वैश्विक मुद्रा बाजारों में जापानी येन पर बना दबाव जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा है, भले ही बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीति को सख्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा हो। वित्तीय संस्थान स्टैंडर्ड चार्टर्ड के विश्लेषकों चोंग हून पार्क और निकोलस चिया का आकलन है कि जापानी केंद्रीय बैंक अपनी आगामी 17-18 सितंबर की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि कर सकता है। इस संभावित बढ़ोतरी के बाद नीतिगत दर बढ़कर 1.25% पर पहुंच जाएगी। हालांकि, विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि केवल केंद्रीय बैंक द्वारा दरें बढ़ा देने से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन को कोई स्थायी या बड़ी मजबूती मिलना बेहद मुश्किल है।
चौथी तिमाही में 155 से 160 के दायरे में पहुंच सकता है यूएसडी/जेपीवाई
मुद्रा विशेषज्ञों का कहना है कि जापानी येन से जुड़े सकारात्मक पहलू पहले ही बाजार की मौजूदा कीमतों में पूरी तरह शामिल हो चुके हैं। इस वजह से बैंक ऑफ जापान की सख्ती का असर सीमित ही रहेगा। विश्लेषकों का अनुमान है कि वर्ष की चौथी तिमाही (Q4) में यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) विनिमय दर दोबारा ऊपर की ओर रुख करेगी और 155 से 160 के दायरे के ऊपरी हिस्से में लौट सकती है। चोंग हून पार्क और निकोलस चिया ने अपने विश्लेषण में कहा कि वे सितंबर में होने वाले नीतिगत फैसले को एक एहतियाती बढ़ोतरी के तौर पर देखते हैं, जिसके बाद नीतिगत सामान्यीकरण का चरण काफी धीमा और धैर्यपूर्ण रहेगा। उनका तर्क है कि केंद्रीय बैंक किसी भी तरह के आक्रामक संदेश से बचते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में बाजार के लिए किसी भी मोर्चे पर नकारात्मक रूप से चौंकने की गुंजाइश काफी कम रह जाती है।
एशियाई सत्र में डॉलर मजबूत, 155 के करीब पहुंचा यूएसडी/जेपीवाई
मंगलवार को शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई 155.00 के स्तर की ओर लगातार बढ़ता नजर आया और इसमें और तेजी की संभावना बनी रही। बाजार के कारोबारी इस सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) और बैंक ऑफ जापान की महत्वपूर्ण नीतिगत बैठकों के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और वृद्धि के दांव तथा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपजे महंगाई के जोखिमों ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बनाए रखा है। यह मजबूत अमेरिकी बॉन्ड यील्ड डॉलर को व्यापक समर्थन दे रही है, जिससे मुद्रा जोड़े में मजबूती बनी हुई है। हालांकि, अगर बाजार बैंक ऑफ जापान के नीतिगत सामान्यीकरण के रास्ते को उम्मीद से ज्यादा सख्त मानकर दोबारा कीमत तय करता है, तो उससे येन को कुछ सहारा मिल सकता है और यह डॉलर की बढ़त को सीमित करने का काम कर सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने पर बना गहरा दबाव
अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख और बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तरों का असर अन्य प्रमुख संपत्तियों और मुद्राओं पर भी साफ देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7150 के स्तर से नीचे दबाव में बना रहा, जो कि पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब है। कच्चे तेल से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताओं, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की तेजी और आगामी एफओएमसी बैठक के मद्देनजर डॉलर की मजबूती ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को पछाड़ दिया। इसके साथ ही चीन की अगस्त महीने की गतिविधियों से जुड़े मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दिया।
इसी तरह, कीमती धातुओं के बाजार में सोना अपने मामूली शुरुआती सुधार को बनाए रखने के लिए संघर्ष करता दिखा। एशियाई सत्र में मामूली बढ़त के बावजूद सोना पिछले दिन छुए गए अपने एक महीने के निचले स्तर के करीब ही टिका रहा। कमोडिटी बाजार में सोना फिलहाल 4,300 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े से ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय अहम एफओएमसी नीतिगत बैठक शुरू होने से पहले निवेशक और कारोबारी सतर्क रुख अपनाते हुए बाजार में बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं, जिससे सोने में सुस्ती छाई हुई है।















