मणिपुर के कामजोंग जिले में एक कुकी महिला के साथ हुई भीषण हिंसा, यौन उत्पीड़न और हत्या के मामले को लेकर मानवाधिकार संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। म्यांमार की सीमा से सटे इस इलाके में हुई इस भयावह घटना के बाद कुकी वीमेंस ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने कड़े शब्दों में इसकी निंदा की है और इस मामले में पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठाई है।
चुराचांदपुर से जारी हुआ बयान और गंभीर आरोप
चुराचांदपुर जिले से एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए संगठन ने इस नृशंस अपराध के पीछे नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-इसाक मुइवा के काडरों की संलिप्तता का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि मृतका का शव पूरी तरह नग्न और बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था, जिसके निशान शरीर पर हुए अत्यंत क्रूर शारीरिक और यौन उत्पीड़न की गवाही दे रहे थे। इस भयावह कृत्य को किसी साधारण अपराध की श्रेणी में रखने से इनकार करते हुए इसे मानवता और बुनियादी नैतिक मूल्यों को तार-तार करने वाली क्रूरता करार दिया गया है।
मानव गरिमा पर प्रहार और न्याय की गुहार
संगठन ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि किसी भी महिला के शरीर के साथ इस तरह का अपमानजनक व्यवहार पूरी मानवता और स्त्री गरिमा का खुला अपमान है। कुकी महिलाओं ने आरोप लगाया कि नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-इसाक मुइवा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में उन्हें लगातार अत्याचारों का सामना करना पड़ता है और ऐसे मामलों में दोषियों को सजा मिलने के बजाय वे कानून की पकड़ से बाहर रहते हैं। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए समाज के सभी वर्गों से इस अमानवीय हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया है।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और सीबीआई जांच की मांग
प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए अधिकार निकाय ने कहा है कि सरकार को विशेष तौर पर दूरदराज के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले कमजोर समुदायों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनानी चाहिए। राज्य और केंद्र सरकारों से यह अपील की गई है कि वे इस पूरे मामले की तुरंत केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच के आदेश दें, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके। इसके अलावा कामजोंग और उखरूल जिलों में रह रहे कुकी गांवों के लोगों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की भी जोरदार मांग की गई है।
कुकी-जो काउंसिल का कड़ा रुख और समर्थन
इस बीच, कुकी-जो काउंसिल ने भी शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए एक दिन पहले कामजोंग जिले में समुदाय की एक महिला की हुई हत्या की कड़ी निंदा की और इस घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की पुरजोर मांग दोहराई। पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और उनके समुचित पुनर्वास की मांग उठाने के साथ ही विभिन्न नागरिक समाज संगठनों, महिला आयोगों और मानवाधिकार निकायों से भी शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने की अपील की गई है। संगठन ने इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए यौन हिंसा के सभी पीड़ितों के साथ एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया और कहा कि इस तरह के मामलों में चुप्पी को कभी भी मौन स्वीकृति नहीं समझा जाना चाहिए।





















