महाराष्ट्र के उल्हासनगर में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां रेलवे स्टेशन के पास भारी भीड़भाड़ वाले इलाके में हरीश गजवानी नाम के व्यक्ति की चॉपर और गोलियों से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के समय स्टेशन क्षेत्र में सामान्य दिनों की तरह लोगों की खासी चहल-पहल थी, लेकिन अचानक हुए इस खूनी हमले से पूरे परिसर में भगदड़ मच गई और अफरातफरी का माहौल बन गया। हमलावरों ने पहले धारदार हथियार से हरीश पर ताबड़तोड़ वार किए और फिर भागने से पहले उनके सिर को निशाना बनाते हुए दो राउंड फायरिंग की, जिससे पीड़ित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
स्टेशन परिसर में वारदात और सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी
यह सनसनीखेज घटना बुधवार रात लगभग 8:30 बजे उल्हासनगर रेलवे स्टेशन से सटे कैंप-4 इलाके में घटी। चश्मदीदों और पुलिस की प्राथमिक पड़ताल के अनुसार हमलावरों ने पूर्व नियोजित तरीके से हरीश गजवानी को घेर लिया। हमलावरों के पास धारदार हथियार और पिस्टल मौजूद थी। उन्होंने बिना किसी संकोच के खुलेआम चॉपर निकाला और हरीश पर घातक प्रहार किए। जब हरीश खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े, तब हमलावरों ने उनके सिर में दो गोलियां दाग दीं ताकि बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
हमले को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी रेलवे स्टेशन के आसपास मौजूद यात्रियों और खरीदारों की भीड़ का फायदा उठाकर पैदल ही गलियों में गायब हो गए। हालांकि, भागते समय उनका यह खौफनाक कदम एक स्थानीय दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि एक हमलावर नंगे हाथ में चॉपर लहराते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि बाकी साथी उसके ठीक पीछे भागते नजर आ रहे हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अस्पताल में मृत घोषित
सरेराह हुई इस फायरिंग और हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उल्हासनगर के डीसीपी सचिन गोरे समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फौरन भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल हरीश गजवानी को तुरंत उठाकर पास के सेंट्रल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सबूत जुटाने और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की।
मिलिंद नगर से दो घंटे में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना के बाद आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने कई विशेष दल गठित किए। पुलिस की क्राइम ब्रांच और खुफिया विभाग ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय संपर्कों की मदद से आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी। वारदात के महज दो घंटे के भीतर पुलिस टीमों ने घेराबंदी करते हुए मिलिंद नगर क्षेत्र से तीनों फरार हमलावरों को दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अविनाश नायडू, विजय पुरन सिंह और नूर आलम खान के तौर पर की गई है। तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस उनसे वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य साजोसामान की बरामदगी को लेकर जानकारी जुटा रही है।
वर्ष 2021 की पुरानी रंजिश और गहरी साजिश की जांच
डीसीपी सचिन गोरे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में हत्या की मुख्य जड़ वर्ष 2021 से चली आ रही पुरानी रंजिश प्रतीत होती है। इसी व्यक्तिगत विवाद के चलते आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से इस कत्ल को अंजाम दिया। मृतक हरीश गजवानी का पिछला रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में है, जिसमें यह बात सामने आई है कि वह खुद भी पूर्व में दर्ज एक हत्याकांड के मामले में आरोपी थे और इस समय जमानत पर जेल से बाहर आए हुए थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रकरण की बेहद बारीकी से छानबीन की जा रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या अविनाश, विजय और नूर आलम के अलावा पर्दे के पीछे से किसी अन्य व्यक्ति ने इस साजिश को वित्तीय या रणनीतिक समर्थन दिया था। पुलिस का कहना है कि सभी कड़ियों को जोड़ने और विस्तृत पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सकेगा।



















