मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले में गुरुवार को संदिग्ध फूड प्वॉइजनिंग का एक बड़ा मामला सामने आया, जहां सीमा सुरक्षा बल के कम से कम 75 जवानों और 3 आम नागरिकों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। नाश्ते के बाद इन सभी को उल्टी और जी मिचलाने जैसी समस्याएं होने लगीं, जिसके बाद दोपहर करीब 1 बजे आनन-फानन में सभी प्रभावित लोगों को अस्पताल ले जाया गया।
इंफाल वेस्ट के कैंप में नाश्ते के बाद बिगड़ी तबीयत
यह घटना लमसांग पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले डी/58 बटालियन कैंप की है। कैंप में सुबह का भोजन करने के बाद जवानों और वहां मौजूद तीन नागरिकों ने पेट संबंधी गंभीर तकलीफों की शिकायत की। हालत बिगड़ते देख कैंप प्रशासन ने तुरंत वाहनों की व्यवस्था की और सभी 78 प्रभावित व्यक्तियों को इलाज के लिए इंफाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) पहुंचाया।
रिम्स के इमरजेंसी वार्ड में त्वरित इलाज, हालत स्थिर
रिम्स के आपातकालीन विभाग में पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने सभी मरीजों को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों और तीनों नागरिकों को इमरजेंसी में तत्काल उपचार दिया गया और अब उनकी हालत स्थिर है। अधिकारी के अनुसार, शुरुआती तौर पर यह मामला संदिग्ध फूड प्वॉइजनिंग का ही नजर आ रहा है।
बीमारी की असली वजह जानने के लिए मेडिकल जांच शुरू
रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक प्रभारी प्रोफेसर एम रामेश्वर ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि फूड प्वॉइजनिंग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न आवश्यक जांचें की जा रही हैं। फिलहाल बीमारी का मूल स्रोत पूरी तरह साफ नहीं हो सका है। प्रभावित लोगों ने नाश्ते में क्या खाया था, क्या सभी ने एक जैसा भोजन साझा किया था और क्या खाद्य पदार्थों के नमूनों को फोरेंसिक या लैब परीक्षण के लिए भेजा गया है, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। कैंप में हुई इस घटना के पूरे घटनाक्रम और आगे की आधिकारिक जांच को लेकर विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा की जा रही है।





















