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नागपुर के अस्पताल में डॉक्टर की मौत, एनेस्थीसिया ओवरडोज़ से जान गई, पांच दिनों से घर नहीं गए थेमहाराष्ट्र
23 जून 2026, 10:18 am (128 दिन पहले)· 3

नागपुर के अस्पताल में डॉक्टर की मौत, एनेस्थीसिया ओवरडोज़ से जान गई, पांच दिनों से घर नहीं गए थे

नागपुर के धंतोली स्थित न्यूरान स्पाइन एंड क्रिटिकल केयर सेंटर में तैनात रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर ने सोमवार को खुद को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन देकर आत्महत्या कर ली। जांच में सामने आया है कि वे मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद के चलते पांच से छह दिनों से घर नहीं गए थे।

महाराष्ट्र के नागपुर से एक दर्दनाक खबर आई है। धंतोली इलाके में स्थित न्यूरान स्पाइन एंड क्रिटिकल केयर सेंटर में कार्यरत रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर ने सोमवार को खुद को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन देकर जान दे दी। प्रारंभिक जांच में इसे एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा से हुई मौत की आशंका के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. चांदेकर न्यूरान अस्पताल में रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर के साथ-साथ वहां के प्रशासनिक कामकाज में भी सक्रिय रूप से शामिल थे।

बंद केबिन, कोई जवाब नहीं, फिर टूटा दरवाजा

अस्पताल का नियमित स्टाफ जब डॉ. चांदेकर की केबिन के पास पहुंचा तो वहां कोई हलचल नहीं दिखी। कर्मचारियों ने बार-बार आवाज लगाई और संपर्क करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। काफी देर तक कोई जवाब न मिलने पर कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का नजारा देखकर वे चौंक गए। डॉक्टर बेहोशी की हालत में फर्श पर पड़े थे। स्टाफ ने फौरन प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उनकी जान जा चुकी थी।

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मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद थे पृष्ठभूमि में

जांच में यह खुलासा हुआ है कि डॉ. ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर पिछले कुछ दिनों से गहरे मानसिक तनाव में थे। हाल के दिनों में पारिवारिक विवादों ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी थीं। यह भी सामने आया कि वे पिछले पांच से छह दिनों से घर नहीं गए थे और अस्पताल में ही रह रहे थे।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

घटना की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया। शव का पंचनामा किया गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस अब सभी पहलुओं की गहराई से जांच करते हुए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर डॉक्टर ने यह कदम उठाने का फैसला क्यों किया।

सवाल-जवाब

किस डॉक्टर की मौत हुई और वे किस अस्पताल में काम करते थे?
डॉ. ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर, जो नागपुर के धंतोली स्थित न्यूरान स्पाइन एंड क्रिटिकल केयर सेंटर में रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर थे और अस्पताल के प्रशासनिक कार्यों में भी शामिल थे।
डॉक्टर ने आत्महत्या किस तरह की?
उन्होंने सोमवार को खुद को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया और प्रारंभिक जांच में एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा को मौत की वजह माना जा रहा है।
सुसाइड के पीछे क्या कारण सामने आए हैं?
जांच में पता चला है कि वे कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थे और पारिवारिक विवादों से परेशान थे, साथ ही वे पिछले पांच से छह दिनों से घर भी नहीं गए थे।
घटना का पता कैसे चला?
अस्पताल के कर्मचारियों को केबिन में कोई हलचल नहीं दिखी और बार-बार आवाज देने के बाद भी जवाब न मिलने पर उन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और डॉक्टर को बेहोश पाया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने मामला दर्ज कर शव का पंचनामा किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया, जांच जारी है।
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