मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो स्थानीय युवकों के अचानक लापता हो जाने के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। बुधवार से लापता इन दोनों युवकों की सुरक्षित और तत्काल रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार शाम से इलाके में 48 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और सुरक्षा बलों पर दबाव बनाना है ताकि युवकों का पता लगाने के लिए तुरंत सख्त कदम उठाए जा सकें।
लापता युवकों की पहचान और अपहरण का आरोप
लापता हुए दोनों युवकों की पहचान 21 वर्षीय तिंगिनजुन चोंगलोई और 20 वर्षीय पाओगिनलाल हांगसिंग के रूप में की गई है। ये दोनों ताफौ कुकी गांव के रहने वाले हैं। एक आदिवासी संगठन का दावा है कि जब ये दोनों युवक हेंगबुंग और ताफौ कुकी गांव के बीच यात्रा कर रहे थे, उसी दौरान नगा उग्रवादियों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया। इस घटना के सामने आने के बाद ताफौ कुकी ग्राम प्राधिकरण ने भी गंभीर चिंता जताई है और मामले में तत्काल आधिकारिक हस्तक्षेप की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन पर गंभीर सवाल
इस पूरे मामले को लेकर आदिवासी एकता समिति ने राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। संगठन का कहना है कि प्रशासन कुकी-जो समुदाय को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने में पूरी तरह नाकाम रहा है। इसके साथ ही विभिन्न समुदायों से जुड़ी सुरक्षा घटनाओं पर अधिकारियों के रुख में भेदभाव का भी आरोप लगाया गया है।
संगठन के अनुसार, जब गैर-कुकी-जो समूहों से जुड़ी कोई घटना होती है तो प्रशासन और सुरक्षा बल तुरंत सक्रिय होकर तलाशी अभियान चलाते हैं, लेकिन जब कुकी-जो समुदाय के लोग हिंसा या अपहरण का शिकार होते हैं तो देरी और निष्क्रियता देखने को मिलती है। संगठन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के दोहरे रवैये से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हुए हैं। यदि दोनों युवकों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रिहा नहीं कराया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसके परिणामों के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।



















