रेलवे स्टेशन परिसर को साफ-सुथरा, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए रेल प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले मुसाफिरों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। कोटा रेलवे स्टेशन पर सितंबर 2026 के पूरे महीने जन विश्वास अधिनियम के प्रावधानों के तहत विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान टिकट रहित यात्रा, प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलाने और धूम्रपान करने जैसे अपराधों के कुल 1,708 मामले सामने आए, जिनसे 10,17,215 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
विभिन्न विभागों ने अलग-अलग मोर्चों पर की कार्रवाई
इस सघन अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि 01 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीन अलग-अलग टीमों ने स्टेशन पर मोर्चा संभाला था। इसमें वाणिज्य विभाग, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में जांच की। वाणिज्य विभाग ने नियमों की अवहेलना करने के 808 मामलों में कार्रवाई करते हुए 5,34,615 रुपये का जुर्माना वसूला। वहीं रेलवे सुरक्षा बल ने 802 मामलों में 4,40,000 रुपये का दंड लगाया। इसके अतिरिक्त मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक की टीम ने स्टेशन परिसर में अस्वच्छता फैलाने और कचरा फेंकने के 98 मामलों को चिह्नित कर 42,100 रुपये वसूले।
सुरक्षा और स्वच्छता को मजबूत करना मुख्य मकसद
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस तरह के कड़े कदमों का मकसद केवल राजस्व या जुर्माना जुटाना नहीं है, बल्कि स्टेशन के पूरे माहौल को अनुशासित बनाना है। कई बार अनधिकृत लोगों की आवाजाही, बिना टिकट यात्रियों के प्रवेश और स्टेशन पर इधर-उधर फैलाई गई गंदगी की वजह से आम मुसाफिरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। लगातार हो रही ऐसी निगरानी से नियम तोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और आम यात्रियों को स्टेशन पर सुविधाजनक माहौल मिलेगा।
मुसाफिरों से सहयोग और वैध टिकट की अपील
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील जारी करते हुए कहा है कि वे हमेशा अपनी यात्रा से पहले उचित और वैध टिकट अवश्य खरीदें। इसके साथ ही परिसर और ट्रेनों के भीतर कूड़ा-कचरा न फैलाने, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से बचने और महिला आरक्षित डिब्बों में बिना अधिकार प्रवेश न करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने जोर दिया कि नियमों का सम्मान करने से यात्री न सिर्फ कानूनी पचड़ों और जुर्माने से बचते हैं, बल्कि साथी यात्रियों के सफर को भी सुखद और सुरक्षित बनाते हैं।






















