वैश्विक मुद्रा बाजार में इस समय काफी हलचल देखी जा रही है, क्योंकि दुनिया भर के निवेशक और वित्तीय संस्थान बैंक ऑफ जापान (BoJ) के आगामी नीतिगत फैसले से पहले अपनी पोजीशन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और टोक्यो में मौद्रिक नीतियों को सख्त किए जाने की उम्मीदों के बीच USD/JPY मुद्रा जोड़ी (करेंसी पेयर) में हाल ही में उतार-चढ़ाव देखा गया है। 17 सितंबर 2026 को मार्केट क्लोज होने के समय USD/JPY पेयर 155.64 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो इसके पिछले क्लोजिंग स्तर 155.27 से 0.24% की मामूली बढ़त को दर्शाता है। यह मामूली बढ़त अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और जापानी मौद्रिक नीति में संभावित बदलावों के बीच चल रहे कड़े मुकाबले को दिखाती है।
बैंक ऑफ जापान की आगामी बैठक और उम्मीदें
बाजार के विश्लेषक और निवेशक बैंक ऑफ जापान की होने वाली नीतिगत बैठक पर कड़ी नजर रख रहे हैं। बाजार में यह आम सहमति बन रही है कि जापानी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे वहां की बेंचमार्क दर बढ़कर 1.25% हो जाएगी। ओसीबीसी के रणनीतिकार क्रिस्टोफर वोंग का मानना है कि हालांकि ब्याज दर में इस बढ़ोतरी की उम्मीद बाजार पहले से ही कर रहा है, लेकिन दुनिया भर के निवेशकों का मुख्य ध्यान बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा के बयानों पर होगा। निवेशक यह समझने की कोशिश करेंगे कि केंद्रीय बैंक आने वाले समय में नीतिगत बदलावों को कितनी तेजी से आगे बढ़ाएगा। यदि बैंक ऑफ जापान की ओर से मौद्रिक नीतियों को और सख्त करने के मजबूत संकेत मिलते हैं, तो जापानी येन को काफी मजबूती मिल सकती है, जिससे USD/JPY पेयर में गिरावट आ सकती है, जो फिलहाल अमेरिका में ऊंचे यील्ड के कारण टिका हुआ है।
येन कैरी ट्रेड के अंत का वैश्विक प्रभाव
पिछले एक दशक से अधिक समय से जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की, जिससे जापानी येन दुनिया में फंडिंग का सबसे सस्ता साधन बन गया था। इस प्रक्रिया को वित्तीय जगत में कैरी ट्रेड के नाम से जाना जाता है, जिसमें निवेशक बेहद कम ब्याज दरों पर जापानी येन में कर्ज लेते थे और फिर उस पैसे को अमेरिका या अन्य उभरते बाजारों जैसे अधिक मुनाफा देने वाले देशों में निवेश करते थे। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा फिर से ब्याज दरें बढ़ाने की तैयारियों के कारण यह पुराना वित्तीय चक्र अब एक नए और अनिश्चित दौर में प्रवेश कर रहा है। जैसे-जैसे जापान और अन्य प्रमुख देशों के बीच ब्याज दरों का अंतर कम होगा, येन कैरी ट्रेड का आकर्षण भी कम होता जाएगा। इसके चलते वैश्विक स्तर पर निवेश किए गए पैसे की वापसी हो सकती है, जो जापानी येन को और मजबूत बनाएगी।
फेडरल रिजर्व का रुख और ट्रेजरी यील्ड का असर
हाल ही में संपन्न हुई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के बाद से USD/JPY पेयर पर अमेरिकी बाजार के घटनाक्रमों का गहरा असर पड़ा है। फेड की बैठक के बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त दर्ज की गई, जिसने अमेरिकी डॉलर (USD) को मजबूती प्रदान की। शॉर्ट-टर्म यील्ड में हुई इस बढ़ोतरी ने शुरू में USD/JPY पेयर को ऊपर की ओर धकेला, जिससे दोनों देशों के बीच ब्याज दरों के बड़े अंतर का पता चलता है। हालांकि, बाद में फेड की आक्रामक नीतियों के कारण सात हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अमेरिकी डॉलर की रफ्तार थोड़ी थमी है, लेकिन फेड का कड़ा रुख अभी भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों को सामान्य करने की बढ़ती संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर की इस तेजी को सीमित कर दिया है, जिससे इस करेंसी पेयर में एक सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।
तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण बाजार स्तर
USD/JPY पेयर के वर्तमान तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण करने पर बाजार में एक मिश्रित रुख दिखाई देता है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 43 के स्तर पर है, जो यह दर्शाता है कि यह एसेट फिलहाल न्यूट्रल जोन में है, यानी न तो इसमें बहुत अधिक खरीदारी हुई है और न ही बहुत अधिक बिकवाली। वहीं, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) अपने -1.31 के सिग्नल लाइन के मुकाबले -1.40 पर मंदी का संकेत दे रहा है, जिसका हिस्टोग्राम -0.09 है। यह तकनीकी स्थिति स्पष्ट करती है कि बाजार में बीच-बीच में आने वाले सुधारों के बावजूद कुल मिलाकर मंदी का दबाव बना हुआ है।
मूविंग एवरेज की बात करें, तो 20-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 156.42 पर है, जबकि 50-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) 158.22 पर और 200-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA200) 157.63 पर है। सिंपल मूविंग एवरेज के संदर्भ में, SMA50 159.26 पर और SMA200 158.40 पर बना हुआ है। हालांकि यहां एक गोल्डन क्रॉस (EMA50 का EMA200 से ऊपर होना) देखा गया है, लेकिन वर्तमान कीमत इन सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे चल रही है, जो लंबे समय की गिरावट के ट्रेंड को दर्शाती है। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 45 पर होने से मजबूत ट्रेंड की पुष्टि होती है।
ट्रेडिंग के लिहाज से देखें, तो बाजार की दैनिक अस्थिरता को मापने वाला 14-दिन का एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 1.50 पर है, जिसका उपयोग स्टॉप-लॉस लगाने के लिए किया जा सकता है। इस पेयर के लिए पहला मुख्य पिवट पॉइंट 155.83 पर है। यदि बाजार ऊपर की ओर बढ़ता है, तो पहला रेजिस्टेंस (R1) 156.13 पर और दूसरा रेजिस्टेंस (R2) 156.62 पर है। वहीं, यदि बाजार में गिरावट आती है, तो पहला मुख्य सपोर्ट (S1) 155.34 पर और दूसरा सपोर्ट (S2) 155.03 पर स्थित है।
अन्य मुद्राओं और कमोडिटी बाजार की हलचल
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर अन्य मुद्राओं और कमोडिटी बाजारों पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में नई खरीदारी देखी गई, जिससे AUD/USD पेयर फिर से 0.7100 के स्तर को पार करने में सफल रहा। इस तेजी के पीछे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें और अमेरिका-ईरान के बीच राजनयिक प्रयासों की खबरों का योगदान रहा।
कमोडिटी बाजार में, सोना एक बार फिर $4,300 प्रति औंस के स्तर से ऊपर जाने में कामयाब रहा है, जो इसके पिछले छह हफ्तों के निचले स्तर से एक बड़ी रिकवरी है। यद्यपि अमेरिकी डॉलर में आई मामूली नरमी ने सोने की कीमतों को सहारा दिया है, लेकिन इसकी बड़ी तेजी पर अभी भी फेड की सख्त नीतियों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण दबाव बना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।



















