अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले फिर से वापसी की जद्दोजहद में लगा हुआ है। 17 महीने के निचले स्तर यानी 1.1160 के दायरे से संभलने के बाद अब यह 1.1200 के आंकड़े को दोबारा छूने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यूरो क्षेत्र से सामने आए सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े काफी मिले-जुले रहे हैं और अक्टूबर के दौरान निवेशकों के भरोसे में भी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही वैश्विक बॉन्ड बाजार में जारी भारी बिकवाली के चलते सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर को लगातार मजबूत समर्थन हासिल हो रहा है, जिससे यूरो की रफ्तार पर दबाव बना हुआ है।
यूरोपीय सेवा क्षेत्र और निवेशक धारणा की स्थिति
यूरोपीय संघ के सेवा क्षेत्र से जुड़े अंतिम एचसीओबी सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़ों से यह पुष्टि हुई है कि सितंबर के महीने में इस क्षेत्र की गतिविधियों में 53 की रफ्तार से विस्तार हुआ, जो अगस्त महीने के 51.7 से बेहतर है। इसी तरह जर्मनी का पीएमआई भी पिछले महीने के 49.7 के मुकाबले सुधरकर 52.9 के स्तर पर दर्ज किया गया। इसके विपरीत, इटली और फ्रांस के पीएमआई आंकड़े उम्मीद से कहीं अधिक कमजोर साबित हुए और इनमें सुस्ती देखी गई, जबकि स्पेन की सेवा गतिविधियों ने पूर्व अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए बढ़त दिखाई।
सेवा क्षेत्र के इन अलग-अलग रुझानों के अलावा, अक्टूबर महीने में सेंटिक्स निवेशक विश्वास सूचकांक गिरकर 2.7 रह गया, जो पिछले महीने 5.1 पर था। हालांकि, सकारात्मक पहलू यह रहा कि इटली का सार्वजनिक कर्ज-जीडीपी अनुपात दूसरी तिमाही में घटकर 2% पर आ गया, जबकि पहली तिमाही के दौरान यह 4.8% के स्तर पर दर्ज किया गया था। यह आर्थिक सुधार इटली के राजकोषीय प्रबंधन के लिहाज से राहत भरा संकेत माना जा रहा है।
अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का रुख
वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत का असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी साफ देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सोमवार को एशियाई कारोबार के अंत में नई बिकवाली के दबाव में आकर 0.6900 के स्तर की तरफ गिर गया। पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच लगातार बने भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में अमेरिकी डॉलर की मजबूती इस मुद्रा जोड़ी पर भारी पड़ रही है। अब बाजार के भागीदारों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक आरबीए की नीतियों से मिलने वाले संकेतों पर टिकी हुई है।
दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर ने सोमवार के एशियाई सत्र में अपनी पुरानी गिरावट की भरपाई करते हुए 158.00 का स्तर दोबारा छू लिया और यह पिछले एक सप्ताह के सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कमजोर पड़ती उम्मीदों के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा सख्त मौद्रिक नीति अपनाने की संभावना और येन को सहारा देने के लिए संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिम से डॉलर की आगे की बढ़त सीमित रह सकती है।
सोने की चाल और क्रिप्टोकरेंसी बाजार
सुरक्षित निवेश के तौर पर माने जाने वाले सोने की कीमतों में भी एक सीमित दायरे का कारोबार देखने को मिल रहा है। यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत से पहले सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे बना रहा और पिछले एक सप्ताह से बने अपने दायरे में ही घूमता रहा। शुक्रवार को आए निराशाजनक अमेरिकी रोजगार आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों ने डॉलर को मजबूती दी, जिससे अमेरिकी डॉलर अप्रैल 2025 के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। डॉलर का यह उछाल सोने की तेजी को रोकने वाला मुख्य कारक बना हुआ है, हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना घटने से सोने की गिरावट भी एक हद तक थमी हुई है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार की बात करें तो बीएनबी, जिसे पहले बाइनेंस कॉइन के नाम से जाना जाता था, लगातार तीन हफ्तों की साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद सोमवार को हल्का फिसलकर लगभग 790 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा। इसके बावजूद डेरिवेटिव्स बाजार में ओपन इंटरेस्ट में हो रही बढ़ोतरी और पॉजिटिव फंडिंग रेट्स यह संकेत दे रहे हैं कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस में तेजी की स्थिति अब भी मजबूत बनी हुई है।
डॉलर के दबाव में यूरो का व्यापक परिदृश्य
यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। बुधवार को यह जोड़ी 1.1312 के स्तर तक फिसल गई थी और अब यह जनवरी के अपने 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रही है। यूरो में आई यह गिरावट अमेरिकी डॉलर के दबदबे, वैश्विक भू-राजनीतिक संकट और यूरोप में ऊर्जा की ऊंची कीमतों से जुड़े बढ़ते जोखिमों का सीधा नतीजा है। आने वाले समय में ऊर्जा की आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरण ही यह तय करेंगे कि यूरो अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने में कितना सफल हो पाता है।

















