पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल के परिजनों ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें उन पर पत्रकारों को आपत्तिजनक इशारा करने का आरोप लगाया गया था। सिया के पिता प्रवीण गोयल ने अपनी बेटी का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस गाड़ी का दरवाजा बंद होने के दौरान उसकी उंगलियों में गंभीर चोट आई थी, जिसे जानबूझकर किया गया इशारा बताकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना को सोशल मीडिया पर बेहद संवेदनहीन और निराधार रूप से उछाला जा रहा है, जबकि असलियत कुछ और ही है।
पिता ने प्रस्तुत किए चोट के सबूत
अपनी बेटी पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए प्रवीण गोयल ने मीडिया के सामने अपनी बात को सच साबित करने के लिए अपने मोबाइल में कैद कुछ तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सिया गोयल के एक हाथ में पट्टी बंधी हुई है, जबकि दूसरे हाथ की उंगली बुरी तरह सूजी हुई है और चोट के कारण उसका नाखून भी पूरी तरह से नीला पड़ चुका है। उनके अनुसार, जब पुणे ग्रामीण पुलिस की टीम सिया को जांच के सिलसिले में उसके घर लेकर आई थी, तब पुलिस वैन का दरवाजा बंद करते समय उसकी दो उंगलियां उसमें दब गई थीं। इसी असहज शारीरिक स्थिति और दर्द की वजह से उसने अपनी उंगली को सीधा कर रखा था। उन्होंने कहा कि इस चोट की सच्चाई को जांच कर रही पुलिस टीम से भी सत्यापित किया जा सकता है।
घर पर तलाशी के दौरान क्या हुआ था?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब गुरुवार को पुणे ग्रामीण पुलिस की टीम सिया गोयल को साक्ष्य जुटाने और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पुणे के मार्केट यार्ड स्थित उसके निवास स्थान पर लेकर गई थी। पुलिस की इस कार्रवाई और घर की तलाशी के बाद जब सिया को बाहर लाया गया, तो वहां मौजूद मीडियाकर्मी उसकी कवरेज के लिए इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें कथित तौर पर यह दावा किया गया कि सिया ने कैमरों की तरफ अभद्र इशारा किया। इस वीडियो के सामने आने के बाद आम लोगों ने आरोपी के व्यवहार पर कड़े सवाल उठाए और कानून व्यवस्था को लेकर भी इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
पहाड़ी से धक्का देकर हत्या करने का आरोप
इस सनसनीखेज मामले के विवरण के अनुसार, सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर 18 जून को पुणे जिले में स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की एक ऊंची पहाड़ी से धकेलकर 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या कर दी थी। मृतक केतन अग्रवाल पेशे से रियल एस्टेट कारोबारी थे और उनकी सगाई सिया के साथ हो चुकी थी। दोनों की शादी इसी साल नवंबर महीने में तय की गई थी। इस मामले में पुलिस जांच के दौरान जब आरोपियों से झूठ पकड़ने वाला पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी गई, तो सिया ने इसके लिए साफ इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जहां वह फिलहाल बंद है।
डिलीट चैट्स और कोड वर्ड्स से खुलेगा राज
इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुणे पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया है कि उन्होंने आरोपियों के मोबाइल फोन से मिटाया गया डेटा सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया है। इस बरामद डेटा में कई ऐसी चैट मिली हैं जिनमें कोड वर्ड्स, उपनामों (निकनेम) और अलग-अलग इमोजी का इस्तेमाल कर बातचीत की गई थी। पुलिस अधिकारी अब इन डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि केतन की हत्या की इस कथित साजिश में क्या इन दोनों के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस का मानना है कि इन कोड वर्ड्स को डिकोड करने के बाद इस मर्डर केस से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे हो सकते हैं।













