वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय भारी हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर को मजबूत सहारा मिल रहा है, जिससे अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं, कीमती धातुओं और डिजिटल एसेट्स पर दबाव बढ़ गया है। विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD/USD) में गिरावट का रुझान देखा जा रहा है और विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्रा 0.7120 के सपोर्ट स्तर की ओर नीचे आ सकती है। इसके साथ ही ब्रिटिश पाउंड और यूरो में भी कमजोरी दर्ज की गई है, जबकि 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से सोने की कीमतों पर भारी दबाव बना हुआ है। दूसरी ओर, ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी जारी है और अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
ऑस्ट्रेलियन डॉलर का तकनीकी विश्लेषण: 0.7120 सपोर्ट लेवल की ओर गिरावट के संकेत
सोमवार के कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियन डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, जब यह 0.7152 के निचले स्तर तक गिरने के बाद संभलकर 0.7171 के उच्च स्तर तक पहुंचा था। कल शुरुआती एशियाई सत्र के दौरान जब ऑस्ट्रेलियन डॉलर 0.7165 के आसपास कारोबार कर रहा था, तब तकनीकी संकेतों के आधार पर अनुमान जताया गया था कि मोमेंटम में सुधार से यह 0.7155 से 0.7180 के सीमित दायरे में रह सकता है।
हालांकि, बाजार की अस्थिरता अनुमान से अधिक रही। ऑस्ट्रेलियन डॉलर 0.7181 के स्तर तक चढ़ने के बाद तेजी से नीचे गिरा और 0.7139 के निचले स्तर तक पहुंच गया। फिलहाल बाजार में गिरावट का मोमेंटम धीरे-धीरे बढ़ रहा है। आज के सत्र में ऑस्ट्रेलियन डॉलर में हल्की गिरावट की संभावना है, लेकिन वर्तमान मोमेंटम को देखते हुए मुख्य सपोर्ट स्तर 0.7120 फिलहाल पहुंच से बाहर रहने का अनुमान है। ऊपर की ओर 0.7160 पर पहला रेजिस्टेंस मौजूद है, और यदि यह 0.7170 के स्तर को पार करता है तो तात्कालिक बिकवाली का दबाव कम हो सकता है।
1 से 3 सप्ताह के दीर्घकालिक परिदृश्य की बात करें तो 31 अगस्त को (जब स्पॉट भाव 0.7160 पर था) यह स्पष्ट किया गया था कि ऑस्ट्रेलियन डॉलर में लगभग एक महीने से जारी मजबूती का दौर अब समाप्त हो चुका है। विश्लेषकों का नजरिया अभी भी यही है कि यह मुद्रा आगे 0.7120 के स्तर की तरफ गिर सकती है। यदि यह 0.7190 के मजबूत रेजिस्टेंस स्तर (जो पहले 0.7200 पर था) को ऊपर की ओर तोड़ता है, तो गिरावट का रुझान थम सकता है और यह एक निश्चित दायरे में कारोबार कर सकता है। नीचे की तरफ यदि 0.7120 का स्तर टूटता है, तो अगला महत्वपूर्ण स्तर 0.7105 होगा।
मजबूत अमेरिकी डॉलर के आगे यूरोपीय मुद्राएं पस्त, पाउंड और यूरो में गिरावट
सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ने से यूरोपीय मुद्राओं पर गहरा असर पड़ा है। बुधवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) गिरकर 1.3500 के स्तर के पास पहुंच गया। मध्य पूर्व में जारी सैन्य और राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक जोखिम भरे संपत्तियों से निकलकर अमेरिकी डॉलर का रुख कर रहे हैं। अब सभी निवेशकों की निगाहें शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट (नॉन-फार्म पेरोल) पर टिकी हैं, जिससे डॉलर की आगे की चाल तय होगी।
इसी तरह, यूरो (EUR/USD) में भी कमजोरी देखी गई और यह बुधवार के शुरुआती सत्र में 1.1575 के स्तर के पास फिसल गया। फेडरल रिजर्व के आक्रामक (हॉकिश) रुख और मध्य पूर्व के संकट के कारण अमेरिकी डॉलर यूरो पर भारी पड़ रहा है। विदेशी मुद्रा व्यापारी अब यूरोज़ोन के रिटेल सेल्स डेटा और अमेरिका के शुक्रवार को जारी होने वाले रोजगार आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
10 साल की बॉन्ड यील्ड रिकॉर्ड ऊंचाई पर, सोने में गिरावट और कच्चे तेल में उछाल
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सोने की चमक फीकी पड़ गई है। बुधवार को एशियाई कारोबार के दौरान 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.81% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। यील्ड में इस उछाल से सोने पर भारी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। सर्राफा बाजार के निवेशक अब बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज डेटा पर नजर बनाए हुए हैं।
दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल में बुधवार को लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की गई। पिछले 6 सत्रों में से 5 सत्रों में तेजी दर्ज करते हुए डब्ल्यूटीआई क्रूड एशियाई सत्र में 24 जुलाई के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
कच्चे तेल के अलावा डीजल बाजार में सप्लाई का संकट गहराता दिख रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड यानी WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया। इंट्राडे कारोबार में यह $102.00 प्रति बैरल से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो रिफाइनिंग क्षमता और सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव का संकेत है।
क्रिप्टो बाजार पर दबाव बरकरार, BTC, ETH और XRP में गिरावट
अगस्त महीने में शानदार तेजी दर्ज करने के बाद डिजिटल एसेट बाजार में अब मोमेंटम कमजोर पड़ता दिख रहा है। तकनीकी संकेतक इशारा कर रहे हैं कि बिटकॉइन (BTC), इथेरियम (ETH) और रिपल (XRP) जैसी शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी में बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है।
बिटकॉइन में शुरुआती बियरिश संकेत दिखाई दे रहे हैं। वहीं, इथेरियम $2,500 के रेजिस्टेंस लेवल से रिजेक्ट होने के बाद लगातार नीचे आ रहा है और इसमें पुलबैक जारी है। दूसरी ओर, XRP महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों के नीचे कंसोलिडेट हो रहा है, जिससे क्रिप्टो निवेशकों का नजरिया सतर्क बना हुआ है।
बाजार जोखिम और आर्थिक संकेतकों पर ध्यान देने की सलाह
वर्तमान वित्तीय माहौल में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव काफी अधिक है। केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियां, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और मुद्रास्फीति के आंकड़े आने वाले समय में करेंसी, कमोडिटी और क्रिप्टो बाजारों की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी परिसंपत्ति में निवेश करने से पहले गहन शोध और उचित जोखिम प्रबंधन की रणनीति अपनाएं।



















