महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां फूड डिलीवरी एजेंट का रूप धरकर घर में घुसे बदमाशों ने एक परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट करने की कोशिश की। बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पृथ्वीराज नगर में हुई इस घटना के दौरान स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए एक संदिग्ध को मौके पर ही पकड़ लिया। आक्रोशित लोगों द्वारा पकड़े जाने और बाद में पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के चलते संदिग्ध को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं उसका दूसरा साथी घटना के बाद मौके से फरार होने में सफल रहा।
फूड डिलीवरी एजेंट के भेष में पहुंचे थे हथियारबंद बदमाश
पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार यह पूरी वारदात मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे घटित हुई। दो अज्ञात युवक ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों की टी-शर्ट पहनकर न्यू मनीष नगर स्थित मॉडल मिल समिति परिसर में पहुंचे। उनका इरादा डिलीवरी देने का नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से घर में घुसकर लूटपाट को अंजाम देने का था। डिलीवरी बॉय का हुलिया होने की वजह से शुरुआत में किसी को भी उन पर संदेह नहीं हुआ। दोनों युवकों ने मकान को निशाना बनाया और जैसे ही मौका मिला, वे सीधे घर के भीतर दाखिल हो गए।
चाकू की नोक पर महिला से जेवर छीनने का प्रयास
वारदात के वक्त न्यू मनीष नगर की मॉडल मिल समिति निवासी उषा देवी दास धार्मिक अपने घर पर मौजूद थीं। अचानक घर के अंदर घुसे दो अज्ञात युवकों में से एक ने उषा देवी के गले पर धारदार चाकू रख दिया और उनसे कीमती आभूषण तथा नकदी सौंपने की मांग करने लगा। उषा देवी ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और लुटेरों का कड़ा विरोध करते हुए जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। इस हाथापाई और छीना-झपटी के दौरान महिला के गले में मौजूद मंगलसूत्र टूट गया, जिसका आधा हिस्सा आरोपी के हाथ लग गया।
बहू की सूझबूझ से बची जान, परिवार और पड़ोसियों को दी सूचना
घर के मुख्य हॉल में मचे शोर-शराबे और चीख-पुकार को सुनकर दूसरे कमरे में मौजूद उषा देवी की बहू फौरन बाहर आई। हथियारबंद बदमाशों ने उसे देखते ही धमकाना शुरू कर दिया और चुपचाप सारे गहने व नकदी निकालने को कहा। बहू ने अत्यंत सूझबूझ और चालाकी का परिचय दिया। उसने लुटेरों से कहा कि वह अपने छोटे बच्चों को सुरक्षित कमरे में रख देती है। इसी बहाने वह बच्चों को लेकर कमरे के अंदर गई और फुर्ती से दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। सुरक्षित होते ही उसने तुरंत फोन के जरिए अपने पति और आसपास के पड़ोसियों को घर में हथियारबंद लुटेरों के घुसने की जानकारी दी।
टी-शर्ट बदलते समय पकड़े गए, बहाना बनाते ही बढ़ा शक
घर में डकैती की खबर मिलते ही उषा देवी का बेटा अपने कुछ दोस्तों के साथ तुरंत घर पहुंचा। इसके बाद स्थानीय पड़ोसियों और परिजनों ने मिलकर इलाके में दोनों संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर दो युवक डिलीवरी बॉय की टी-शर्ट उतारकर बदलते हुए दिखाई दिए। उनकी यह संदिग्ध गतिविधि देखकर स्थानीय लोगों को गहरा शक हुआ और उन्होंने तुरंत दोनों को घेर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने दावा किया कि वे निर्माण स्थल पर मजदूरी का काम करते हैं। हालांकि, जब भीड़ ने उनसे निर्माण कार्य की जगह दिखाने और वहां चलने को कहा, तो वे हड़बड़ा गए और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उनकी इस घबराहट से लोगों का यकीन पक्का हो गया कि उषा देवी के घर में घुसने वाले यही दोनों थे।
एक आरोपी भागने में रहा कामयाब, दूसरे की अस्पताल में मौत
भीड़ के घेराव के बीच मौका पाकर एक संदिग्ध, जिसकी पहचान दीपक पाटील के रूप में हुई, वहां से तेजी से भाग निकला। वहीं दूसरे संदिग्ध को आक्रोशित भीड़ ने पूरी तरह पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान न्यू नरसाला निवासी सुमेध राजेंद्र गजभिए के रूप में हुई, जिसे स्थानीय स्तर पर सुमित गजभिए भी कहा गया। लोगों द्वारा पकड़े जाने के दौरान घटना की सूचना बेलतरोड़ी पुलिस को दी गई। सूचना पर बेलतरोड़ी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को अपनी सुरक्षा में लिया। थानेदार नाइकवाड आरोपी को लेकर थाने पहुंचे, जहां उसने अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की। पुलिस तत्काल उसे चिकित्सीय जांच और इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल लेकर गई, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अपराध शाखा और सीआईडी करेगी मामले की निष्पक्ष जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। नागपुर के ज्वाइंट कमिश्नर नवीनचंद्र रेड्डी ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हो सकेगा। ज्वाइंट कमिश्नर नवीनचंद्र रेड्डी के मुताबिक, इस पूरे मामले की विस्तृत तफ्तीश नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। इसके साथ ही निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सीआईडी द्वारा भी की जाएगी, ताकि हिरासत और भीड़ द्वारा पकड़े जाने से जुड़े सभी पहलुओं की सच्चाई सामने आ सके।



















