इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी अन्नू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी शुरुआत काफी कमजोर आंकड़े के साथ की है। बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में लिस्टिंग के दौरान कंपनी का शेयर अपने तय इश्यू प्राइस 99 रुपये के मुकाबले 27 प्रतिशत से भी अधिक की बड़ी गिरावट के साथ बाजार में उतरा। लिस्टिंग के समय आए इस बड़े झटके के कारण उन सभी निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है, जिन्हें प्राइमरी मार्केट के तहत इस इश्यू में अलॉटमेंट मिला था। सार्वजनिक रूप से सब्सक्रिप्शन के लिए खोले जाने के दौरान इस आईपीओ को कुल 2.93 गुना बोलियां प्राप्त हुई थीं।
बीएसई और एनएसई पर डिस्काउंट के साथ लिस्टिंग का ब्योरा
बुधवार को शेयर बाजार खुलने पर अन्नू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर अपने 99 रुपये के निर्गम मूल्य की तुलना में 24.24 प्रतिशत का गोता लगाकर 75 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई पर भी कंपनी का प्रदर्शन निराश करने वाला रहा, जहां शेयर 27.27 फीसदी के डिस्काउंट के साथ 72 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुआ। लिस्टिंग के इस शुरुआती क्षण में कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप 497.88 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। शेयर बाजार में इस तरह की तेज गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया है, क्योंकि ऊपरी स्तर पर शेयर अलॉट होने के बाद उन्हें तुरंत नकारात्मक रिटर्न का सामना करना पड़ा।
कारोबार के दौरान लिस्टिंग प्राइस से देखा गया हल्का सुधार
शुरुआती डिस्काउंट पर लिस्ट होने के बाद, बुधवार को दोपहर के समय कंपनी के शेयरों में कुछ खरीदारी दर्ज की गई, जिससे निचले स्तरों से हल्का सुधार देखने को मिला। दोपहर 12.31 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, बीएसई पर कंपनी का शेयर अपने 75 रुपये के लिस्टिंग प्राइस से 2.16 प्रतिशत यानी 1.62 रुपये सुधरकर 76.62 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। वहीं दूसरी ओर, एनएसई पर भी निचले स्तरों से रिकवरी दर्ज की गई, जहां शेयर अपने 72 रुपये के लिस्टिंग प्राइस की तुलना में 5.00 प्रतिशत यानी 3.60 रुपये की तेजी के साथ 75.60 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। हालांकि, इस सुधार के बावजूद शेयर अभी भी अपने 99 रुपये के मूल इश्यू प्राइस से काफी नीचे बना हुआ है।
आईपीओ की समयसीमा, प्राइस बैंड और अलॉटमेंट का गणित
अन्नू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का यह आरंभिक सार्वजनिक निर्गम निवेशकों के आवेदन के लिए 25 अगस्त को खोला गया था। कंपनी प्रबंधन ने इस पब्लिक इश्यू के तहत 10 रुपये प्रति शेयर की फेस वैल्यू वाले शेयरों के लिए 94 रुपये से लेकर 99 रुपये प्रति शेयर का अधिकृत प्राइस बैंड निर्धारित किया था। बोली की अवधि समाप्त होने के बाद, सभी योग्य निवेशकों को 99 रुपये प्रति शेयर के ऊपरी भाव पर शेयर आवंटित किए गए थे। इस आईपीओ के तहत रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 151 शेयर तय किया गया था, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक आवेदक को कम से कम एक लॉट के लिए इसी मात्रा में शेयर दिए गए थे। सब्सक्रिप्शन विंडो 28 अगस्त को बंद होने के पश्चात, कंपनी ने 31 अगस्त को शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी की थी, और सफल आवेदकों के डिमैट खातों में 1 सितंबर को शेयर क्रेडिट कर दिए गए थे।
175 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और फंड का इस्तेमाल
कंपनी का यह पूरा आईपीओ 175 करोड़ रुपये का था, जिसके लिए कुल 1,76,83,000 इक्विटी शेयर बाजार में जारी किए गए थे। इस आईपीओ की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू यानी नए शेयरों के निर्गम पर आधारित था। इसमें प्रमोटरों या मौजूदा शेयरधारकों द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए कोई ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का हिस्सा शामिल नहीं किया गया था। आईपीओ के जरिए जुटाए गए कुल 175 करोड़ रुपये के फंड के इस्तेमाल को लेकर भी कंपनी ने विस्तृत योजना सार्वजनिक की है। अन्नू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के अनुसार, जुटाई गई रकम में से 115 करोड़ रुपये का उपयोग अपनी दैनिक वर्किंग कैपिटल यानी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 15 करोड़ रुपये की राशि नए उपकरण और भारी मशीनरी खरीदने से जुड़े पूंजीगत व्यय यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर पर खर्च होगी, जबकि बची हुई शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और कंपनी के व्यावसायिक संचालन को विस्तार देने में किया जाएगा।



















