वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के बीच का विनिमय अनुपात एक बेहद संकीर्ण दायरे में कारोबार कर रहा है। ताजा कारोबारी सत्र में USD/JPY जोड़ी 158.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे सीमित उतार-चढ़ाव दिखा रही है। पिछले कारोबारी दिन में 157.00 से नीचे के स्तरों से दर्ज की गई तेज रिकवरी के बाद अब कीमतों में ठहराव नजर आ रहा है। एक तरफ जहां अमेरिकी रोजगार बाजार के कमजोर आंकड़ों ने डॉलर की आक्रामक बढ़त पर ब्रेक लगाया है, वहीं दूसरी तरफ जापानी केंद्रीय बैंक की संभावित नीतिगत सख्ती और बाजार में संभावित सरकारी दखल के जोखिम ने येन को निचले स्तरों पर सहारा दिया है। इन विपरीत ताकतों के टकराव के कारण हाजिर बाजार में दोनों मुद्राओं के बीच संतुलित रस्साकशी देखने को मिल रही है।
ताजा तकनीकी संकेतक और मौजूदा मूल्य स्तर
लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY मुद्रा जोड़ी इस समय 157.86 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 157.93 के मुकाबले 0.04 प्रतिशत की हल्की गिरावट दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का निचला स्तर 149.41 और उच्चतम स्तर 163.98 रहा है। मौजूदा कारोबारी सत्र में वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना के बराबर बना हुआ है। तकनीकी चार्ट पर 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 53 पर स्थित है, जो बाजार में तटस्थ लेकिन स्थिरता की स्थिति को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) संकेतक 0.03 पर है जबकि इसका सिग्नल स्तर -0.25 पर दर्ज किया गया है, जिसका हिस्टोग्राम 0.29 के साथ तेजी के रुझान की पुष्टि कर रहा है।
मूविंग एवरेज के मोर्चे पर, 20-दिवसीय घातीय चलती औसत यानी EMA20 157.28 पर, EMA50 157.99 पर और दीर्घकालिक EMA200 157.73 पर स्थित है। इसके अलावा 50-दिवसीय साधारण चलती औसत यानी SMA50 158.04 और SMA200 158.50 पर बना हुआ है। लंबी अवधि के चार्ट पर EMA50 के EMA200 से ऊपर बने रहने से गोल्डन क्रॉस की संरचना कायम है, जो दीर्घकालिक स्तर पर तेजी के ढांचे को मजबूती प्रदान करती है। बोलिंगर बैंड (20,2) का दायरा 152.75 से 159.76 के बीच फैला हुआ है, जिसका मध्य स्तर 156.26 है और मौजूदा कीमतें इन बैंड्स के भीतर सुरक्षित रूप से बनी हुई हैं। औसत दिशात्मक सूचकांक यानी ADX(14) वर्तमान में 21 पर है, जो किसी एकतरफा मजबूत ट्रेंड के बजाय सीमित दायरे वाले बाजार की पुष्टि करता है। वहीं स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर की फास्ट लाइन 72 और सिग्नल लाइन 74 पर दिखाई दे रही है।
चार्ट पर समर्थन और प्रतिरोध के मुख्य पड़ाव
चार्ट विश्लेषण के लिहाज से ऊपर की ओर किसी भी नई बढ़त को 78.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर पर तात्कालिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है, जो 158.74 पर स्थित है। यदि बाजार इस बाधा को निर्णायक रूप से पार करने में सफल रहता है, तो हाल के कारोबारी चक्र के उच्चतम स्तरों को दोबारा परखने का रास्ता खुल जाएगा। दैनिक धुरी यानी पिवट स्तर 157.82 पर बना हुआ है, जिसके ऊपर पहला प्रतिरोध R1 158.21 और दूसरा प्रतिरोध R2 158.56 के स्तर पर मौजूद है। पिछले 20 दिनों का व्यापक प्रतिरोध 159.00 के आसपास केंद्रित है।
इसके विपरीत, यदि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो पहला तात्कालिक समर्थन 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर यानी 157.49 पर दिखाई देगा, जिसके ठीक पास S1 समर्थन 157.47 पर स्थित है। इसके नीचे 100-अवधि के एसएमए और 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का संगम 156.61 पर बनता है, जो पहले मजबूत बाधा था और अब अहम सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। इसके साथ ही S2 सपोर्ट 157.08 पर दर्ज है। गहरे संरचनात्मक सपोर्ट के रूप में 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 155.73 पर और 23.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 154.64 पर स्थित है, जबकि 20 दिनों का निचला बेस 152.90 के आसपास है। 14-दिवसीय औसत वास्तविक दायरा यानी ATR(14) वर्तमान में 1.36 पर है, जिसे बाजार में दैनिक उतार-चढ़ाव और स्टॉप-लॉस बफर के रूप में देखा जा सकता है।
वैश्विक मैक्रो आर्थिक परिदृश्य और डॉलर की चाल
अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल यानी NFP के निराशाजनक आंकड़ों के बाद डॉलर में आई हल्की नरमी के बावजूद यह मुद्रा व्यापक रूप से मजबूत बनी हुई है। मुद्रा बाजार में प्रमुख मुद्राओं के सापेक्ष डॉलर का प्रदर्शन मिश्रित रहा है। आज के कारोबार में अमेरिकी डॉलर ने न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई है। वहीं मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूती दी है। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की घटती उम्मीदों ने डॉलर की एकतरफा तेजी पर कुछ हद तक अंकुश लगाया है।
व्यापारियों की नजर अब अमेरिकी सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन पर भी टिकी हुई है। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट यानी ISM द्वारा सितंबर महीने के आंकड़े जारी किए जाने हैं, जहां बाजार आम सहमति 55.7 के स्तर की उम्मीद कर रही है, जो अगस्त के 55.4 से मामूली बढ़ोतरी होगी। यदि यह आंकड़ा अपेक्षा के अनुरूप आता है, तो यह अमेरिकी सेवा क्षेत्र के लचीलेपन और व्यापक आर्थिक स्थिरता की पुष्टि करेगा।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का प्रदर्शन
विदेशी मुद्रा और जिंस बाजार के अन्य हिस्सों में भी व्यापक उतार-चढ़ाव जारी है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी AUD/USD में एशियाई कारोबार के दौरान नई बिकवाली देखी गई, जिससे यह 0.6900 के स्तर की ओर फिसल गई। इस जोड़ी पर डॉलर की मजबूती के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक यानी RBA के नीतिगत रुख का दबाव साफ देखा जा रहा है। दूसरी ओर, EUR/USD मुद्रा जोड़ी मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह जोड़ी बुधवार को 1.1312 के स्तर तक गिर चुकी थी और जनवरी के अपने 1.2082 के उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रही है, जिसकी मुख्य वजह यूरोपीय ऊर्जा संकट की आशंकाएं और मजबूत डॉलर हैं।
सोने के बाजार में भी कीमतों में एक सीमित दायरे का कारोबार देखने को मिल रहा है। सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार कर रहा है और पिछले एक सप्ताह के स्थापित दायरे में अटका हुआ है। निराशाजनक अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट के बाद डॉलर में आई तेजी ने सोने की बढ़त को सीमित किया है, क्योंकि डॉलर अप्रैल 2025 के बाद के अपने नए उच्च स्तर के करीब पहुंच गया था। डिजिटल संपत्ति बाजार में, बीएनबी (BNB) लगातार तीन हफ्तों की बढ़त के बाद लगभग 790 डॉलर के आसपास थोड़ा कमजोर होकर कारोबार कर रहा है। हालांकि डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ता ओपन इंटरेस्ट और सकारात्मक फंडिंग दरें यह संकेत दे रही हैं कि निवेशकों की लिवाली स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।





















