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मुंबई के पूर्वी उपनगरों में पेडेस्ट्रियन फर्स्ट मुहिम के तहत 30 प्रमुख सड़कों के फुटपाथ बदलेगी बीएमसीमहाराष्ट्र
16 सित॰ 2026, 1:04 pm (38 मिनट पहले)· 0

मुंबई के पूर्वी उपनगरों में पेडेस्ट्रियन फर्स्ट मुहिम के तहत 30 प्रमुख सड़कों के फुटपाथ बदलेगी बीएमसी

बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुंबई के पूर्वी उपनगरों में पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 30 व्यस्त सड़कों के फुटपाथों को नए सिरे से डिजाइन कर रही है। अतिक्रमण हटाने के बाद अक्टूबर से शुरू होने वाली इस परियोजना के तहत न्यूनतम दो मीटर चौड़े फुटपाथ और बैरिकेड्स बनाए जाएंगे।

मुंबई की व्यस्त सड़कों पर गाड़ियों की तेज रफ्तार के बीच पैदल चलने वाले यात्रियों को रोजाना भारी दिक्कतों और दुर्घटना के खतरों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने एक व्यापक योजना पर काम शुरू कर दिया है। बीएमसी ने अपनी 'पेडेस्ट्रियन फर्स्ट' मुहिम के तहत शहर के पूर्वी उपनगरों की 30 मुख्य सड़कों के फुटपाथों को पूरी तरह से नया रूप देने और उन्हें चौड़ा करने की तैयारी की है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य घनी आबादी वाले इन इलाकों में लाखों दैनिक यात्रियों को एक आरामदायक, सुरक्षित और बाधा रहित पैदल रास्ता प्रदान करना है, ताकि उन्हें गाड़ियों के बीच सड़क पर न चलना पड़े।

पूर्वी उपनगरों के मुख्य प्रभावित क्षेत्र और सड़कें

बीएमसी का यह व्यापक पुनर्विकास अभियान पूर्वी उपनगरों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रशासनिक वार्डों में लागू किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से घाटकोपर, भांडुप, कांजूरमार्ग, नाहूर और मुलुंड जैसे घने रिहाइशी और व्यावसायिक क्षेत्र शामिल हैं। नगर निगम ने इन 30 सड़कों का चयन पैदल यात्रियों की अत्यधिक भीड़, ट्रैफिक के दबाव और दुर्घटनाओं की आशंका को ध्यान में रखकर किया है।

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ये चयनित रास्ते विशेष रूप से लोकल रेलवे स्टेशनों, स्थानीय बाजारों, स्कूलों और प्रमुख बस स्टैंडों के आसपास स्थित हैं। रात-दिन चालू रहने वाले इस महानगर में इन व्यस्त मार्गों से रोजाना लाखों लोग आवाजाही करते हैं। बीएमसी की नई योजना का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी यात्री को रेलवे स्टेशन या बाजार से निकलकर बस स्टॉप अथवा अपने घर तक जाने के लिए बिना किसी रुकावट या खतरे के लगातार पैदल चलने योग्य फुटपाथ मिल सके।

दो चरणों की कार्ययोजना और अतिक्रमण हटाओ अभियान

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए नगर निगम ने दो चरणों की कार्ययोजना तैयार की है। पहले चरण के अंतर्गत सभी चिह्नित 30 सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। बीएमसी के अतिक्रमण विरोधी दस्तों ने सड़कों और फुटपाथों पर कब्जा जमाए बैठे अनधिकृत रेहड़ी-पटरी वालों, अवैध शेडों और अस्थायी ढांचों को पूरी तरह साफ कर दिया है।

परियोजना का दूसरा चरण फुटपाथों के नए सिरे से निर्माण और आधुनिक इंटीग्रेटेड पेडेस्ट्रियन डिजाइन को लागू करने से जुड़ा है। हालांकि अर्बन प्लानर्स की मदद से नए फुटपाथों के नक्शे और डिजाइन पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं, लेकिन मानसून की बारिश को देखते हुए फिलहाल निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार बारिश का मौसम खत्म होते ही अक्टूबर महीने से ऑन-ग्राउंड पुनर्निर्माण का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।

नालों की समस्या, चौड़ाई और नया आधुनिक डिजाइन

फुटपाथों की मौजूदा समस्याओं और बुनियादी ढांचे की कमियों पर बात करते हुए सहायक नगर आयुक्त योगिता कोल्हे ने बताया कि मुंबई के उपनगरों में अधिकांश फुटपाथ नालों को ढककर बनाए गए हैं। इस वजह से ये फुटपाथ काफी संकरे रह जाते हैं और पैदल चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती। पीक आवर्स के दौरान जब यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ती है, तो इन संकरे रास्तों पर भारी भीड़ हो जाती है और लोगों को आपस में धक्का-मुक्की करते हुए चलना पड़ता है।

शहरी नियोजकों द्वारा तैयार किए गए नए इंटीग्रेटेड डिजाइन के तहत अब सभी फुटपाथों की न्यूनतम चौड़ाई 2 मीटर तय की गई है। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों और व्यस्त चौराहों के पास जहां पैदल यात्रियों का दबाव अत्यधिक होता है, वहां फुटपाथ की चौड़ाई को 2 मीटर से भी अधिक बढ़ाया जाएगा। फुटपाथ की सतह को पूरी तरह समतल और एक समान बनाया जाएगा, ट्रैफिक आइलैंड्स को नया रूप दिया जाएगा और चौराहों पर जंक्शन क्षेत्रों का विस्तार किया जाएगा ताकि बच्चों, बुजुर्गों और सामान के साथ चलने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो।

बाधाओं को हटाना और कंक्रीटीकरण के साथ एकीकरण

सड़कों से अवैध दुकानों को हटाने के बाद भी फुटपाथों पर लगे बिजली के ट्रांसफॉर्मर, फायर हाइड्रेंट और लाइसेंस प्राप्त रेहड़ी-पटरी वाले यात्रियों के रास्ते में बाधा बनते हैं। बीएमसी का सड़क विभाग इन सभी स्थायी रुकावटों को हटाने और पुनर्व्यवस्थित करने का काम कर रहा है। इसके साथ ही इन इलाकों में सड़कों के कंक्रीटीकरण का काम भी चल रहा है, इसलिए नए फुटपाथों को नई कंक्रीट सड़कों के साथ एकीकृत रूप से जोड़ा जा रहा है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण कदम यह उठाया जा रहा है कि नए फुटपाथ और मुख्य सड़क के बीच मजबूत बैरिकेड लगाए जाएंगे। इन बैरिकेड्स का दोहरा लाभ होगा। पहला, पैदल चलने वाले लोग अचानक मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार गाड़ियों के सामने नहीं आ पाएंगे, और दूसरा, दोपहिया वाहन चालक या अन्य लोग फुटपाथ पर अवैध पार्किंग नहीं कर सकेंगे।

'पेडेस्ट्रियन फर्स्ट' अभियान और भविष्य का रोडमैप

पूर्वी उपनगरों की 30 सड़कों पर शुरू हो रहा यह काम बीएमसी की 'पेडेस्ट्रियन फर्स्ट' मुहिम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में सुरक्षित और साफ-सुथरे फुटपाथ बनाना पहली प्राथमिकता है। इन 30 सड़कों पर परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद, इस मॉडल को आगे शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

बीएमसी पूर्वी उपनगरों की कितनी सड़कों के फुटपाथ बदल रही है?
बीएमसी पूर्वी उपनगरों की 30 प्रमुख सड़कों के फुटपाथों को नए सिरे से डिजाइन और चौड़ा कर रही है।
नए फुटपाथों की न्यूनतम चौड़ाई कितनी होगी?
नए फुटपाथों की न्यूनतम चौड़ाई 2 मीटर होगी, और अधिक भीड़ वाले इलाकों में इसे और बढ़ाया जाएगा।
यह काम किन-किन प्रशासनिक क्षेत्रों में हो रहा है?
यह परियोजना घाटकोपर, भांडुप, कांजूरमार्ग, नाहूर और मुलुंड के प्रशासनिक वार्डों में लागू की जा रही है।
नए फुटपाथों का भौतिक निर्माण कार्य कब शुरू होगा?
अतिक्रमण हटाने का पहला चरण पूरा हो चुका है, और नए फुटपाथों का निर्माण कार्य अक्टूबर महीने से शुरू होगा।
पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए सड़क और फुटपाथ के बीच क्या लगाया जाएगा?
सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध पार्किंग रोकने के लिए फुटपाथ और मुख्य सड़क के बीच मजबूत बैरिकेड लगाए जाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·2 मिनट पहले

पूर्वी उपनगरों में रेलवे स्टेशनों और बाजारों के पास फुटपाथ सुधारने की यह पहल न केवल पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय व्यावसायिक गतिविधियों और रिटेल फुटफॉल को भी गति देगी। हालांकि, बीएमसी के लिए असली चुनौती अक्टूबर के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना और फुटपाथ बनने के बाद पुनः अतिक्रमण रोकना होगी। शहरी बुनियादी ढांचे में किया गया यह निवेश तभी आर्थिक रूप से टिकाऊ साबित होगा जब इन वॉकवे का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए।

Amit Patel@amit-patel·2 मिनट पहले

रविकेश की बात को आगे बढ़ाते हुए, सुगम और सुरक्षित फुटपाथ सिर्फ नागरिक सुविधा नहीं, बल्कि शहरी कार्यकुशलता और रिटेल अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाला आर्थिक मॉडल हैं। घाटकोपर और मुलुंड जैसे व्यस्त ट्रांजिट हब में बेहतर वॉकवे से आसपास के कमर्शियल रियल एस्टेट का मूल्य बढ़ेगा और संगठित फुटफॉल में वृद्धि होगी। यदि बीएमसी इस इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ माइक्रोनियोजित वेंडिंग ज़ोन और डिजिटाइज्ड मेंटेनेंस को जोड़ती है, तो स्थानीय व्यापार को व्यवस्थित बढ़ावा मिलेगा और अतिक्रमण की समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 मिनट पहले

अतिक्रमण हटाकर फुटपाथों का जीर्णोद्धार करना सार्वजनिक सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। एक कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से, बुनियादी ढाँचे के निर्माण के साथ-साथ नगर निगम और स्थानीय पुलिस का निरंतर प्रवर्तन सबसे आवश्यक पहलू है। यदि निर्माण के बाद कड़े पहरे और सतत निगरानी के ज़रिए दोबारा अतिक्रमण को नहीं रोका गया, तो राहगीरों के लिए सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने का यह मूल उद्देश्य अधूरा रह सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·22 मिनट पहले

करण की बात बिल्कुल सटीक है। नगर निगमों की अक्सर यह सीमा रही है कि वे बुनियादी ढांचा तो तैयार कर देते हैं, लेकिन नीतिगत निरंतरता के अभाव में परियोजनाएं फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती हैं। 'पेडेस्ट्रियन फर्स्ट' जैसे अभियानों को टिकाऊ बनाने के लिए सिर्फ अतिक्रमण हटाना काफी नहीं है; बल्कि वेंडिंग जोन नीति के पारदर्शी क्रियान्वयन और डिजाइन स्तर पर फिजिकल बैरियरिंग को लागू करना होगा। जब तक शहरी नियोजन में रेहड़ी-पटरी वालों के नियमन और यात्रियों की सुगमता के बीच संतुलन नहीं बनेगा, तब तक ऐसे जीर्णोद्धार अल्पकालिक ही साबित होंगे। अंतर-विभागीय जवाबदेही तय करना प्रशासनिक स्तर पर बेहद जरूरी है।

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