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मणिपुर के कामजोंग जिले में अशांति, चासाद गांव में 15 मकान फूंके गए और कई लोग बेघरमणिपुर
18 अक्तू॰ 2026, 12:39 pm (51 मिनट पहले)· 0

मणिपुर के कामजोंग जिले में अशांति, चासाद गांव में 15 मकान फूंके गए और कई लोग बेघर

मणिपुर के कामजोंग जिले में चासाद गांव पर हमला कर अज्ञात हमलावरों ने कम से कम 15 मकानों में आग लगा दी। इस हिंसा में एक नागरिक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

मणिपुर के कामजोंग जिले के अंतर्गत आने वाले चासाद गांव में हाल ही में हिंसा की एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां अज्ञात आतंकवादियों ने रात के समय हमला बोल दिया। इस हमले के दौरान कुल 15 आवासीय मकानों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस भयावह स्थिति के कारण स्थानीय नागरिकों को अपनी जान बचाने के लिए नजदीकी जंगलों और एक सैन्य शिविर की तरफ पलायन करना पड़ा।

दिन में हुई गोलीबारी के बाद भड़की आगजनी

यह आगजनी की घटना शनिवार को हुई दिन की एक अन्य हिंसा के बाद सामने आई, जिसमें संदिग्ध हमलावरों ने इसी गांव को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस गोलीबारी की चपेट में आने से एक कुकी नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों के शरीर पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

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सुरक्षा बलों की तैनाती और तलाशी अभियान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया है। असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल और कामजोंग पुलिस की एक संयुक्त टुकड़ी को इलाके में कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा जारी किए गए एक बयान में यह जानकारी दी गई है कि क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और उपद्रवियों की तलाश जारी है।

प्रशासन और नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री नेमचा किप्गेन ने इस हिंसक घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने नागरिक की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और घायल ग्रामीणों तथा विस्थापित परिवारों के प्रति अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने घरों को जलाए जाने की इस घटना को एक असहनीय अपराध करार दिया है।

नेमचा किप्गेन ने जिला प्रशासन, राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों को यह सख्त निर्देश दिए हैं कि वे चौबीसों घंटे चौकस रहें। उन्होंने नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करने तथा अपराधियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाकर सजा दिलाने के आदेश दिए हैं।

एक अन्य घटना में तांगखुल नागा नागरिक घायल

इसी रात हुई एक अन्य अलग घटना में कामजोंग जिला मुख्यालय पर भी हिंसा भड़क उठी। दूसरे समुदाय के सशस्त्र समूहों द्वारा किए गए हमले में तीन तांगखुल नागा नागरिक गोली लगने से घायल हो गए। क्षेत्र में लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।

सवाल-जवाब

मणिपुर के किस जिले में यह हिंसा हुई?
यह हिंसा मणिपुर के कामजोंग जिले में हुई।
कितने मकानों को आग के हवाले किया गया?
हमलावरों ने चासाद गांव में कम से कम 15 मकानों को जला दिया।
दिन के हमले में कितने लोगों की जान गई?
दिन के हमले में एक कुकी नागरिक की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
इलाके में शांति बहाल करने के लिए कौन से बल तैनात किए गए हैं?
असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टुकड़ी को तैनात किया गया है।
जिला मुख्यालय पर हुई घटना में कौन घायल हुआ?
कामजोंग जिला मुख्यालय पर हुई गोलीबारी में तीन तांगखुल नागा नागरिक घायल हो गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·14 मिनट पहले

मणिपुर में हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। घरों को जलाना और बेकसूर लोगों की जान जाना बेहद डरावना है। सरकार और सुरक्षा बलों को अब बहुत सख्त कदम उठाने होंगे ताकि आम लोग चैन से जी सकें।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·14 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो आपकी ठीक है, पर मुझे लगता है कि अकेले सुरक्षा बलों के सख्त होने से कुछ नहीं होगा, जब तक स्थानीय लोगों में आपसी भरोसा बहाल नहीं होता।

Rohan Verma@rohan-verma·36 मिनट पहले

मणिपुर के हालात देखकर वो दिन याद आ जाते हैं जब ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान देखा था कि कैसे एक रात में सब कुछ उजड़ जाता है। चासाद गांव के लोगों ने जो खौफ झेला होगा, वो सोचकर ही सिहरन हो जाती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

रोहन, सिहरन होना लाज़मी है, पर मुझे लगता है कि सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद भी ऐसी घटनाएं कैसे हो गईं, इस पर थोड़ा शक है।

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