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अमेरिकी आंकड़ों और जैक्सन होल बैठक के इंतजार के बीच छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब मंडरा रहा है ब्रिटिश पाउंडबाज़ार
25 अग॰ 2026, 5:22 pm (2 घंटे पहले)· 1

अमेरिकी आंकड़ों और जैक्सन होल बैठक के इंतजार के बीच छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब मंडरा रहा है ब्रिटिश पाउंड

अमेरिकी मुद्रा स्थिति में बदलाव और आने वाले व्यापक आर्थिक आंकड़ों के बीच ब्रिटिश पाउंड छह महीने के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा है।

मुद्रा बाजार में इस समय सुस्ती का माहौल बना हुआ है क्योंकि निवेशक और कारोबारी आगामी अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय मूल्य सूचकांक के आंकड़ों और बहुप्रतीक्षित जैक्सन होल सम्मेलन का इंतजार कर रहे हैं। इस माहौल के बीच ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 1.3630 के आसपास स्थिर बनी हुई है, जो इसके हालिया छह महीने के उच्चतम स्तर 1.3675 से थोड़ी ही दूरी पर है। दूसरी ओर यूरोपीय सत्र के दौरान इस मुद्रा जोड़ी में थोड़ी बढ़त देखी गई है और यह 1.3650 के स्तर के करीब कारोबार कर रही है। बाजार में चल रही इस सुस्ती की मुख्य वजह बड़े आर्थिक आंकड़ों की घोषणा से पहले निवेशकों द्वारा सतर्क रुख अपनाना है।

डॉलर की स्थिति में बदलाव और बाजार का रुख

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की पोजीशनिंग में एक बड़ा बदलाव आया है, जहां डॉलर अब लॉन्ग पोजीशन से शॉर्ट पोजीशन में चला गया है और इसमें आगे और विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है। जानकारों के अनुसार चुनिंदा जोड़ियों को छोड़कर व्यापक अमेरिकी डॉलर में मंदी का रुख अभी भी बरकरार है, जिससे यह साफ होता है कि यह बदलाव केवल कुछ ही जोड़ियों तक सीमित नहीं है। इस बीच यूओबी ग्रुप के रणनीतिकारों का आकलन है कि आने वाले एक से तीन हफ्तों में पाउंड में और अधिक मजबूती देखने को मिल सकती है। बैंक ने इस मुद्रा को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है और उनका मानना है कि जब तक यह एक निश्चित निचले स्तर से नीचे नहीं फिसलता, तब तक इसमें ऊपर की ओर लगातार तेजी बनी रह सकती है।

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अमेरिकी मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंक की नीतियां

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पसंदीदा मुद्रास्फीति गेज के रूप में जाने जाने वाले पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। बाजार का आम अनुमान है कि मुद्रास्फीति का दबाव अभी भी बना हुआ है, जो फेडरल रिजर्व के आक्रामक अधिकारियों को मौद्रिक सख्ती जारी रखने के लिए और अधिक तर्क दे सकता है। ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण पैदा होने वाले मुद्रास्फीति के जोखिमों के बीच केंद्रीय बैंक द्वारा कम से कम एक और ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदें अभी भी बाजार में बनी हुई हैं, जिससे डॉलर को अपनी शुरुआती गिरावट से उबरने में मदद मिल रही है।

ब्रिटिश पाउंड का इतिहास और वैश्विक व्यापार

ब्रिटिश पाउंड दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है जिसे 886 ईस्वी में शुरू किया गया था और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार यह विदेशी मुद्रा बाजार में दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली इकाई है, जिसकी हिस्सेदारी कुल लेनदेन में 12 प्रतिशत है और इसका औसत दैनिक कारोबार 630 अरब डॉलर है। इसकी प्रमुख व्यापारिक जोड़ियों में पाउंड और डॉलर की जोड़ी शामिल है जिसे केबल के नाम से भी जाना जाता है और विदेशी मुद्रा बाजार में इसकी 11 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा पाउंड और जापानी येन की जोड़ी को ड्रैगन कहा जाता है जिसकी हिस्सेदारी 3 प्रतिशत है, जबकि यूरो और पाउंड की जोड़ी की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत है। इस मुद्रा को बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा जारी किया जाता है।

मौद्रिक नीति और आर्थिक संकेतकों का प्रभाव

पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति है। बैंक अपने मुख्य लक्ष्य यानी मूल्य स्थिरता को हासिल करने के आधार पर निर्णय लेता है, जिसके तहत लगभग 2 प्रतिशत की स्थिर मुद्रास्फीति दर को बनाए रखना होता है। इसे हासिल करने के लिए बैंक ब्याज दरों में समायोजन करता है। जब मुद्रास्फीति बहुत अधिक हो जाती है, तो बैंक ब्याज दरों को बढ़ाकर इसे नियंत्रित करने का प्रयास करता है जिससे लोगों और व्यवसायों के लिए ऋण प्राप्त करना महंगा हो जाता है। यह पाउंड के लिए आम तौर पर सकारात्मक होता है क्योंकि ऊंची ब्याज दरें ब्रिटेन को वैश्विक निवेशकों के लिए अपने पैसे लगाने का एक आकर्षक स्थान बनाती हैं। इसके विपरीत जब मुद्रास्फीति बहुत कम हो जाती है, तो यह सुस्त आर्थिक विकास का संकेत होता है। ऐसे में बैंक कम ब्याज दरों पर विचार करता है ताकि व्यवसाय विकास परियोजनाओं में निवेश के लिए अधिक उधार ले सकें। अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का आकलन करने वाले सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा पीएमआई तथा रोजगार जैसे संकेतक भी पाउंड की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था पाउंड के लिए अच्छी होती है क्योंकि यह न केवल अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करती है बल्कि बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित कर सकती है। इसके अलावा व्यापार संतुलन जैसे आंकड़े भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, जो यह मापते हैं कि कोई देश अपने निर्यात से कितना कमाता है और आयात पर कितना खर्च करता है। यदि किसी देश का निर्यात अत्यधिक मांग में है, तो विदेशी खरीदारों की मांग से उसकी मुद्रा को सीधा लाभ मिलता है।

व्यापक वैश्विक बाजार का हाल

विदेशी मुद्रा बाजारों के अलावा अन्य प्रमुख बाजारों में भी हलचल देखने को मिल रही है। यूरोपीय सत्र में यूरो और डॉलर की जोड़ी 1.1700 की ओर सुधार दर्ज कर रही है, जिसे मध्य पूर्व संघर्ष में नए कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीदों और जर्मनी के बेहतर आईएफओ सर्वेक्षण से समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर सोना शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है। सोने में यह नरमी तब आई है जब इस हफ्ते की शुरुआत में यह अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया था। इसके विपरीत बिटकॉइन ने अपने हालिया मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन के बाद बढ़त का सिलसिला जारी रखा है और यह महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। इस रैली को संस्थागत मांग से लगातार समर्थन मिल रहा है, क्योंकि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में सकारात्मक प्रवाह दर्ज किया गया है। एशिया बाजार में व्यापार की स्थिति अभी भी दिशाहीन बनी हुई है क्योंकि ईरान और फेडरल रिजर्व के दृष्टिकोण को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की है कि वह लंबी अवधि के क्षेत्रों में तरलता समर्थन पुनर्खरीद संचालन के आकार को दोगुना कर देगा, जिसे सितंबर से नवंबर तक लागू किया जाएगा।

सवाल-जवाब

ब्रिटिश पाउंड इस समय किस स्तर के करीब कारोबार कर रहा है?
ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 1.3630 के आसपास स्थिर है, जो इसके छह महीने के उच्चतम स्तर 1.3675 के करीब है।
पाउंड के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे मुख्य कारक कौन सा है?
पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति और ब्याज दरें हैं।
विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड का क्या स्थान है?
ब्रिटिश पाउंड दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है और विदेशी मुद्रा बाजार में यह चौथी सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली इकाई है।
बाजार में इस समय सुस्ती क्यों बनी हुई है?
आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों और जैक्सन होल बैठक से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता कम है।
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