नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत में डॉलर-येन जोड़ी हिचकिचाहट के साथ खुली और शुक्रवार को अगस्त के शुरुआती निचले स्तरों से मिली हल्की रिकवरी को आगे नहीं बढ़ा पाई। मौजूदा कारोबार में यह जोड़ी 155.96 के आसपास है, जो शुक्रवार के 155.66 के बंद स्तर से करीब 0.19% ऊपर है, लेकिन यह मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 156.00 के स्तर से नीचे ही अटकी हुई है। इसकी वजह दो विपरीत ताकतों की टक्कर है, एक तरफ बैंक ऑफ जापान की हॉकिश होती नीति और दूसरी तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बदलती ब्याज दर उम्मीदें।
मौजूदा भाव और सालभर की रेंज
मौजूदा स्तर पर USD/JPY अपनी 52-हफ्तों की 146.22 से 163.98 की रेंज के भीतर ही है, जो बताता है कि पिछले एक साल में यह जोड़ी कितने बड़े दायरे में झूली है। कारोबार का वॉल्यूम सामान्य के करीब है और 20-दिन के औसत का करीब 1.00 गुना है, यानी सोमवार की यह हलचल किसी नए बड़े दांव के बजाय पोजीशन एडजस्टमेंट ज्यादा लग रही है। पिछले हफ्ते भी यह जोड़ी किसी मजबूत दिशा में टिक नहीं पाई थी और डीलर आंकड़ों से भरे इस हफ्ते से पहले अपनी पोजीशन संतुलित करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे थे।
तकनीकी संकेत फिलहाल कमजोरी की तरफ
चार्ट पर फिलहाल बिकवाली का दबाव ज्यादा दिख रहा है। 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) घटकर 31 पर आ गया है, जो ओवरसोल्ड जोन के करीब है और तेजी का मोमेंटम कमजोर पड़ने का संकेत देता है। MACD लाइन -0.72 पर है, जो इसकी सिग्नल लाइन -0.48 से नीचे है, और हिस्टोग्राम -0.23 पर नेगेटिव है, यानी क्लासिक बियरिश क्रॉसओवर बन चुका है। कीमत हर बड़े मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रही है, 20-दिन का EMA 158.86, 50-दिन का EMA 159.68 और लंबी अवधि का 200-दिन EMA 157.84 पर है। यही तस्वीर सिंपल मूविंग एवरेज में भी दिखती है, 50-दिन का SMA 160.51 और 200-दिन का SMA 158.45 दोनों मौजूदा भाव से काफी ऊपर हैं, जो व्यापक गिरावट के रुझान की पुष्टि करते हैं। बोलिंजर बैंड पर यह जोड़ी 156.70 के निचले बैंड से भी नीचे कारोबार कर रही है, जबकि मध्य रेखा 158.94 और ऊपरी बैंड 161.19 पर है, यानी हाल की औसत से ज्यादा बिकवाली दबाव बना है। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) मजबूत 43 पर है, जो बताता है कि यह गिरावट सिर्फ शोर नहीं बल्कि एक असली ट्रेंडिंग मूव है। स्टोकास्टिक ऑस्किलेटर की फास्ट लाइन 13 अपनी सिग्नल लाइन 30 से नीचे है, जो ओवरसोल्ड झुकाव को और पुख्ता करती है।
सपोर्ट, रेजिस्टेंस और अहम स्तर
- मौजूदा भाव: 155.96, शुक्रवार के 155.66 के बंद स्तर से 0.19% ऊपर
- 52-हफ्तों की रेंज: 146.22 से 163.98
- RSI (14): 31
- MACD: -0.72, सिग्नल -0.48 के मुकाबले, हिस्टोग्राम -0.23
- अहम रेजिस्टेंस: 156.23, 156.50 और 200-दिन का SMA करीब 158.46
- अहम सपोर्ट: 155.74, 155.53 और 155.30-155.25 का जोन
ट्रेडरों के लिए एंट्री और एग्जिट तय करने में 1.40 का एवरेज ट्रू रेंज (ATR) रोजाना की उठापटक का मोटा अंदाजा और स्टॉप-लॉस के लिए एक व्यावहारिक बफर देता है। दिन का पिवट पॉइंट 156.01 पर है, जबकि रेजिस्टेंस 156.23 (R1) और 156.50 (R2) पर, और सपोर्ट 155.74 (S1) और 155.53 (S2) पर है। बड़े 20-दिन के चार्ट पर सपोर्ट करीब 155.32 और रेजिस्टेंस करीब 160.38 पर नजर आता है। जोड़ी का अपना प्राइस एक्शन भी यही कहानी दोहराता है, जब तक USD/JPY तकनीकी रूप से अहम 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज करीब 158.46 से नीचे है, तब तक नियर-टर्म बियरिश रुझान बना रहेगा, और सिर्फ इस स्तर के ऊपर टिककर बंद होने पर ही मौजूदा गिरावट का दबाव कम होगा। नीचे की तरफ, 155.30 से 155.25 का हॉरिजॉन्टल जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है, और अगर यह टूटा तो और गिरावट का रास्ता खुल सकता है।
हॉकिश बीओजे और कथित हस्तक्षेप से येन को सहारा
येन की मजबूती के पीछे बड़ी वजह यह है कि ट्रेडरों के बीच यह भरोसा बढ़ रहा है कि बैंक ऑफ जापान उम्मीद से जल्दी अपनी नीति सख्त कर सकता है, और इसी उम्मीद ने चुपचाप करेंसी को मजबूती दी है। इसके अलावा, जापानी अधिकारियों की तरफ से करेंसी बाजार में कथित हस्तक्षेप ने भी येन की कमजोरी पर लगाम लगाई है, जिससे ट्रेडर येन के खिलाफ बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं। हालांकि, जापान के राजकोषीय हालात को लेकर बनी चिंताएं इसके उलट असर डाल रही हैं और कई बार येन को दबाव में ला देती हैं, जिससे USD/JPY जोड़ी 156.00 के स्तर के ऊपर टिकी रहती है और और नीचे नहीं फिसल पाती।
आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनाव से डॉलर को सपोर्ट
दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर को शुक्रवार की उम्मीद से बेहतर नॉन-फार्म पेरोल्स (NFP) रिपोर्ट से ताकत मिली है, जिसने इस उम्मीद को बढ़ाया कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी डॉलर के लिए सेफ-हेवन खरीदारी लेकर आया है, जिसका असर दूसरे जोखिम भरे एसेट्स पर भी पड़ा है। इसके बावजूद डॉलर के तेजड़िए इस जोड़ी को ज्यादा ऊपर धकेलने से बच रहे हैं, और अब सबकी निगाहें इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं, जो फेड के अगले कदम पर साफ संकेत दे सकते हैं और तय कर सकते हैं कि USD/JPY अपनी मौजूदा रेंज से किस तरफ निकलेगा।
बीओजे की नीति येन को इतना क्यों हिलाती है
बैंक ऑफ जापान के जिम्मे करेंसी में स्थिरता बनाए रखना भी है, इसीलिए उसके नीतिगत फैसले येन के लिए बहुत मायने रखते हैं। यह केंद्रीय बैंक पहले भी सीधे करेंसी बाजार में हस्तक्षेप कर चुका है, आमतौर पर तेज येन कमजोरी को रोकने के लिए, हालांकि अपने बड़े व्यापारिक साझेदारों की कूटनीतिक संवेदनशीलताओं के चलते ऐसा कम ही करता है। 2013 से 2024 के बीच बीओजे ने बेहद ढीली मौद्रिक नीति अपनाए रखी, जिसने जापानी और अमेरिकी ब्याज दरों के बीच का फासला बढ़ाया और इसी अंतर ने धीरे-धीरे डॉलर के मुकाबले येन की कीमत घटाई। 2024 से इस ढीली नीति को धीरे-धीरे समेटा जा रहा है, और साथ ही दूसरे बड़े केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर कटौतियों ने भी इस अंतर को कम करना शुरू किया है, जिससे बीते साल भर में येन को असली सहारा मिला है।
सेफ-हेवन करेंसी के तौर पर येन की भूमिका
ब्याज दरों के गणित से परे, येन को एक सेफ-हेवन करेंसी के तौर पर भी देखा जाता है। जब बाजार में उथल-पुथल बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर येन की तरफ रुख करते हैं क्योंकि इसे जोखिम भरी करेंसी की तुलना में ज्यादा भरोसेमंद और स्थिर माना जाता है, और यह रुझान इसकी कीमत बढ़ा सकता है भले ही जापान के अपने आर्थिक आंकड़े साधारण ही क्यों न हों। यह पहलू भी ब्याज दरों की कहानी के साथ-साथ उन अहम बातों में शामिल है जिन पर ट्रेडर USD/JPY की अगली चाल भांपने के लिए नजर रखते हैं।
इस हफ्ते किन बातों पर नजर रखें
फिलहाल यह जोड़ी करीब 155.30 से 156.50 के तंग दायरे में फंसी है, और आने वाले दिन अटकलों से ज्यादा ठोस आंकड़ों से तय होंगे। इस हफ्ते का अमेरिकी महंगाई आंकड़ा अगला बड़ा ट्रिगर होगा, और इसका नतीजा ही तय करेगा कि क्या फेड का ब्याज दर रुख डॉलर की मौजूदा मजबूती को सही ठहराता है, या फिर हॉकिश बीओजे और हस्तक्षेप के जोखिम जैसी येन की अपनी सहारा देने वाली ताकतें आखिरकार पलड़ा झुका देंगी और USD/JPY को अपने करीबी सपोर्ट जोन की तरफ खींच ले जाएंगी।


















