आगरा की जीवनरेखा मानी जाने वाली एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण कार्य के चलते लगाए गए बैरिकेड्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन क्षेत्रों में सिविल कार्य पूरा हो चुका है, वहाँ से बैरिकेडिंग हटाई जा रही है। लंबे समय से निर्माण गतिविधियों के कारण संकरी हो चुकी सड़क के पुनः चौड़ा होने से शहर के इस सबसे व्यस्त मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारू होने की संभावना बढ़ गई है।
इन प्रमुख चौराहों और इलाकों में मिली राहत
मेट्रो प्रशासन ने एमजी रोड के कई अहम हिस्सों से बैरिकेड्स हटा दिए हैं। वर्तमान में आगरा कॉलेज, सेंट जॉन्स, सुभाष पार्क तथा डीएम आवास के आसपास की बैरिकेडिंग हटा ली गई है। इन इलाकों में सड़क चौड़ी होने से वाहनों का प्रवाह बेहतर हुआ है। हालांकि, कुछ चिन्हित स्थानों पर पिलर निर्माण का काम अब भी जारी है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जैसे ही पिलर का निर्माण पूरा होगा, बचे हुए स्थानों से भी तुरंत बैरिकेड्स हटा दिए जाएंगे।
जाम से रोज जूझते थे दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोग
निर्माण काल के दौरान बैरिकेडिंग की वजह से एमजी रोड की चौड़ाई काफी कम हो गई थी। इसका सबसे बुरा असर सुबह दफ्तर एवं स्कूल खुलने के समय तथा शाम को छुट्टी के पीक आवर्स में देखने को मिलता था। जो दूरी सामान्य तौर पर 2 से 3 मिनट में तय हो जाती थी, उसमें 20 से 30 मिनट तक का समय लग रहा था। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि सड़क पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती थीं और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जाम खुलवाने में पसीने छूट जाते थे।
दूसरे चरण का काम अंतिम पड़ाव पर, जल्द चलेंगी ट्रेनें
आगरा मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के तहत बुनियादी ढांचे का निर्माण तेजी से पूरा किया गया है। इस नए रूट पर 5 नए मेट्रो स्टेशन पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके हैं। इन स्टेशनों से मेट्रो रेलगाड़ी के सुचारू संचालन की अंतिम तैयारियां की जा रही हैं। नए स्टेशनों पर मेट्रो सेवा शुरू होने से एमजी रोड और उसके आसपास के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का ट्रैफिक दबाव घटेगा। इससे प्रतिदिन नौकरी, पढ़ाई और खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों का कीमती समय बचेगा और शहर को एक तेज, सुरक्षित तथा आरामदायक सार्वजनिक परिवहन साधन मिलेगा।



















