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बैंक ऑफ जापान की सख्ती से मुद्रा बाजारों में हलचल, 157 के पास डॉलर के मुकाबले येन में उतार-चढ़ावबाज़ार
22 सित॰ 2026, 6:50 pm (2 घंटे पहले)· 0

बैंक ऑफ जापान की सख्ती से मुद्रा बाजारों में हलचल, 157 के पास डॉलर के मुकाबले येन में उतार-चढ़ाव

बैंक ऑफ जापान द्वारा अल्पकालिक ब्याज दर 1.25 प्रतिशत किए जाने के बाद जापानी येन में भारी अस्थिरता देखी जा रही है, जबकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन की चाल एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी नीतिगत दर को बढ़ाकर इकतीस साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचाने के बाद मुद्रा बाजार में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन पिछले हफ्ते दर समीक्षा से जुड़ी चर्चाओं के बाद एक समय 157 के स्तर से नीचे आ गया था, लेकिन इसके तुरंत बाद इसमें सुधार हुआ और यह फिर से 157 के आंकड़े को पार कर गया। बाजार प्रतिभागियों की नजर अब जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप पर टिकी हुई है, जिससे येन में बहुत ज्यादा कमजोरी आने पर लगाम लगने की उम्मीद की जा रही है। दूसरी तरफ, जापान के वित्तीय बाजार दो दिनों के सार्वजनिक अवकाश के चलते बंद हैं, जिसके कारण कम लिक्विडिटी के माहौल में येन की विनिमय दर में सामान्य से अधिक उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

नीतिगत दरों में बढ़ोतरी और बैंक ऑफ जापान का रुख

बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला सात के मुकाबले दो मतों के विभाजन से लिया गया। यह निर्णय कई हफ्तों से बाजार की आम अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुकूल रहा है। मतदान में 7-2 का यह विभाजन यह दर्शाता है कि बोर्ड में दरों को लेकर पूरी तरह एकराय नहीं थी, जो अल्पावधि में जापानी मुद्रा के लिए कुछ दबाव पैदा कर सकता है। इसके बावजूद, इस फैसले का सबसे अहम पहलू यह है कि बैंक ऑफ जापान अब अपनी मौद्रिक सख्ती की रफ्तार को पहले की तुलना में तेज करने के लिए अधिक तैयार नजर आ रहा है। नीतिगत रुख में आए इस बदलाव से विश्लेषकों की वे चिंताएं काफी हद तक दूर हो रही हैं कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति और वैश्विक परिस्थितियों से निपटने में पीछे छूट रहा था।

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विदेशी मुद्रा बाजार का अनुमान और फंडिंग करेंसी का गणित

जापान में मौद्रिक सख्ती की बढ़ती तत्परता को देखते हुए मुद्रा रणनीतिकारों ने अपने साल के अंत के अनुमानों में संशोधन करना शुरू कर दिया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस बात की संभावना काफी बढ़ गई है कि डॉलर और येन की विनिमय दर साल के अंत तक 160 के बजाय 150 से 155 के दायरे में समाप्त हो सकती है। यदि आने वाले समय में जापानी येन में मजबूती का दौर लौटता है, तो वैश्विक स्तर पर कम प्रतिफल वाली मुद्रा के रूप में स्विस फ्रैंक सबसे पसंदीदा फंडिंग करेंसी बनी रह सकती है। इसका सीधा कारण यह है कि स्विस नेशनल बैंक द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दर को कम से कम साल के अंत तक 0 प्रतिशत पर बनाए रखने का अनुमान है। इसके अलावा, जापान की घरेलू बचत को जापानी संपत्तियों की ओर मोड़ने की दिशा में अब तक बहुत सीमित प्रगति हो पाई है, हालांकि विशेषज्ञों को भरोसा है कि इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए आगे चलकर अतिरिक्त नीतिगत पहल की जाएगी।

एशियाई सत्र में अन्य मुद्राओं और वित्तीय संपत्तियों का हाल

मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान केवल जापानी मुद्रा ही नहीं, बल्कि अन्य संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण गतिविधियां दर्ज की गईं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7100 के ऊपर मजबूत स्थिति में नजर आई। इसे रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त टिप्पणियों से बल मिला। हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख के कारण अमेरिकी डॉलर का आधारभूत रुझान मजबूत बना हुआ है, जिससे इस जोड़ी की तेजी सीमित हो सकती है। इसके साथ ही इस हफ्ते के अंत में होने वाले ट्रंप और शी के बीच बेहद अहम शिखर सम्मेलन पर भी सभी की निगाहें हैं। इसी बीच अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी मंगलवार को 157.50 के करीब मामूली बढ़त के साथ कारोबार करती दिखी।

सोने की कीमतों में गिरावट और बिटकॉइन में कंसोलिडेशन

कमोडिटी और डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी वैश्विक ब्याज दरों का सीधा असर दिख रहा है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। पीली धातु गिरकर 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे आ गई, हालांकि बाद में इसने थोड़ी स्थिरता हासिल करने की कोशिश की। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने की उम्मीदों ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर को सहारा दिया है, जिसका दबाव सोने पर साफ देखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन में एक दिन पहले आई 6.7 प्रतिशत की जोरदार उछाल के बाद मंगलवार को ठहराव देखने को मिला और यह 85,500 डॉलर के नीचे कारोबार करता नजर आया। इस मामूली गिरावट के बावजूद संस्थागत मांग काफी मजबूत बनी हुई है। सोमवार को स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में करीब 1 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया, जबकि स्ट्रैटेजी ने अपने ट्रेजरी भंडार में 950 BTC और जोड़े हैं।

सवाल-जवाब

बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दर में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है।
वर्तमान में डॉलर के मुकाबले जापानी येन का क्या स्तर है?
डॉलर के मुकाबले येन 157 के स्तर से नीचे फिसलने के बाद संभलकर एशियाई सत्र में 157.50 के करीब कारोबार कर रहा है।
वर्ष के अंत तक USD/JPY दर को लेकर क्या अनुमान जताया गया है?
विश्लेषकों का अनुमान है कि साल के अंत तक USD/JPY दर 160 के बजाय 150 से 155 के दायरे में समाप्त हो सकती है।
सोने और बिटकॉइन की कीमतों का क्या रुख रहा?
सोना गिरकर 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे आ गया, जबकि बिटकॉइन 6.7 प्रतिशत की छलांग के बाद 85,500 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है।
स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में हाल ही में कितना निवेश आया है?
सोमवार को स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में करीब 1 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया।
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