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए कहा था कि उन्हें स्वयं के दिमागी नक्सल होने पर गर्व है। इस वीडियो में उन्होंने शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और चेतावनी भरे लहजे में अपनी बात रखी थी। उनके इस सार्वजनिक रुख के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और अन्य प्रमुख हस्तियों ने उनके खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है।

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे का तीखा पलटवार

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने नसीरुद्दीन शाह की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें अपना सामान बांधकर पाकिस्तान चले जाने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू राष्ट्र में रहकर कमाई करते हैं, लेकिन उनकी निष्ठा सीमा पार की ताकतों के साथ जुड़ी रहती है। उनके अनुसार, पड़ोसी मुल्क में बैठे संचालक ऐसे तत्वों को स्क्रिप्ट मुहैया कराते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभिनेता इसी देश में पले-बढ़े हैं और उनकी सिनेमाई पहचान भी यहीं की जनता की वजह से बनी है, क्योंकि उनकी फिल्में पाकिस्तान में नहीं चलती थीं।

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नितेश राणे ने आगे कहा कि यदि किसी को देश की व्यवस्था से इतनी शिकायत है और वह खुद को दिमागी नक्सल कहलाने में गर्व महसूस करता है, तो उसके लिए वहां जाना ही बेहतर है जहां इस तरह की सोच रखने वालों की बड़ी तादाद मौजूद है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देश की पहचान और स्वीकार्यता के बिना किसी भी कलाकार को यह मुकाम नहीं मिल सकता था।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पुनीत इस्सर की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय रखी। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि वह एक कलाकार के तौर पर नसीरुद्दीन शाह का आदर करते थे और उनके काम को पसंद करते थे, लेकिन उनका यह रूप लोकतंत्र के लिए बेहद हानिकारक है। उन्होंने अभिनेता की विचारधारा को खतरनाक अर्बन नक्सल सोच से जुड़ा हुआ करार दिया।

वहीं, फिल्म जगत से जुड़े अभिनेता पुनीत इस्सर ने भी इस विवाद में अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक साथी कलाकार के रूप में वह उनका सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी विचारधारा केवल एकतरफा, वामपंथी और नक्सल-समर्थक नजर आती है। पुनीत इस्सर ने सुझाव दिया कि यदि किसी को लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई मौजूदा सत्ता व्यवस्था से असंतोष है, तो बयानबाजी करने के बजाय राजनीति के मैदान में उतरकर सीधे चुनाव लड़ना चाहिए।

सवाल-जवाब

नसीरुद्दीन शाह को लेकर नया विवाद क्यों खड़ा हुआ है?
नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो साझा कर कहा था कि उन्हें खुद के दिमागी नक्सल होने पर गर्व है और उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए थे।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
नितेश राणे ने अभिनेता पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें अपना सामान बांधकर पाकिस्तान चले जाने की सलाह दी।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह के बारे में क्या कहा?
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह अभिनेता का सम्मान करते थे, लेकिन उनका यह रुख भारत के लोकतंत्र के लिए बेहद हानिकारक है।
अभिनेता पुनीत इस्सर ने इस विवाद पर क्या रुख अपनाया?
पुनीत इस्सर ने कहा कि अभिनेता की सोच एकतरफा और वामपंथी है, और अगर उन्हें सरकार पसंद नहीं है तो उन्हें राजनीति में आकर चुनाव लड़ना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 1

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 मिनट पहले

नक्सल शब्द सुनते ही पुलिस और कोर्ट में केस बनते हैं — लेकिन जब कोई खुद 'दिमागी नक्सल' कहे तो नेताओं की जुबान चलती है, FIR नहीं। राजनीतिक बयानबाजी का यह खेल पुराना है। असली सवाल यह है कि इस पूरे विवाद में कानून की कोई भूमिका है या यह सिर्फ मीडिया ट्रायल बनकर रह जाएगा।

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