बुनियादी ढांचे और औद्योगिक निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनी विशाल निर्मिति का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) सोमवार, 5 अक्टूबर को अपनी बिडिंग प्रक्रिया के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया। बोली के तीसरे और अंतिम दिन तक इस सार्वजनिक निर्गम को निवेशकों से कुल मिलाकर 1.55 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हो चुका है। पूंजी बाजार से कुल 178 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ आया यह पब्लिक इश्यू 30 सितंबर को बोलीदाताओं के लिए खुला था, जिसकी तीन दिवसीय विंडो आज समाप्त हो रही है।
ग्रे मार्केट में 5 रुपये का प्रीमियम और लिस्टिंग के अनुमान
प्राथमिक बाजार पर नजर रखने वाले ग्रे मार्केट में कंपनी के गैर-सूचीबद्ध शेयरों को लेकर सीमित हलचल देखी जा रही है। 5 अक्टूबर की स्थिति के अनुसार, ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 5 रुपये के प्रीमियम (GMP) पर कारोबार कर रहा है। इश्यू के लिए तय किए गए 220 रुपये के उच्चतम प्राइस बैंड के मुकाबले यह प्रीमियम लगभग 2.27 फीसदी के संभावित लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। इस रुख के आधार पर बाजार विश्लेषक अनुमान लगा रहे हैं कि स्टॉक एक्सचेंजों पर यह शेयर करीब 225 रुपये के भाव पर अपनी शुरुआत कर सकता है। हालांकि गैर-आधिकारिक बाजार के यह आंकड़े केवल रुझान दर्शाते हैं और वास्तविक लिस्टिंग के समय बाजार की स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं।
प्राइस बैंड, लॉट साइज और खुदरा निवेशकों का गणित
कंपनी ने अपने इस इश्यू के लिए 208 रुपये से लेकर 220 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा (प्राइस बैंड) निर्धारित किया है। बिडिंग में हिस्सा लेने वाले खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 68 शेयरों का रखा गया है। इसके चलते, यदि कोई खुदरा आवेदक ऊपरी प्राइस बैंड यानी 220 रुपये प्रति शेयर के आधार पर एक लॉट के लिए आवेदन करता है, तो उसे कम से कम 14,960 रुपये की पूंजी लगानी होगी। निवेशक इसी लॉट साइज के गुणकों में अतिरिक्त बिड लगा सकते हैं।
इश्यू का ढांचा: फ्रेश इक्विटी और ओएफएस का संयोजन
विशाल निर्मिति का कुल 178 करोड़ रुपये का यह बुक-बिल्ट इश्यू दो मुख्य हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसके तहत कंपनी ने 145 करोड़ रुपये मूल्य के 65.91 लाख नए इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा है, जिसे फ्रेश इश्यू कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, मौजूदा प्रवर्तकों और शेयरधारकों द्वारा 33 करोड़ रुपये मूल्य के 15 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से की जा रही है। फ्रेश इश्यू के जरिए जुटाई जाने वाली पूंजी सीधे कंपनी के कॉर्पोरेट खातों में जाएगी, जबकि ओएफएस से प्राप्त होने वाली शुद्ध राशि उन शेयरधारकों को मिलेगी जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
अलॉटमेंट की तारीख और लिस्टिंग का संभावित कार्यक्रम
बिडिंग विंडो बंद होने के बाद निवेशकों का ध्यान अब शेयरों के आबंटन (अलॉटमेंट) और डीमैट ट्रांसफर पर केंद्रित हो गया है। तय कार्यक्रम के अनुसार, विशाल निर्मिति आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट 6 अक्टूबर को अंतिम रूप दिया जाना संभावित है। सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर जमा होने और असफल आवेदकों के पैसे रिफंड होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, कंपनी के इक्विटी शेयर 8 अक्टूबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों प्रमुख घरेलू एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने के लिए अस्थायी रूप से निर्धारित हैं।

















